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तीन साल से ठीक नहीं हुई सीटी स्कैन मशीन
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अल्मोड़ा। बेस अस्पताल में करीब तीन साल से खराब सीटी स्कैन मशीन को आज तक दुरुस्त नहीं किया जा सका है। अल्मोड़ा समेत संसदीय क्षेत्र के चारों जिलों में सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध नहीं है और लोगों को सीटी स्कैन कराने के लिए हल्द्वानी जाना पड़ता है, लेकिन इसके बावजूद यह मुद्दा लोकसभा चुनाव में किसी ने नहीं उठाया।
बेस अस्पताल में लगी सीटी स्कैन मशीन करीब तीन साल से खराब पड़ी है। पहले कांग्रेस और बाद में भाजपा से जुड़े जनप्रतिनिधि इस मशीन को जल्द दुरुस्त कराने का आश्वासन देते रहे हैं। भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी नई सीटी स्कैन मशीन खरीदने की घोषणा की, लेकिन आज तक न तो पुरानी मशीन ही दुरुस्त नहीं कराई गई है और न ही नई मशीन खरीदी गई है।
यह भी बता दें कि अल्मोड़ा ही नहीं बल्कि पहाड़ के अन्य जिलों पिथौरागढ़, चंपावत और बागेश्वर जिलों में भी सीटी स्कैन कराने की सुविधा किसी अस्पताल में नहीं है। चारों जिलों के मरीजों को सीटी स्कैन के लिए हल्द्वानी जाना पड़ता है।
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दिलचस्प बात यह है कि इस गंभीर समस्या को लोकसभा चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि और अन्य लोग भूले रहे। बेस अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा कब तक उपलब्ध हो सकेगी इस बारे में अभी तक स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है। इधर बेस अस्पताल के पीएमएस डॉ.एचएस गड़कोटी ने बताया कि बेस अस्पताल के लिए नई सीटी स्कैन मशीन खरीदे जाने का निर्णय काफी समय पहले हो चुका है।
नई मशीन लगाने के लिए संबंधित कंपनी को निर्देश भी जारी हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि बीते दिनों कंपनी के इंजीनियर ने बेस अस्पताल में पुरानी खराब मशीन का मुआयना भी किया था। उन्होंने बताया कि जल्द ही नई सीटी स्कैन मशीन के आ जाने की उम्मीद है लेकिन मशीन कितने दिनों में आ जाएगी इस बारे में अभी तक स्पष्ट जानकारी नहीं है।
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बेस अस्पताल में लगी सीटी स्कैन मशीन करीब तीन साल से खराब पड़ी है। पहले कांग्रेस और बाद में भाजपा से जुड़े जनप्रतिनिधि इस मशीन को जल्द दुरुस्त कराने का आश्वासन देते रहे हैं। भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी नई सीटी स्कैन मशीन खरीदने की घोषणा की, लेकिन आज तक न तो पुरानी मशीन ही दुरुस्त नहीं कराई गई है और न ही नई मशीन खरीदी गई है।
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यह भी बता दें कि अल्मोड़ा ही नहीं बल्कि पहाड़ के अन्य जिलों पिथौरागढ़, चंपावत और बागेश्वर जिलों में भी सीटी स्कैन कराने की सुविधा किसी अस्पताल में नहीं है। चारों जिलों के मरीजों को सीटी स्कैन के लिए हल्द्वानी जाना पड़ता है।
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दिलचस्प बात यह है कि इस गंभीर समस्या को लोकसभा चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि और अन्य लोग भूले रहे। बेस अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा कब तक उपलब्ध हो सकेगी इस बारे में अभी तक स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है। इधर बेस अस्पताल के पीएमएस डॉ.एचएस गड़कोटी ने बताया कि बेस अस्पताल के लिए नई सीटी स्कैन मशीन खरीदे जाने का निर्णय काफी समय पहले हो चुका है।
नई मशीन लगाने के लिए संबंधित कंपनी को निर्देश भी जारी हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि बीते दिनों कंपनी के इंजीनियर ने बेस अस्पताल में पुरानी खराब मशीन का मुआयना भी किया था। उन्होंने बताया कि जल्द ही नई सीटी स्कैन मशीन के आ जाने की उम्मीद है लेकिन मशीन कितने दिनों में आ जाएगी इस बारे में अभी तक स्पष्ट जानकारी नहीं है।