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चिलियानौला में राहगीरों के लिए मुसीबत बने लावारिश सांड़
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। रानीखेत कैंट के अलावा नगर पालिका परिषद चिलियानौला में भी लावारिस सांड़ों का आतंक फैला हुआ है। पालिका क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक सांड़ सक्रिय हैं। लोगों को सुबह बच्चों को अकेले स्कूल भेजने में भी डर लग रहा है। स्थानीय लोगों ने नगरपालिका से सांड़ों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है। इधर, रानीखेत कैंट में दिन भर बाजार में लावारिस जानवर यातायात व्यवस्था और राहगीरों के लिए मुसीबत का सबब बने हुए हैं।
लावारिस जानवरों की जनसंख्या क्षेत्र में निरंतर बढ़ती जा रही है। नगरपालिका परिषद चिलियानौला में लावारिस सांड़ों ने खासा आतंक मचाया हुआ है। गत दिनों सांड़ों ने एक व्यक्ति के दोपहिया वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया था। बाजार में धड़ल्ले से घूम रहे सांड़ बेहद खतरनाक हैं। स्थानीय लोग इन्हें कई बार जंगल में खदेड़ आए हैं, लेकिन सांड़ फिर से वापस आ जा रहे हैं।
रानीखेत कैंट क्षेत्र में भी लंबे समय से लावारिस जानवरों का आतंक मचा हुआ है। यह जानवर पूर्व में कई लोगों को घायल कर चुके हैं, इसके बावजूद कैंट प्रशासन की तरफ से कोई सुध नहीं ली जा रही है। कैंट के अधिकारियों का कहना है कि गो सदन केंद्रों में जगह का भारी अभाव चल रहा है। दूसरी तरफ कैंट ने जानवरों को लावारिस छोड़ने वाले के खिलाफ जुर्माने का भी प्रावधान किया हुआ है।
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लावारिस जानवरों की जनसंख्या क्षेत्र में निरंतर बढ़ती जा रही है। नगरपालिका परिषद चिलियानौला में लावारिस सांड़ों ने खासा आतंक मचाया हुआ है। गत दिनों सांड़ों ने एक व्यक्ति के दोपहिया वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया था। बाजार में धड़ल्ले से घूम रहे सांड़ बेहद खतरनाक हैं। स्थानीय लोग इन्हें कई बार जंगल में खदेड़ आए हैं, लेकिन सांड़ फिर से वापस आ जा रहे हैं।
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रानीखेत कैंट क्षेत्र में भी लंबे समय से लावारिस जानवरों का आतंक मचा हुआ है। यह जानवर पूर्व में कई लोगों को घायल कर चुके हैं, इसके बावजूद कैंट प्रशासन की तरफ से कोई सुध नहीं ली जा रही है। कैंट के अधिकारियों का कहना है कि गो सदन केंद्रों में जगह का भारी अभाव चल रहा है। दूसरी तरफ कैंट ने जानवरों को लावारिस छोड़ने वाले के खिलाफ जुर्माने का भी प्रावधान किया हुआ है।
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