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पुजारियों ने जागेश्वर मंदिर समिति प्रबंधक पर अनियिमतता के लगाए आरोप
Updated Tue, 31 Oct 2017 01:00 AM IST
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अल्मोड़ा। जागेश्वर धाम के पुजारियों ने राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर जागेश्वर धाम प्रबंधन समिति के प्रबंधक पर कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए लगाए हैं। पुजारियों ने जांच की मांग उठाते हुए इस संबंध में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि समिति द्वारा उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया गया है। मंदिर समिति के गठन के पहले वर्ष में अनुष्ठान और पूजा के लिए निर्धारित शुल्क न्यूनतम था। इसके बावजूद मंदिर को अधिक आय हुई जबकि बाद के वर्ष में अनुष्ठान और पूजा के लिए शुल्क वृद्धि करने के बावजूद आय में गिरावट आई। प्रबंधन ने सरकारी कर्मियों को पुजारी सूची से नहीं हटाया। उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद भी तीन साल का महालेखाकार से ऑडिट नहीं कराने के क्या कारण रहे।
मंदिर की घंटियों को नीलाम करने के लिए सार्वजनिक विज्ञप्ति नहीं निकाली गई। मंदिर प्रबंधन समिति ने प्राप्त आय में आयकर का कितना भुगतान किया, साथ ही मंदिर को प्राप्त चढ़ावा सार्वजनिक किया जाना चाहिए। पुजारियों ने प्रबंधक को पद से मुक्त कर आरोपों की जांच की मांग की उठाई है। शिकायत करने वालों में पुजारी कमल भट्ट, राकेश भट्ट, हरीश भट्ट, गोपाल दत्त भट्ट, चंद्रशेखर भट्ट, हेम चंद्र भट्ट, पंकज भट्ट, पूरन चंद्र भट्ट, मथुरा दत्त भट्ट, शुभम् भट्ट, कौस्तुबानंद भट्ट, विपिन चंद्र भट्ट आदि शामिल हैं।
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ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि समिति द्वारा उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया गया है। मंदिर समिति के गठन के पहले वर्ष में अनुष्ठान और पूजा के लिए निर्धारित शुल्क न्यूनतम था। इसके बावजूद मंदिर को अधिक आय हुई जबकि बाद के वर्ष में अनुष्ठान और पूजा के लिए शुल्क वृद्धि करने के बावजूद आय में गिरावट आई। प्रबंधन ने सरकारी कर्मियों को पुजारी सूची से नहीं हटाया। उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद भी तीन साल का महालेखाकार से ऑडिट नहीं कराने के क्या कारण रहे।
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मंदिर की घंटियों को नीलाम करने के लिए सार्वजनिक विज्ञप्ति नहीं निकाली गई। मंदिर प्रबंधन समिति ने प्राप्त आय में आयकर का कितना भुगतान किया, साथ ही मंदिर को प्राप्त चढ़ावा सार्वजनिक किया जाना चाहिए। पुजारियों ने प्रबंधक को पद से मुक्त कर आरोपों की जांच की मांग की उठाई है। शिकायत करने वालों में पुजारी कमल भट्ट, राकेश भट्ट, हरीश भट्ट, गोपाल दत्त भट्ट, चंद्रशेखर भट्ट, हेम चंद्र भट्ट, पंकज भट्ट, पूरन चंद्र भट्ट, मथुरा दत्त भट्ट, शुभम् भट्ट, कौस्तुबानंद भट्ट, विपिन चंद्र भट्ट आदि शामिल हैं।
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