{"_id":"5b57660c4f1c1b48748b6bd5","slug":"31532454412-almora-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शासन ने एक और दूध एटीएम वाहन की दी स्वीकृति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शासन ने एक और दूध एटीएम वाहन की दी स्वीकृति
Updated Tue, 24 Jul 2018 11:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। दुग्ध संघ अल्मोड़ा जल्द ही एक और दूध एटीएम वाहन से जनता को दूध उपलब्ध कराएगा। शासन ने दूध एटीएम वाहन के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है। दुग्ध संघ की जिले में 225 दुग्ध समितियों में से सौ समितियां कंप्यूटराइज्ड हो गई हैं।
दुग्ध संघ के अध्यक्ष कुंवर सिंह गुसाईं ने बताया कि वर्तमान में अल्मोड़ा में विभाग द्वारा एक दूध एटीएम वाहन संचालित किया जा रहा है। जिससे लोगों को दूध खरीदने में सुविधा हो रही है। शासन ने एक और दूध एटीएम दुग्ध संघ को प्रदान करने की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। धनराशि अवमुक्त होने पर शहर में एक और दूध एटीएम वाहन विभाग द्वारा चलाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि बताया कि दुग्ध संघ की योजना दही का पांच लीटर पैक, छेना रबड़ी, घी के 100 मिली, 200 मिली पैक भी जनता की सुविधा के लिए बाजार में उतारने की योजना है। इसके अलावा छोटे रैपरों में चाकलेट के पीस भी उपलब्ध कराए जाएंगे। जिले की 225 दुग्ध समितियों में से सौ समितियां कंप्यूटराइज्ड कर दी गई हैं। जिससे समितियों में उत्पादकों द्वारा दिए जाने वाले दूध की जांच और मूल्य पर्ची हाथों हाथ मिल जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
दुग्ध संघ के अध्यक्ष कुंवर सिंह गुसाईं ने बताया कि वर्तमान में अल्मोड़ा में विभाग द्वारा एक दूध एटीएम वाहन संचालित किया जा रहा है। जिससे लोगों को दूध खरीदने में सुविधा हो रही है। शासन ने एक और दूध एटीएम दुग्ध संघ को प्रदान करने की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। धनराशि अवमुक्त होने पर शहर में एक और दूध एटीएम वाहन विभाग द्वारा चलाया जाएगा।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि बताया कि दुग्ध संघ की योजना दही का पांच लीटर पैक, छेना रबड़ी, घी के 100 मिली, 200 मिली पैक भी जनता की सुविधा के लिए बाजार में उतारने की योजना है। इसके अलावा छोटे रैपरों में चाकलेट के पीस भी उपलब्ध कराए जाएंगे। जिले की 225 दुग्ध समितियों में से सौ समितियां कंप्यूटराइज्ड कर दी गई हैं। जिससे समितियों में उत्पादकों द्वारा दिए जाने वाले दूध की जांच और मूल्य पर्ची हाथों हाथ मिल जाती है।
विज्ञापन