{"_id":"5b8d802242c79210c826cec2","slug":"21536000034-almora-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रदेश में 500 हेक्टेयर में होंगे चाय बागान विकसित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रदेश में 500 हेक्टेयर में होंगे चाय बागान विकसित
Updated Tue, 04 Sep 2018 12:10 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अल्मोड़ा। नाबार्ड के सहयोग से उत्तराखंड चाय विकास बोर्ड तीन वर्षों में तीन सौ हेक्टेयर के स्थान पर अब पांच सौ हेक्टेयर क्षेत्र में चाय प्लांटेशन करेगा। नाबार्ड ने इस संबंध में चाय विकास बोर्ड को संशोधित प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा है। यह प्लांटेशन अल्मोड़ा, चंपावत, बागेश्वर, चमोली, रुद्रप्रयाग जिलों के नए इलाकों में किया जाना।
चाय विकास बोर्ड अब तक प्रदेश के पर्वतीय जिलों में कुल 1173 हेक्टेयर क्षेत्र में चाय का प्लांटेशन कर चुका है। चाय विकास बोर्ड की आगामी तीन सालों में नए क्षेत्रों में चाय की 300 हेक्टेयर भूमि में प्लांटेशन की योजना बनाई थी। कुल 22 करोड़ रुपये की लागत की इस योजना में नाबार्ड का अंशदान 19 करोड़ है, जबकि शेष बजट की व्यवस्था भारतीय टी बोर्ड और मनरेगा के माध्यम से की जानी थी।
बोर्ड ने पहले 300 हेक्टेयर नए क्षेत्रों में प्लांटेशन और नर्सरी विकसित करने के लिए कुल 22 करोड़ का प्रस्ताव नाबार्ड को भेजा था। गत दिवस देहरादून में बोर्ड के अधिकारियों की नाबार्ड के अधिकारियों के साथ बैठक हुई। जिसमें नाबार्ड ने टी-बोर्ड को तीन सालों में तीन सौ के स्थान पर पांच सौ हेक्टेयर में प्लांटेशन करने और बोर्ड की नर्सरी में तैयार पौधे लगाने संबंधित संशोधित प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा है। इधर टी-बोर्ड के निदेशक संजय श्रीवास्तव ने बताया कि इस सबंध में संशोधित प्रस्ताव तैयार कर नाबार्ड को भेजा जाएगा।
विज्ञापन
चंपावत चाय फैक्ट्री की बढ़ेगी क्षमता और बनेगा नया भवन
अल्मोड़ा। उत्तराखंड टी बोर्ड की चंपावत में स्थापित चाय फैक्ट्री की क्षमता में बढ़ोतरी होगी और अपना भवन भी बनेगा। बोर्ड के वित्त अधिकारी अनिल खोलिया ने बताया कि चंपावत में वर्तमान में किराए के भवन में चल रही चाय फैक्ट्री की क्षमता 10 हजार किलो की है। मुख्यमंत्री के अपर सचिव डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट से देहरादून में हुई बैठक में तय हुआ कि चाय फैक्ट्री की क्षमता बढ़ाकर 50 हजार किलो की जाएगी ।
चाय विकास बोर्ड अब तक प्रदेश के पर्वतीय जिलों में कुल 1173 हेक्टेयर क्षेत्र में चाय का प्लांटेशन कर चुका है। चाय विकास बोर्ड की आगामी तीन सालों में नए क्षेत्रों में चाय की 300 हेक्टेयर भूमि में प्लांटेशन की योजना बनाई थी। कुल 22 करोड़ रुपये की लागत की इस योजना में नाबार्ड का अंशदान 19 करोड़ है, जबकि शेष बजट की व्यवस्था भारतीय टी बोर्ड और मनरेगा के माध्यम से की जानी थी।
विज्ञापन
बोर्ड ने पहले 300 हेक्टेयर नए क्षेत्रों में प्लांटेशन और नर्सरी विकसित करने के लिए कुल 22 करोड़ का प्रस्ताव नाबार्ड को भेजा था। गत दिवस देहरादून में बोर्ड के अधिकारियों की नाबार्ड के अधिकारियों के साथ बैठक हुई। जिसमें नाबार्ड ने टी-बोर्ड को तीन सालों में तीन सौ के स्थान पर पांच सौ हेक्टेयर में प्लांटेशन करने और बोर्ड की नर्सरी में तैयार पौधे लगाने संबंधित संशोधित प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा है। इधर टी-बोर्ड के निदेशक संजय श्रीवास्तव ने बताया कि इस सबंध में संशोधित प्रस्ताव तैयार कर नाबार्ड को भेजा जाएगा।
विज्ञापन
चंपावत चाय फैक्ट्री की बढ़ेगी क्षमता और बनेगा नया भवन
अल्मोड़ा। उत्तराखंड टी बोर्ड की चंपावत में स्थापित चाय फैक्ट्री की क्षमता में बढ़ोतरी होगी और अपना भवन भी बनेगा। बोर्ड के वित्त अधिकारी अनिल खोलिया ने बताया कि चंपावत में वर्तमान में किराए के भवन में चल रही चाय फैक्ट्री की क्षमता 10 हजार किलो की है। मुख्यमंत्री के अपर सचिव डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट से देहरादून में हुई बैठक में तय हुआ कि चाय फैक्ट्री की क्षमता बढ़ाकर 50 हजार किलो की जाएगी ।