फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   अब छिलका-गुलिया निकासी के नियम बदले

अब छिलका-गुलिया निकासी के नियम बदले

Mon, 20 Nov 2017 10:50 PM IST
Updated Mon, 20 Nov 2017 10:50 PM IST
विज्ञापन
अब छिलका-गुलिया निकासी के नियम बदले
अल्मोड़ा। चंपावत वन प्रभाग में बीते दिनों छिलका-गुलिया की निकासी में घपला सामने आने के बाद वन विभाग ने राज्य के सभी वन प्रभागों में छिलका-गुलिया के विदोहन के नियमों को बदलकर सख्त कर दिया है। नाप भूमि में पेड़ों की गलत संख्या दर्शाकर होने वाले इस खेल के मद्देनजर तय किया गया है कि अब राजस्व विभाग और वन विभाग के अधिकारी संयुक्त निरीक्षण के बाद पेड़ों की संख्या और सूखे पेड़ों के बारे में स्पष्ट रिपोर्ट देंगे। छिलका-गुलिया वाले पेड़ों के फोटोग्राफ संलग्न करने के साथ ही जीपीएस रीडिंग भी अनिवार्य कर दी गई है। एक डिवीजन में 50 प्रतिशत मामलों का सत्यापन उपप्रभागीय वनाधिकारी और 25 प्रतिशत मामलों का सत्यापन डीएफओ मौके पर जाकर करेंगे। अब तक सिर्फ राजस्व विभाग की रिपोर्ट के आधार पर निकासी की अनुमति मिल जाती थी।
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के मुताबिक रिजर्व, सिविल और पंचायती वनों के साथ ही नाप भूमि में स्थित सूखे पेड़ों और खूंटों से छिलके और गुलिया का विदोहन और निकासी की जा सकती है। सभी तरह के वनों में वन विभाग की रिपोर्ट के आधार पर वन निगम छिलका और गुलिया की निकासी करता है। अब तक की प्रक्रिया में नाप भूमि में स्थित सूखे और गिरे हुए पेड़ों के बारे राजस्व विभाग से जारी रिपोर्ट के आधार पर ही परमिट जारी कर दिए जाते थे। नाप भूमि में पेड़ों की संख्या गलत दर्शाकर जंगलों से छिलका-गुलिया की निकासी कर दी जाती थी।
विज्ञापन


प्रमुख वन संरक्षक के सात नवंबर को जारी आदेशों के मुताबिक अब छिलका-गुलिया के विदोहन के लिए आवेदन पत्र प्राप्त होने पर राजस्व विभाग आवेदनकर्ता की नाप भूमि में सूखे पेड़ और खूंट की उपलब्धता की पुष्टि करेगा। तहसीलदार से नीचे के पद के अधिकारी का प्रमाण पत्र मान्य नहीं होगा। अब तक इस तरह की बाध्यता नहीं थी। नाप भूमि में छिलका-गुलिया विदोहन और निकासी से पहले तहसीलदार और वन विभाग के रेंजर संयुक्त रूप से उक्त क्षेत्र का निरीक्षण करेंगे। जांच रिपोर्ट में वन क्षेत्राधिकारी मौके पर कुल वृक्षों की संख्या का विवरण देंगे। इसके अलावा छिलका-गुलिया के लिए उपलब्ध पेड़ों और खूंटों की संख्या का विवरण अलग-अलग प्रस्तुत करेंगे। नए आदेशों के अनुसार आरक्षित वन क्षेत्रों में छिलका-गुलिया के विदोहन में प्रबंध योजना को ध्यान में रखा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


अगर प्रबंध योजना में छिलका-गुलिया के विदोहन पर रोक लगाई गई हो तो ऐसी स्थिति में उस वन प्रभाग में छिलका-गुलिया का विदोहन नहीं किया जाएगा। इधर सिविल सोयम वन प्रभाग के डीएफओ आरसी शर्मा ने बताया है कि प्रमुख वन संरक्षक के आदेश यहां पहुंच चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed