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हाय काकड़ी झिलमा, लूंण पिसो सिलमा महोना.......................
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। कुमाऊं की लोक संस्कृति के संरक्षण को लेकर सुदूरवर्ती सिलोर महादेव मंदिर में आयोजित कार्यक्रमों में लोगों को हुजूम उमड़ पड़ा। मुख्य अतिथि द्वाराहाट की ब्लॉक प्रमुख ममता भट्ट ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से प्राचीन संस्कृति का संरक्षण होगा।
लोक गायक बिशन सिंह हरियाला ने ‘राणिखेतेकि हिमुली बाना’, आशा जोशी ने ‘हाय काकड़ी झिलमा’, सुनील कुमार ने ‘पारे भीड़ेकि बसंती छोरी’ आदि गीत प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों ने अपना हुनर दिखाया। किन्हीं कारणों से मेले में नहीं पहुंचे रानीखेत विधायक करन माहरा ने मेले के संरक्षण के लिए विधायक निधि से एक लाख रुपये देने का संदेश भिजवाया। वहां हीरा रावत, कैलाश भट्ट, ध्यान सिंह नेगी, दीप भगत, हिमांशी बिष्ट, चंद्रशेखर आदि थे। ब्यूरो
लोक गायक बिशन सिंह हरियाला ने ‘राणिखेतेकि हिमुली बाना’, आशा जोशी ने ‘हाय काकड़ी झिलमा’, सुनील कुमार ने ‘पारे भीड़ेकि बसंती छोरी’ आदि गीत प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों ने अपना हुनर दिखाया। किन्हीं कारणों से मेले में नहीं पहुंचे रानीखेत विधायक करन माहरा ने मेले के संरक्षण के लिए विधायक निधि से एक लाख रुपये देने का संदेश भिजवाया। वहां हीरा रावत, कैलाश भट्ट, ध्यान सिंह नेगी, दीप भगत, हिमांशी बिष्ट, चंद्रशेखर आदि थे। ब्यूरो
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