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Almora News: 419 डाकघरों में ताले, काम के पड़ गए लाले
Wed, 13 Dec 2023 11:42 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Wed, 13 Dec 2023 11:42 PM IST
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रानीखेत में सरकार के खिलाफ धरना देकर प्रदर्शन करते डाक सेवक। संवाद
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अल्मोड़ा/ बागेश्वर। ग्रामीण डाक सेवकों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। उन्होंने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर चेतावनी दी कि अब आर-पार की लड़ाई होगी और मांग पूरी होने तक वे काम पर नहीं लौटेंगे। वहीं डाक सेवकों की हड़ताल से जिले भर के 419 डाकघरों में ताले पड़े रहे। उधर हड़ताल की वजह से डाकघरों में कामकाज ठप होने से उपभोक्ताओं को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
बुधवार को जिले भर के ग्रामीण डाक सेवकों ने डाकघरों में ताले लगाकर कार्य बहिष्कार किया। नगर के प्रधान डाकघर के अलावा रानीखेत, दन्या सहित अन्य हिस्सों में डाक सेवकों ने एकत्र होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि सात सूत्री मांगों को लेकर वे लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं लेकिन नतीजा अब तक शून्य है। नगर के प्रधान डाकघर पर प्रदर्शन करने वालों में योगेंद्र प्रसाद, अनूप सिंह भुवन सिंह नेगी, जगदीश राम, जय गिरी गोस्वामी समेत कई डाक सेवक मौजूद रहे।
इधर बागेश्वर में भी अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ के आह्वान पर ग्रामीण डाक सेवक आंदोलन पर हैं। डाक सेवकों ने शाखा डाकघर के बाहर धरना दिया और मांग पूरी होने तक आंदोलन पर डटे रहने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होंगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर किशन सिंह बोरा, योगेश लोहनी, देवेंद्र तिवारी, हयात सिंह, आनंद सिंह नगरकोटी आदि मौजूद रहे। संवाद
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डाकघरों में लेनदेन ठप, लोग रहे परेशान
अल्मोड़ा। डाकघरों में ताले पड़ने से कामकाज पूरी तरह ठप रहा। ऐसे में जिले के दो लाख से अधिक डाक उपभोक्ता परेशान हैं। आरडी सहित अन्य लेनदेन नहीं हो पा रहा है। लोगों को अपनी जमा पूंजी मिलना भी मुश्किल हो गया है। जल्द ही डाक सेवक हड़ताल से नहीं लौटे तो हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।
कोट
निश्चित तौर पर डाक सेवकों की हड़ताल का असर कामकाज पर पड़ा है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कई डाकघरों में कार्य कराने के प्रयास हो रहे हैं।
- आरके बिनवाल, डाक अधीक्षक, अल्मोड़ा।
डाक सेवकों की ये हैं मांगे
- चार घंटे के बजाय आठ घंटे का काम मिले, पेंशन सहित सभी लाभ दिए जाएं।
- कमलेश चंद्र समिति की सिफारिशों को तत्काल लागू किया।
- सामूहिक बीमा कवरेज की धनराशि पांच लाख तक बढ़ाई जाए।
- डाक सेवक और उनके परिवार के सदस्यों को चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए।
- सेवा निर्वहन लाभ योजना में जीडीएस और विभाग के योगदान को तीन से बढ़ाकर 10 प्रतिशत करें।
- व्यावसायिक लक्ष्यों के लिए सोशल मीडिया और मोबाइल उपकरणों का उपयोग करने के लिए मजबूर न किया जाए।
- सेवाओं को बढ़ाने और तेज करने के लिए सभी शाखा कार्यालयों को लैपटॉप, प्रिंटर और ब्रॉडबैंड नेटवर्क दिया जाए।
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बुधवार को जिले भर के ग्रामीण डाक सेवकों ने डाकघरों में ताले लगाकर कार्य बहिष्कार किया। नगर के प्रधान डाकघर के अलावा रानीखेत, दन्या सहित अन्य हिस्सों में डाक सेवकों ने एकत्र होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि सात सूत्री मांगों को लेकर वे लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं लेकिन नतीजा अब तक शून्य है। नगर के प्रधान डाकघर पर प्रदर्शन करने वालों में योगेंद्र प्रसाद, अनूप सिंह भुवन सिंह नेगी, जगदीश राम, जय गिरी गोस्वामी समेत कई डाक सेवक मौजूद रहे।
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इधर बागेश्वर में भी अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ के आह्वान पर ग्रामीण डाक सेवक आंदोलन पर हैं। डाक सेवकों ने शाखा डाकघर के बाहर धरना दिया और मांग पूरी होने तक आंदोलन पर डटे रहने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होंगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर किशन सिंह बोरा, योगेश लोहनी, देवेंद्र तिवारी, हयात सिंह, आनंद सिंह नगरकोटी आदि मौजूद रहे। संवाद
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डाकघरों में लेनदेन ठप, लोग रहे परेशान
अल्मोड़ा। डाकघरों में ताले पड़ने से कामकाज पूरी तरह ठप रहा। ऐसे में जिले के दो लाख से अधिक डाक उपभोक्ता परेशान हैं। आरडी सहित अन्य लेनदेन नहीं हो पा रहा है। लोगों को अपनी जमा पूंजी मिलना भी मुश्किल हो गया है। जल्द ही डाक सेवक हड़ताल से नहीं लौटे तो हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।
कोट
निश्चित तौर पर डाक सेवकों की हड़ताल का असर कामकाज पर पड़ा है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कई डाकघरों में कार्य कराने के प्रयास हो रहे हैं।
- आरके बिनवाल, डाक अधीक्षक, अल्मोड़ा।
डाक सेवकों की ये हैं मांगे
- चार घंटे के बजाय आठ घंटे का काम मिले, पेंशन सहित सभी लाभ दिए जाएं।
- कमलेश चंद्र समिति की सिफारिशों को तत्काल लागू किया।
- सामूहिक बीमा कवरेज की धनराशि पांच लाख तक बढ़ाई जाए।
- डाक सेवक और उनके परिवार के सदस्यों को चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए।
- सेवा निर्वहन लाभ योजना में जीडीएस और विभाग के योगदान को तीन से बढ़ाकर 10 प्रतिशत करें।
- व्यावसायिक लक्ष्यों के लिए सोशल मीडिया और मोबाइल उपकरणों का उपयोग करने के लिए मजबूर न किया जाए।
- सेवाओं को बढ़ाने और तेज करने के लिए सभी शाखा कार्यालयों को लैपटॉप, प्रिंटर और ब्रॉडबैंड नेटवर्क दिया जाए।