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टनल निर्माण का काम जल्द शुरू होने की उम्मीद जगी
Updated Mon, 20 Nov 2017 10:51 PM IST
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अल्मोड़ा। शहर के लोअर मालरोड से सिकुड़ा बैंड धारानौला तक सुरंग निर्माण का कार्य शीघ्र प्रारंभ होने की उम्मीद है। शासन ने टनल के लिए डीपीआर बनाने के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली है। जिसमें तीन कंपनियों ने रुचि दिखाई है।
मालूम हो कि अल्मोड़ा शहर की सड़कों में वाहनों का दबाव बढ़ता जा रहा है। मालरोड से धारानौला पहुंचने के लिए सड़क से करीब दस से बारह किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। नगरवासी पिछले काफी समय से सुरंग निर्माण की मांग करते आ रहे थे। 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सुरंग निर्माण की घोषणा की थी। कांग्रेस सरकार ने सुरंगटनल की फिजिविलिटी परीक्षण के लिए लोनिवि को 50 लाख रुपये गत वर्ष आवंटित किए थे।
इसके बाद लोनिवि प्रांतीय खंड ने सुरंग निर्माण की संभावना जांचने के लिए फिजिविलिटी परीक्षण की जिम्मेदारी गुड़गांव की कंपनी एमबर्ग इंजीनियरिंग को सौंपी थी। कंपनी ने फिजिविलिटी परीक्षण में लोअर मालरोड वर्कशॉप के निकट से धारानौला सिकुड़ा बैंड तक सुरंग निर्माण को उपयुक्त पाया। पिछले साल अक्तूबर में कंपनी ने फिजिविलिटी परीक्षण का काम पूरा कर लोनिवि को रिपोर्ट सौंप दी थी। इसके बाद नवंबर 2016 में लोनिवि ने शासन से सहमति लेने के लिए फिजिविलिटी परीक्षण रिपोर्ट सरकार को भेजी। इसके बाद नवंबर 2016 में लोनिवि ने शासन से सहमति लेने के लिए फिजिविलिटी परीक्षण रिपोर्ट सरकार को भेजी।
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विधानसभा चुनाव और प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होने के बाद टनल निर्माण का मामला लटक गया था। अब सत्तारूढ़ भाजपा सरकार ने इसमें रुचि दिखाई है। डीपीआर तैयार करने के लिए शासन ने निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली है। इधर लोनिवि प्रांतीय खंड के सहायक अभियंता दीप पांडे ने बताया कि सुरंग की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनाने के लिए शासन ने निविदा आमंत्रित कर ली हैं। इस मामले में आगे की कार्रवाई शासन स्तर से होगी।
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मालूम हो कि अल्मोड़ा शहर की सड़कों में वाहनों का दबाव बढ़ता जा रहा है। मालरोड से धारानौला पहुंचने के लिए सड़क से करीब दस से बारह किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। नगरवासी पिछले काफी समय से सुरंग निर्माण की मांग करते आ रहे थे। 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सुरंग निर्माण की घोषणा की थी। कांग्रेस सरकार ने सुरंगटनल की फिजिविलिटी परीक्षण के लिए लोनिवि को 50 लाख रुपये गत वर्ष आवंटित किए थे।
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इसके बाद लोनिवि प्रांतीय खंड ने सुरंग निर्माण की संभावना जांचने के लिए फिजिविलिटी परीक्षण की जिम्मेदारी गुड़गांव की कंपनी एमबर्ग इंजीनियरिंग को सौंपी थी। कंपनी ने फिजिविलिटी परीक्षण में लोअर मालरोड वर्कशॉप के निकट से धारानौला सिकुड़ा बैंड तक सुरंग निर्माण को उपयुक्त पाया। पिछले साल अक्तूबर में कंपनी ने फिजिविलिटी परीक्षण का काम पूरा कर लोनिवि को रिपोर्ट सौंप दी थी। इसके बाद नवंबर 2016 में लोनिवि ने शासन से सहमति लेने के लिए फिजिविलिटी परीक्षण रिपोर्ट सरकार को भेजी। इसके बाद नवंबर 2016 में लोनिवि ने शासन से सहमति लेने के लिए फिजिविलिटी परीक्षण रिपोर्ट सरकार को भेजी।
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विधानसभा चुनाव और प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होने के बाद टनल निर्माण का मामला लटक गया था। अब सत्तारूढ़ भाजपा सरकार ने इसमें रुचि दिखाई है। डीपीआर तैयार करने के लिए शासन ने निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली है। इधर लोनिवि प्रांतीय खंड के सहायक अभियंता दीप पांडे ने बताया कि सुरंग की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनाने के लिए शासन ने निविदा आमंत्रित कर ली हैं। इस मामले में आगे की कार्रवाई शासन स्तर से होगी।