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नियमित शिक्षकों के बगैर चल रहा कुमाऊंनी भाषा विभाग
Updated Thu, 14 Sep 2017 10:35 PM IST
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अल्मोड़ा। क्षेत्रीय भाषा को महत्व देने के लिए कुमाऊं विवि एसएसजे परिसर में 2014 में खोला गया कुमाऊंनी भाषा विभाग चार साल से नियमित शिक्षक विहीन है। भाषा विशेषज्ञ शिक्षकों की तैनाती नहीं होने से हिंदी विभाग के प्रोफेसरों को छात्रों को निशुल्क कुमाऊंनी भाषा विषय पढ़ाना पड़ रहा है वहीं शिक्षक नहीं होने से छात्रों में भी संबंधित कोर्स के प्रति रुचि कम हो रही है। इस साल नए प्रवेश होने के बाद नियमित सत्र भी शुरू हो चुका है, लेकिन विवि से आश्वासन के बाद अभी तक स्थायी शिक्षक नियुक्त नहीं हो सके हैं।
उत्तराखंड सरकार ने क्षेत्रीय भाषा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 2014 में कुमाऊं और गढ़वाल में कुमाऊंनी और गढ़वाली भाषा विभाग की स्थापना की थी, लेकिन कुमाऊं में इन भाषाओं को पढ़ाने के लिए अब तक शिक्षकों के पद सृजित नहीं किए गए हैं। चार साल बीत चुके हैं, लेकिन नियमित शिक्षक नहीं होने से कुमाऊंनी भाषा सीखने वाले छात्रों को भविष्य के प्रति चिंता सता रही है।
अभी तक कुमाऊंनी भाषा में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं को परिसर में हिंदी विभाग के तीन शिक्षक निशुल्क कुमाऊंनी भाषा पढ़ा रहे हैं। जिसके लिए उन्हें अतिरिक्त कार्य करना पड़ रहा है। कुछ माह पूर्व कुविवि के कुलपति डीके नौड़ियाल ने इस सत्र में दो गेस्ट फैकल्टी देने की बात कही थी, लेकिन विभाग में अभी शिक्षकों की तैनाती नहीं हो सकी है। इधर कुमाऊंनी भाषा विभाग के संयोजक प्रो. शेर सिंह बिष्ट ने बताया कि पिछले माह कुलपति ने चुनाव समिति बनाकर साक्षात्कार लेने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद समिति ने कुमाऊंनी भाषा विषय के लिए दो शिक्षकों के इंटरव्यू लेकर उसकी स्वीकृति के लिए कुलपति को भेज दिया था।
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उत्तराखंड सरकार ने क्षेत्रीय भाषा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 2014 में कुमाऊं और गढ़वाल में कुमाऊंनी और गढ़वाली भाषा विभाग की स्थापना की थी, लेकिन कुमाऊं में इन भाषाओं को पढ़ाने के लिए अब तक शिक्षकों के पद सृजित नहीं किए गए हैं। चार साल बीत चुके हैं, लेकिन नियमित शिक्षक नहीं होने से कुमाऊंनी भाषा सीखने वाले छात्रों को भविष्य के प्रति चिंता सता रही है।
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अभी तक कुमाऊंनी भाषा में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं को परिसर में हिंदी विभाग के तीन शिक्षक निशुल्क कुमाऊंनी भाषा पढ़ा रहे हैं। जिसके लिए उन्हें अतिरिक्त कार्य करना पड़ रहा है। कुछ माह पूर्व कुविवि के कुलपति डीके नौड़ियाल ने इस सत्र में दो गेस्ट फैकल्टी देने की बात कही थी, लेकिन विभाग में अभी शिक्षकों की तैनाती नहीं हो सकी है। इधर कुमाऊंनी भाषा विभाग के संयोजक प्रो. शेर सिंह बिष्ट ने बताया कि पिछले माह कुलपति ने चुनाव समिति बनाकर साक्षात्कार लेने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद समिति ने कुमाऊंनी भाषा विषय के लिए दो शिक्षकों के इंटरव्यू लेकर उसकी स्वीकृति के लिए कुलपति को भेज दिया था।
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