{"_id":"5b4101474f1c1b91288b523f","slug":"21530986823-almora-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लापरवाही से वाहन चलाने पर चालक को दो साल का कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लापरवाही से वाहन चलाने पर चालक को दो साल का कारावास
Updated Sat, 07 Jul 2018 11:37 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। न्यायिक मजिस्ट्रेट भिकियासैंण ने अपने एक फैसले में लापरवाही से वाहन चलाने पर चालक को दो वर्ष के कारावास की सजा से दंडित किया है।
22 मई 2009 को एक बारात बस संख्या यूपी 07, 6255 में स्याल्दे से रुचिखाल की तरफ रवाना हुई। चालक की लापरवाही से रुचिखाल के निकट बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई और आठ घायल हो गए। इस मामले में चालक के खिलाफ राजस्व पुलिस में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट धर्मेंद्र साह की अदालत में हुई। जहां अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी राहुल गौतम ने न्यायालय में 11 गवाह पेश किए।
न्यायिक मजिस्ट्रेट धर्मेंद्र साह ने पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों और दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपने फैसले में चालक रमेश चंद्र को धारा 279 में छह माह का कारावास और 500 रुपये जुर्माना, धारा 304ए में दो वर्ष कारावास और दो हजार रुपये जुर्माना, धारा 337 में छह माह का कारावास और सौ रुपये जुर्माना और धारा 338 में दो साल का कारावास और 500 रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
विज्ञापन
22 मई 2009 को एक बारात बस संख्या यूपी 07, 6255 में स्याल्दे से रुचिखाल की तरफ रवाना हुई। चालक की लापरवाही से रुचिखाल के निकट बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई और आठ घायल हो गए। इस मामले में चालक के खिलाफ राजस्व पुलिस में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट धर्मेंद्र साह की अदालत में हुई। जहां अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी राहुल गौतम ने न्यायालय में 11 गवाह पेश किए।
न्यायिक मजिस्ट्रेट धर्मेंद्र साह ने पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों और दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपने फैसले में चालक रमेश चंद्र को धारा 279 में छह माह का कारावास और 500 रुपये जुर्माना, धारा 304ए में दो वर्ष कारावास और दो हजार रुपये जुर्माना, धारा 337 में छह माह का कारावास और सौ रुपये जुर्माना और धारा 338 में दो साल का कारावास और 500 रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
विज्ञापन