{"_id":"5ae5fa974f1c1b87028b71df","slug":"191525021335-almora-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंटेकवैल का मलबा बैराज गेट बंद करने में बाधक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंटेकवैल का मलबा बैराज गेट बंद करने में बाधक
Updated Sun, 29 Apr 2018 10:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। निर्माणाधीन इंटेकवैल का मलबा कोसी नदी में जमा हो रखा है। जिसके चलते अब तक बैराज के गेट बंद नहीं कर सके हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इंटेकवैल की खुदाई से जमा मलबा हटने के बाद ही बैराज के गेट बंद किए जाएंगे। बैराज के गेट बंद करने में अभी एक-दो दिन का समय और लगने के आसार हैं। यदि जल्द बैराज में पानी नहीं भरा गया तो नगर और आसपास के क्षेत्रों में पानी का संकट गहरा सकता है।
अल्मोड़ा शहर के जल संकट को दूर करने के लिए कोसी नदी में बैराज के निकट 10.87 करोड़ से इंटेकवैल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। पर्याप्त बजट नहीं मिलने से कार्य में तेजी नहीं आ पा रही है। निर्माण शाखा उत्तराखंड पेयजल निगम को मात्र 2.5 करोड़ रुपये ही अवमुक्त हुए हैं। इंटेकवैल बनाने के लिए बैराज को खाली किया गया है।
पूर्व में प्रशासन ने मार्च और बाद में 15 अप्रैल तक निर्माण एजेंसी को सिविल कार्य पूरा करने के लिए निर्देशित किया था। निर्माण एजेंसी ने इंटेकवैल का इतना कार्य कर लिया है कि बैराज के गेट बंद कर जल भराव से कोई परेशान नहीं होगी। इस संबंध में सिंचाई विभाग को कुछ दिन पूर्व पत्र भी प्रेषित कर दिया है।
विज्ञापन
इधर सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता प्रमोद कुमार पाठक ने बताया कि निर्माण शाखा उत्तराखंड पेयजल निगम से पत्र मिल गया है, लेकिन इंटेकवैल का मलबा नदी में पड़ा हुआ है। मलबा हटाने के बाद ही बैराज के गेट बंद किए जाएंगे। इधर निर्माण शाखा उत्तराखंड पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता एन लाल ने बताया कि दो दिन के भीतर मलबा हटा लिया जाएगा।
विज्ञापन
अल्मोड़ा शहर के जल संकट को दूर करने के लिए कोसी नदी में बैराज के निकट 10.87 करोड़ से इंटेकवैल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। पर्याप्त बजट नहीं मिलने से कार्य में तेजी नहीं आ पा रही है। निर्माण शाखा उत्तराखंड पेयजल निगम को मात्र 2.5 करोड़ रुपये ही अवमुक्त हुए हैं। इंटेकवैल बनाने के लिए बैराज को खाली किया गया है।
विज्ञापन
पूर्व में प्रशासन ने मार्च और बाद में 15 अप्रैल तक निर्माण एजेंसी को सिविल कार्य पूरा करने के लिए निर्देशित किया था। निर्माण एजेंसी ने इंटेकवैल का इतना कार्य कर लिया है कि बैराज के गेट बंद कर जल भराव से कोई परेशान नहीं होगी। इस संबंध में सिंचाई विभाग को कुछ दिन पूर्व पत्र भी प्रेषित कर दिया है।
विज्ञापन
इधर सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता प्रमोद कुमार पाठक ने बताया कि निर्माण शाखा उत्तराखंड पेयजल निगम से पत्र मिल गया है, लेकिन इंटेकवैल का मलबा नदी में पड़ा हुआ है। मलबा हटाने के बाद ही बैराज के गेट बंद किए जाएंगे। इधर निर्माण शाखा उत्तराखंड पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता एन लाल ने बताया कि दो दिन के भीतर मलबा हटा लिया जाएगा।