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बारिश नहीं होने से रबी की फसल पर संकट के बादल
Updated Wed, 17 Jan 2018 11:13 PM IST
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अल्मोड़ा। लंबी अवधि से बारिश नहीं होने से किसानों की खेती पर संकट पैदा हो गया है। नमी की कमी के कारण पौध जड़ नहीं पकड़ पाए हैं। जो पौध जम भी गए हैं उनकी लंबी अवधि के सूखे और पाले के कारण उत्पादन क्षमता घट गई है। खासकर असिंचित क्षेत्र में उत्पादन ज्यादा प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। कृषि विभाग अभी तक फसल को लगभग 15 से 20 प्रतिशत तक नुकसान होने की आशंका जता रहा है और अगर आगे भी बारिश नहीं हुई तो नुकसान बढ़ सकता है। हालांकि कृषि विभाग की टीमें इन दिनों सर्वेक्षण कर रही हैं और रिपोर्ट आने में कुछ समय लगेगा।
जिले में लगभग 44 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में खेती की जाती है। इन दिनों रबी की गेहूं, जौ, मटर, आलू के अलावा मसूर, राई, सरसों की फसलें बोई जाती हैं। जिले के सोमेश्वर, धौलादेवी, भैंसियाछाना, रानीखेत, चौखुटिया, सल्ट, भिकियासैंण आदि क्षेत्रों में इन फसलों की अच्छी पैदावार होती है। घाटी वाले जिन इलाकों में सिंचाई की सुविधा है वहां फसलों को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा है, लेकिन ऊंचाई वाले असिंचित क्षेत्रों में फसल की स्थिति अच्छी नहीं है। बारिश नहीं होने से असिंचित क्षेत्रों में फसलों का जमाव ही अच्छी तरह से नहीं हो सका है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जल्द बारिश नहीं हुई तो असिंचित क्षेत्रों में फसल को भारी नुकसान हो सकता है।
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जिले में लगभग 44 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में खेती की जाती है। इन दिनों रबी की गेहूं, जौ, मटर, आलू के अलावा मसूर, राई, सरसों की फसलें बोई जाती हैं। जिले के सोमेश्वर, धौलादेवी, भैंसियाछाना, रानीखेत, चौखुटिया, सल्ट, भिकियासैंण आदि क्षेत्रों में इन फसलों की अच्छी पैदावार होती है। घाटी वाले जिन इलाकों में सिंचाई की सुविधा है वहां फसलों को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा है, लेकिन ऊंचाई वाले असिंचित क्षेत्रों में फसल की स्थिति अच्छी नहीं है। बारिश नहीं होने से असिंचित क्षेत्रों में फसलों का जमाव ही अच्छी तरह से नहीं हो सका है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जल्द बारिश नहीं हुई तो असिंचित क्षेत्रों में फसल को भारी नुकसान हो सकता है।
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