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बैठक में अनुपस्थित रहने पर पेयजल निगम के ईई के वेतन रोकने के निर्देश
Updated Fri, 07 Sep 2018 12:29 AM IST
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अल्मोड़ा।डीएम नितिन सिंह भदौरिया ने जिला योजना से जुड़े अधिकारियों को जिला योजना में स्वीकृत परिव्यय को समय से खर्च करने के निर्देश दिए। विकास भवन में हुई समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि जिन विभागों ने अब तक धनराशि खर्च नहीं की है वह व्यक्तिगत रुचि लेकर खर्च करें। पेयजल निगम रानीखेत के अधिशासी अभियंता के बैठक में अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पेयजल निगम रानीखेत कार्यदायी संस्था है। जिसे बैठक में आना अनिवार्य होता है। उन्होंने निर्माण कार्य से जुड़े लोनिवि, पेयजल निगम, जिला पंचायत, जल संस्थान के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह सभी कार्यों की अद्यतन सूची लेकर सीडीओ से संपर्क करेंगे ताकि वास्तविक स्थिति पता हो सके। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के निर्माण कार्यों पर नाराजगी जताते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी को व्यक्तिगत रुचि लेकर सभी कार्य समय पर पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने लोनिवि के अधिशासी अभियंता को नगर में पार्किंग के लिए स्वीकृत धनराशि से निर्माण शुरु करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बताया कि वर्ष 2018-19 के लिए जिला योजना के लिए 41 करोड़ 12 लाख रुपये का परिव्यय स्वीकृत हुआ था लेकिन शासन से 15 करोड़ 53 लाख रुपये अवमुक्त हुए थे। जिसे जिला स्तर पर सभी विभागों को अवमुक्त कर दिया था। अगस्त माह तक विभागों द्वारा 12 करोड़ 74 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
उन्होंने 20 सूत्रीय कार्यक्रम की भी समीक्षा की और बताया कि जिले में 19 विभाग ए श्रेणी में हैं। विद्युत एवं चिकित्सा विभाग बी श्रेणी तथा ग्रामीण आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना डी श्रेणी में है। उन्होंने केंद्र पोषित, बाह्य सहायतित योजनाओं, राज्य योजना सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में ग्राम्य विकास परियोजना निदेशक नरेश कुमार, जिला विकास अधिकारी केके पंत, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. विनीता साह, अर्थ संख्याधिकारी जीएस कालाकोटी, सहायक संख्याधिकारी सुनीता मल्होत्रा आदि मौजूद थे।
उन्होंने कहा कि पेयजल निगम रानीखेत कार्यदायी संस्था है। जिसे बैठक में आना अनिवार्य होता है। उन्होंने निर्माण कार्य से जुड़े लोनिवि, पेयजल निगम, जिला पंचायत, जल संस्थान के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह सभी कार्यों की अद्यतन सूची लेकर सीडीओ से संपर्क करेंगे ताकि वास्तविक स्थिति पता हो सके। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के निर्माण कार्यों पर नाराजगी जताते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी को व्यक्तिगत रुचि लेकर सभी कार्य समय पर पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने लोनिवि के अधिशासी अभियंता को नगर में पार्किंग के लिए स्वीकृत धनराशि से निर्माण शुरु करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बताया कि वर्ष 2018-19 के लिए जिला योजना के लिए 41 करोड़ 12 लाख रुपये का परिव्यय स्वीकृत हुआ था लेकिन शासन से 15 करोड़ 53 लाख रुपये अवमुक्त हुए थे। जिसे जिला स्तर पर सभी विभागों को अवमुक्त कर दिया था। अगस्त माह तक विभागों द्वारा 12 करोड़ 74 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
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उन्होंने 20 सूत्रीय कार्यक्रम की भी समीक्षा की और बताया कि जिले में 19 विभाग ए श्रेणी में हैं। विद्युत एवं चिकित्सा विभाग बी श्रेणी तथा ग्रामीण आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना डी श्रेणी में है। उन्होंने केंद्र पोषित, बाह्य सहायतित योजनाओं, राज्य योजना सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में ग्राम्य विकास परियोजना निदेशक नरेश कुमार, जिला विकास अधिकारी केके पंत, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. विनीता साह, अर्थ संख्याधिकारी जीएस कालाकोटी, सहायक संख्याधिकारी सुनीता मल्होत्रा आदि मौजूद थे।
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