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मांगों को लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मियों का कार्य बहिष्कार शुरू
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Tue, 28 Aug 2018 12:20 AM IST
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अल्मोड़ा में विकास भवन कार्यालय प्रांगण में धरने पर बैठे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
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पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने समेत तेरह सूत्री मांगों को लेकर चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर विभिन्न विभागों के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने सोमवार से कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर करने के बाद कर्मचारियों ने विकास भवन कार्यालय प्रांगण में धरना दिया और सभा की। उन्होंने कहा कि सरकार ने डेढ़ माह बाद भी कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया है।
उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर करने के बाद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने विकास भवन कार्यालय प्रांगण में धरना दिया। इस मौके पर हुई सभा में उन्होंने कहा कि गत 24 अगस्त को पेयजल मंत्री के साथ देहरादून में हुई वार्ता विफल रही है। उन्होंने कहा कि संगठन की दस, सोलह और छब्बीस वर्ष की सेवा में एसीपी का लाभ देने की मांग पूरी नहीं की जा रही है। 4200 रुपये ग्रेड-पे देने की मांग भी लंबित है। मृत घोषित किए गए पदों को भी सरकार पुनर्जीवित नहीं कर रही है। सातवें वेतनमान का एरियर भी नहीं दिया जा रहा है। शिथिलीकरण की व्यवस्था पर भी सरकार अब तक निर्णय लेने में असफल रही है।
उन्होंने कहा कि जब तक सरकार मांगों को पूरा नहीं करती है आंदोलन चलता रहेगा। धरना स्थल पर कर्मचारियों ने मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। धरने पर महासंघ के जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह कनवाल, मोहनी भट्ट, उमा नेगी, नीता पांडे, आशु उप्रेती, चंदन गिरि, जानकी कांडपाल, आनंद राम, भगवत सिंह कनवाल, हरीश, मंजू रौतेला, कमला देवी, राजेंद्र भंडारी, प्रहलाद सिंह आदि ने भाग लिया।
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उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर करने के बाद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने विकास भवन कार्यालय प्रांगण में धरना दिया। इस मौके पर हुई सभा में उन्होंने कहा कि गत 24 अगस्त को पेयजल मंत्री के साथ देहरादून में हुई वार्ता विफल रही है। उन्होंने कहा कि संगठन की दस, सोलह और छब्बीस वर्ष की सेवा में एसीपी का लाभ देने की मांग पूरी नहीं की जा रही है। 4200 रुपये ग्रेड-पे देने की मांग भी लंबित है। मृत घोषित किए गए पदों को भी सरकार पुनर्जीवित नहीं कर रही है। सातवें वेतनमान का एरियर भी नहीं दिया जा रहा है। शिथिलीकरण की व्यवस्था पर भी सरकार अब तक निर्णय लेने में असफल रही है।
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उन्होंने कहा कि जब तक सरकार मांगों को पूरा नहीं करती है आंदोलन चलता रहेगा। धरना स्थल पर कर्मचारियों ने मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। धरने पर महासंघ के जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह कनवाल, मोहनी भट्ट, उमा नेगी, नीता पांडे, आशु उप्रेती, चंदन गिरि, जानकी कांडपाल, आनंद राम, भगवत सिंह कनवाल, हरीश, मंजू रौतेला, कमला देवी, राजेंद्र भंडारी, प्रहलाद सिंह आदि ने भाग लिया।
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