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रक्तदान के लिए आगे आए सिख रेजीमेंट के जवान
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अल्मोड़ा। जिला अस्पताल में स्थित ब्लड बैंक में मरीजों को अब रक्त की कमी नहीं होगी। सेना की सिख रेजीमेंट रक्तदान के लिए आगे आई है। रेजीमेंट के करीब 55 जवान जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में रक्तदान करेंगे। डोनरों के आगे नहीं आने से पिछले दिनों ब्लड बैंक में रक्त की काफी कमी हो गई थी।
मालूम हो कि पिछले दिनों जिला अस्पताल में मरीजों को देने के लिए ब्लड बैंक में रक्त की काफी कमी हो गई थी। जो रक्त था वह केवल इमरजेंसी के लिए रखा गया था। डोनरों के आगे नहीं आने से पिछले 20-25 दिनों से यह समस्या आ रही थी। 24 जनवरी के अंक में इस बारे में अमर उजाला में भी प्रमुखता से खबर प्रकाशित हुई थी। दरअसल विभिन्न जगहों पर रक्तदान शिविर लगने और डोनरों के आगे आने से ब्लड बैंक में बराबर रक्त उपलब्ध रहता है और अस्पताल में भर्ती मरीजों या फिर आपरेशन के वक्त गर्भवती महिलाओं, दुर्घटना के वक्त पीड़ितों को जरूरत के मुताबिक रक्त दिया जाता है।
ब्लड बैंक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार ए पाजीटिव, ओ और बी वर्ग के रक्त की कमी होने से ज्यादा समस्या आ रही है। जिसमें भी खासकर ए पाजीटिव रक्त की डिमांड सबसे ज्यादा रहती है। ब्लड बैंक अधिकारी डॉ. आरएस साही के अनुसार डोनरों के आगे नहीं आने से कभी-कभी यह समस्या आ खड़ी होती है। रक्तदान शिविर आयोजित करने के लिए कई जगहों पर संपर्क किया गया है।
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इधर रक्तदान के लिए सिख रेजीमेंट सामने आ गई है। रेडक्रॉस समिति के प्रदेश प्रतिनिधि बीएस मनकोटी ने बताया कि रेजीमेंट के 55 जवानों ने रक्तदान करने की इच्छा जताई है। फरवरी दूसरे हफ्ते तक रक्तदान शिविर लगाया जाएगा।
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मालूम हो कि पिछले दिनों जिला अस्पताल में मरीजों को देने के लिए ब्लड बैंक में रक्त की काफी कमी हो गई थी। जो रक्त था वह केवल इमरजेंसी के लिए रखा गया था। डोनरों के आगे नहीं आने से पिछले 20-25 दिनों से यह समस्या आ रही थी। 24 जनवरी के अंक में इस बारे में अमर उजाला में भी प्रमुखता से खबर प्रकाशित हुई थी। दरअसल विभिन्न जगहों पर रक्तदान शिविर लगने और डोनरों के आगे आने से ब्लड बैंक में बराबर रक्त उपलब्ध रहता है और अस्पताल में भर्ती मरीजों या फिर आपरेशन के वक्त गर्भवती महिलाओं, दुर्घटना के वक्त पीड़ितों को जरूरत के मुताबिक रक्त दिया जाता है।
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ब्लड बैंक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार ए पाजीटिव, ओ और बी वर्ग के रक्त की कमी होने से ज्यादा समस्या आ रही है। जिसमें भी खासकर ए पाजीटिव रक्त की डिमांड सबसे ज्यादा रहती है। ब्लड बैंक अधिकारी डॉ. आरएस साही के अनुसार डोनरों के आगे नहीं आने से कभी-कभी यह समस्या आ खड़ी होती है। रक्तदान शिविर आयोजित करने के लिए कई जगहों पर संपर्क किया गया है।
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इधर रक्तदान के लिए सिख रेजीमेंट सामने आ गई है। रेडक्रॉस समिति के प्रदेश प्रतिनिधि बीएस मनकोटी ने बताया कि रेजीमेंट के 55 जवानों ने रक्तदान करने की इच्छा जताई है। फरवरी दूसरे हफ्ते तक रक्तदान शिविर लगाया जाएगा।