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उपचार के अभाव में 24 वर्षीय गर्भवती महिला की मौत
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मौलेखाल (अल्मोड़ा)। समय पर और पर्याप्त उपचार नहीं मिलने से पर्वतीय क्षेत्र की एक और गर्भवती की जान चली गई। सल्ट के देवायल गांव निवासी 24 वर्षीय गर्भवती की रामनगर से हल्द्वानी को उपचार के लिए ले जाते समय मौत हो गई।
सल्ट देवायल निवासी महिला मंजू देवी (24) पत्नी लक्ष्मण सिंह को सोमवार को प्रसव पीड़ा हुई। प्रसव पीड़ा होने पर सोमवार को परिजन अपराह्न दो बजे मंजू को उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र देवालय ले गए। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने मंजू को सोमवार शाम रामनगर रेफर कर दिया। 108 एंबुलेंस नहीं मिलने से परिजन उसे प्राइवेट वाहन में रामनगर अस्पताल में उपचार के लिए ले गए। बताया जाता है कि मंगलवार को रामनगर अस्पताल से मंजू को उपचार के लिए हल्द्वानी रेफर कर दिया। हल्द्वानी ले जाते समय मंजू ने कालाढ़ूूंगी के पास रास्ते में ही दम तोड़ दिया। बताया जाता है कि उसके पेट में जुड़वां बच्चे थे।
ग्राम प्रधान संगठन सल्ट के पूर्व अध्यक्ष गोपाल सिंह रावत ने आरोप लगाया है कि सल्ट और रामनगर में सही उपचार नहीं मिलने से महिला और उसके पेट में पल रहे दो जुड़वां बच्चों की मौत हो गई। सल्ट से रामनगर ले जाने के लिए उसे 108 एंबुलेंस भी उपलब्ध नहीं हो पाई। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। गोपाल रावत ने इसको लेकर शिकायती पत्र भी मुख्यमंत्री को भेजा है।
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इधर देवायल अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सौरभ ने बताया कि महिला के पेट में जुड़वा बच्चे थे। प्रसव के निर्धारित समय से पहले मंजू की तबियत बिगड़ गई थी। जिस कारण मंजू को हायर सेंटर रेफर किया गया।
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सल्ट देवायल निवासी महिला मंजू देवी (24) पत्नी लक्ष्मण सिंह को सोमवार को प्रसव पीड़ा हुई। प्रसव पीड़ा होने पर सोमवार को परिजन अपराह्न दो बजे मंजू को उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र देवालय ले गए। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने मंजू को सोमवार शाम रामनगर रेफर कर दिया। 108 एंबुलेंस नहीं मिलने से परिजन उसे प्राइवेट वाहन में रामनगर अस्पताल में उपचार के लिए ले गए। बताया जाता है कि मंगलवार को रामनगर अस्पताल से मंजू को उपचार के लिए हल्द्वानी रेफर कर दिया। हल्द्वानी ले जाते समय मंजू ने कालाढ़ूूंगी के पास रास्ते में ही दम तोड़ दिया। बताया जाता है कि उसके पेट में जुड़वां बच्चे थे।
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ग्राम प्रधान संगठन सल्ट के पूर्व अध्यक्ष गोपाल सिंह रावत ने आरोप लगाया है कि सल्ट और रामनगर में सही उपचार नहीं मिलने से महिला और उसके पेट में पल रहे दो जुड़वां बच्चों की मौत हो गई। सल्ट से रामनगर ले जाने के लिए उसे 108 एंबुलेंस भी उपलब्ध नहीं हो पाई। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। गोपाल रावत ने इसको लेकर शिकायती पत्र भी मुख्यमंत्री को भेजा है।
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इधर देवायल अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सौरभ ने बताया कि महिला के पेट में जुड़वा बच्चे थे। प्रसव के निर्धारित समय से पहले मंजू की तबियत बिगड़ गई थी। जिस कारण मंजू को हायर सेंटर रेफर किया गया।