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अल्मोड़ा को जिला विकास प्राधिकरण से मुक्त रखा जाए
Updated Wed, 07 Mar 2018 11:20 PM IST
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अल्मोड़ा। जिला विकास प्राधिकरण के गठन के बाद से लोगों को हो रही दिक्कतों को लेकर सर्वदलीय संघर्ष समिति ने विकास प्राधिकरण के गठन का विरोध करते हुए नौ मार्च से आंदोलन शुरू करने की एलान किया है। संघर्ष समिति की बैठक में वक्ताओं ने भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए अल्मोड़ा को प्राधिकरण से मुक्त रखने की मांग की। बैठक में आगे की रणनीति तय करने के लिए कोर कमेटी का भी गठन किया गया।
पालिका सभागार में में डॉ. अरुण पंत की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय संघर्ष समिति की बैठक में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड राज्य के सभी जिलों में शासन ने मनमाने ढंग से जिला विकास प्राधिकरण लागू किया है। उन्होंने कहा कि शासन ने जिलों की भौगोलिक और आर्थिक परिस्थितियों को जाने बिना जिला स्तरीय प्राधिकरण के प्राविधान लागू किए गए हैं जो कि अन्यायपूर्ण है।
बैठक में प्राधिकरण का विरोध करते हुए सर्वसम्मति से नौ मार्च से आंदोलन शुरू करने का फैसला लिया गया। तय हुआ कि नौ मार्च को जिला विकास प्राधिकरण के विरोध में 11 बजे से धरना प्रदर्शन किया जाएगा। समिति ने नगर और आसपास के गांवों के जनप्रतिनिधियों, विभिन्न संगठनों समेत लोगों से धरना स्थल पर पहुंचाने और आंदोलन को निर्णायक लड़ाई का रूप देने का आह्वान किया है।
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पालिका सभागार में में डॉ. अरुण पंत की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय संघर्ष समिति की बैठक में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड राज्य के सभी जिलों में शासन ने मनमाने ढंग से जिला विकास प्राधिकरण लागू किया है। उन्होंने कहा कि शासन ने जिलों की भौगोलिक और आर्थिक परिस्थितियों को जाने बिना जिला स्तरीय प्राधिकरण के प्राविधान लागू किए गए हैं जो कि अन्यायपूर्ण है।
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बैठक में प्राधिकरण का विरोध करते हुए सर्वसम्मति से नौ मार्च से आंदोलन शुरू करने का फैसला लिया गया। तय हुआ कि नौ मार्च को जिला विकास प्राधिकरण के विरोध में 11 बजे से धरना प्रदर्शन किया जाएगा। समिति ने नगर और आसपास के गांवों के जनप्रतिनिधियों, विभिन्न संगठनों समेत लोगों से धरना स्थल पर पहुंचाने और आंदोलन को निर्णायक लड़ाई का रूप देने का आह्वान किया है।
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