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नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी में घुसने लगे तेंदुए
Updated Sun, 22 Oct 2017 10:10 PM IST
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अल्मोड़ा। नगर के अलावा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों तेंदुओं का आतंक गहराने लगा है। भोजन की तलाश में आबादी की ओर आकर तेंदुए जहां पशुपालकों के पशुओं को अपना निवाला बना रहे हैं वहीं लोगों पर भी जानलेवा हमला कर रहे हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय तेंदुए इन दो माह में दर्जनों पशुओं को मार चुके हैं। डर से खेत खलिहानों में काम के लिए जाने वाली महिलाएं भी अब समूह बनाकर चल रही हैं। शाम होते ही ग्रामीण घर के दरवाजे बंद करने को मजबूर हैं। इधर वन विभाग ने नगर और आसपास के संवेदनशील जगहों पर मोबाइल टीम को सक्रिय कर दिया है।
पिछले दिनों एक तेंदुए ने हवालबाग ब्लॉक के एक गांव में घास काटने गई दो महिलाओं पर जानलेवा हमला कर दिया था। ग्रामीणों की मदद से महिलाओं की जान बच सकी। इसके अलावा 14 अक्तूबर को ताड़ीखेत में बाइक में सवार कविता नाम की एक छात्रा पर तेंदुआ दिन दहाड़े झपट गया था। इसके अलावा लमगड़ा, ताकुला, भैंसियाछाना, हवालबाग ब्लॉक के कई गांवों में इन दिनों तेंदुए सक्रिय हैं और पशुपालकों के मवेशियों को मार रहे हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आबादी वाली जगहों पर आसानी से शिकार उपलब्ध होने के कारण तेंदुए बस्तियों की ओर आने लगे हैं।
पिछले दिनों वन विभाग ने नगर और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा की दृष्टि से दो मोबाइल टीमों का गठन किया गया था। जिसमें वन कर्मियों को गश्त करने के लिए बेहोश करने वाली बंदूक के अलावा अन्य उपकरण भी दिए गए थे, लेकिन इस बीच दीपावली की छुट्टियों के कारण एक ही टीम काम कर रही है। वन क्षेत्राधिकारी संचिता वर्मा ने बताया कि वर्तमान में एक मोबाइल टीम लगातार काम कर रही है। सोमवार से दूसरी टीम को भी सक्रिय कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि ज्यादा आतंक वाली जगहों पर वन विभाग ने छह पिंजरे भी लगा दिए हैं।
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पिछले दिनों एक तेंदुए ने हवालबाग ब्लॉक के एक गांव में घास काटने गई दो महिलाओं पर जानलेवा हमला कर दिया था। ग्रामीणों की मदद से महिलाओं की जान बच सकी। इसके अलावा 14 अक्तूबर को ताड़ीखेत में बाइक में सवार कविता नाम की एक छात्रा पर तेंदुआ दिन दहाड़े झपट गया था। इसके अलावा लमगड़ा, ताकुला, भैंसियाछाना, हवालबाग ब्लॉक के कई गांवों में इन दिनों तेंदुए सक्रिय हैं और पशुपालकों के मवेशियों को मार रहे हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आबादी वाली जगहों पर आसानी से शिकार उपलब्ध होने के कारण तेंदुए बस्तियों की ओर आने लगे हैं।
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पिछले दिनों वन विभाग ने नगर और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा की दृष्टि से दो मोबाइल टीमों का गठन किया गया था। जिसमें वन कर्मियों को गश्त करने के लिए बेहोश करने वाली बंदूक के अलावा अन्य उपकरण भी दिए गए थे, लेकिन इस बीच दीपावली की छुट्टियों के कारण एक ही टीम काम कर रही है। वन क्षेत्राधिकारी संचिता वर्मा ने बताया कि वर्तमान में एक मोबाइल टीम लगातार काम कर रही है। सोमवार से दूसरी टीम को भी सक्रिय कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि ज्यादा आतंक वाली जगहों पर वन विभाग ने छह पिंजरे भी लगा दिए हैं।
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