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नैनवाल की घर वापसी से रानीखेत भाजपा कार्यकर्ताओं में उबाल
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ निर्दलीय ताल ठोंकने वाले प्रमोद नैनवाल की भाजपा में वापसी से रानीखेत विधानसभा क्षेत्र के पार्टी कार्यकर्ता भड़क गए हैं। ताड़ीखेत में तीनों मंडलों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बैठक कर नैनवाल को बर्दाश्त नहीं करने का एलान किया।
पार्टी पर सिद्धांतों से भटकने की तोहमत तक मढ़ डाली। कहा कि ज्वाइनिंग के लिए विस क्षेत्र के पदाधिकारियों को विश्वास में नहीं लिया गया। रानीखेत विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं और कई पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के अंदर इस मसले पर पुनर्विचार नहीं हुआ तो पदाधिकारी पदों से सामूहिक इस्तीफा देंगे, साथ ही लोस चुनाव का बहिष्कार करेंगे। बैठक के दौरान प्रमोद नैनवाल के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
अल्मोड़ा में प्रमोद नैनवाल को पार्टी ज्वाइन कराने पर रानीखेत विस क्षेत्र के कार्यकर्ता विरोध में उतर गए। कहा कि 2017 में नैनवाल ने निर्दलीय चुनाव लड़कर रानीखेत को विकास के क्षेत्र में पांच साल पीछे धकेल दिया, उस वक्त प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट जीतते तो वह उच्च पद पर आसीन होते, इसका फायदा रानीखेत को मिलता। आरोप लगाए कि नैनवाल ने चुनाव के वक्त भाजपा कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित करने का कार्य किया, ऐसे व्यक्ति को पार्टी में वापस लाना भविष्य के लिए शुभ संकेत नहीं है।
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कार्यकर्ताओं ने कहा कि वह लोग रानीखेत विस क्षेत्र में प्रमोद नैनवाल को बर्दाश्त नहीं करेंगे। कहा कि पार्टी का सिद्धांत था कि जिस क्षेत्र के व्यक्ति को पार्टी में ज्वाइन कराना है पहले उस क्षेत्र के विधायक अथवा मंडलों के पदाधिकारियों को पूछना चाहिए था, लेकिन यहां उनसे नहीं पूछा गया, गुपचुप तरीके से अल्मोड़ा में नैनवाल को पार्टी में दोबारा वापस ले आया गया, इससे रानीखेत के कार्यकर्ता हताश और निराश हैं।
बैठक जिला महामंत्री प्रेम शर्मा, पूर्व प्रमुख धन सिंह रावत, मंडल अध्यक्ष त्रिलोक भंडारी, ध्यान सिंह नेगी, पान सिंह, मदन सिंह मेहरा, पान सिंह, ललित पांडे आदि मौजूद थे।
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पार्टी पर सिद्धांतों से भटकने की तोहमत तक मढ़ डाली। कहा कि ज्वाइनिंग के लिए विस क्षेत्र के पदाधिकारियों को विश्वास में नहीं लिया गया। रानीखेत विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं और कई पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के अंदर इस मसले पर पुनर्विचार नहीं हुआ तो पदाधिकारी पदों से सामूहिक इस्तीफा देंगे, साथ ही लोस चुनाव का बहिष्कार करेंगे। बैठक के दौरान प्रमोद नैनवाल के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
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अल्मोड़ा में प्रमोद नैनवाल को पार्टी ज्वाइन कराने पर रानीखेत विस क्षेत्र के कार्यकर्ता विरोध में उतर गए। कहा कि 2017 में नैनवाल ने निर्दलीय चुनाव लड़कर रानीखेत को विकास के क्षेत्र में पांच साल पीछे धकेल दिया, उस वक्त प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट जीतते तो वह उच्च पद पर आसीन होते, इसका फायदा रानीखेत को मिलता। आरोप लगाए कि नैनवाल ने चुनाव के वक्त भाजपा कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित करने का कार्य किया, ऐसे व्यक्ति को पार्टी में वापस लाना भविष्य के लिए शुभ संकेत नहीं है।
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कार्यकर्ताओं ने कहा कि वह लोग रानीखेत विस क्षेत्र में प्रमोद नैनवाल को बर्दाश्त नहीं करेंगे। कहा कि पार्टी का सिद्धांत था कि जिस क्षेत्र के व्यक्ति को पार्टी में ज्वाइन कराना है पहले उस क्षेत्र के विधायक अथवा मंडलों के पदाधिकारियों को पूछना चाहिए था, लेकिन यहां उनसे नहीं पूछा गया, गुपचुप तरीके से अल्मोड़ा में नैनवाल को पार्टी में दोबारा वापस ले आया गया, इससे रानीखेत के कार्यकर्ता हताश और निराश हैं।
बैठक जिला महामंत्री प्रेम शर्मा, पूर्व प्रमुख धन सिंह रावत, मंडल अध्यक्ष त्रिलोक भंडारी, ध्यान सिंह नेगी, पान सिंह, मदन सिंह मेहरा, पान सिंह, ललित पांडे आदि मौजूद थे।