{"_id":"5c95232dbdec22147609e568","slug":"201553277741-almora-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कपड़े सुखाने छत पर गई युवती पर बंदरो के झुंड ने किया हमला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कपड़े सुखाने छत पर गई युवती पर बंदरो के झुंड ने किया हमला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अल्मोड़ा। नगर में बंदरों का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। कटखने बंदर राह चलते लोगों को काटकर घायल कर रहे हैं। शुक्रवार को लोअर मालरोड पांडखोला निवासी जिला अस्पताल में तैनात मुख्य प्रशासनिक अधिकारी जगदीश पांडे की पुत्री प्रियंका (23) पर बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया। बंदरों के डर से छत से कूदने पर प्रियंका का पैर फ्रैक्चर हो गया। प्रियंका का जिला अस्पताल में उपचार कराया गया। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और नगरपालिका से बंदरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार को प्रियंका छत में कपड़े सुखाने पहुंची। इसी दौरान वहां मौजूद बंदरों के झुंड ने प्रियंका पर पीछे से हमला कर दिया। बंदरों के डर से प्रियंका पड़ोस की छत में 15 फीट ऊपर से कूद पड़ी। जिससे प्रियंका का एक पैर फ्रैक्चर हो गया। चोट लगने पर परिजन और पड़ोसी घायल प्रियंका को लेकर बेस अस्पताल ले आए। जहां चिकित्सकों ने युवती के पैर में प्लास्टर चढ़ाया।
इधर क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया है कि निकाय चुनाव के दौरान लोगों ने बंदरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की थी लेकिन चार माह बीत गए अभी तक बंदरों को पकड़ने की कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि पालिका बोर्ड नागरिकों की सुविधाओं के प्रति उदासीन बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार को प्रियंका छत में कपड़े सुखाने पहुंची। इसी दौरान वहां मौजूद बंदरों के झुंड ने प्रियंका पर पीछे से हमला कर दिया। बंदरों के डर से प्रियंका पड़ोस की छत में 15 फीट ऊपर से कूद पड़ी। जिससे प्रियंका का एक पैर फ्रैक्चर हो गया। चोट लगने पर परिजन और पड़ोसी घायल प्रियंका को लेकर बेस अस्पताल ले आए। जहां चिकित्सकों ने युवती के पैर में प्लास्टर चढ़ाया।
विज्ञापन
इधर क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया है कि निकाय चुनाव के दौरान लोगों ने बंदरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की थी लेकिन चार माह बीत गए अभी तक बंदरों को पकड़ने की कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि पालिका बोर्ड नागरिकों की सुविधाओं के प्रति उदासीन बनी हुई है।
विज्ञापन