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नए को विकसित करने के निर्देश पुरानी योजनाओं में काम ही नहीं हुआ
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अल्मोड़ा। एक तरफ सरकार की ओर से पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री की घोषणा में शामिल काकड़ीघाट में मेडिटेशन सेंटर बनाने की कवायद अब तक पूरी नहीं हो सकी है। इसके अलावा शीतलाखेत को पर्यटन सर्किट के रूप में जोड़ने की कवायद भी पूरी नहीं हो पाई है।
वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री ने काकड़ीघाट में मेडिटेशन सेंटर खोलने की घोषणा की थी। 64.37 लाख की इस योजना में काकड़ीघाट को आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाना था। योजना के तहत यहां अनुलोम, विलोम योग आदि क्रियाओं के अलावा शौचालय, चेंजिंग रूम और बैठने के लिए स्थान आदि बनाए जाने थे। शासन द्वारा इस योजना के बजट में कटौती करते हुए पर्यटन विभाग को 50 लाख से कम का बजट बनाकर आगणन फिर से भेजने के निर्देश दिए हैं।
इधर शीतलाखेत को भी पर्यटन सर्किट बनाने का ख्वाब पूरा नहीं हो पाया है। 13.50 लाख की इस योजना के अंतर्गत यहां मार्गों का सौंदर्यीकरण करने के अलावा बैंच बनाने, मार्गों में डस्टबिन रखने समेत अन्य कार्य किए जाने प्रस्तावित हैं। लेकिन मामला शासन स्तर पर लंबित चल है। इस बीच शासन की ओर से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिला प्रशासन को उच्च स्तरीय नए पर्यटन स्थल विकसित करने और पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कसारदेवी और डीनापानी को भी विकसित करने के निर्देश दिए गए। जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे ने बताया कि शीतलाखेत में पर्यटन सर्किट और काकड़ीघाट में मेडिटेशन सेंटर बनाने के लिए नया आगणन बनाकर शासन को भेज दिया गया है। शासन स्तर से मामला लंबित है।
वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री ने काकड़ीघाट में मेडिटेशन सेंटर खोलने की घोषणा की थी। 64.37 लाख की इस योजना में काकड़ीघाट को आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाना था। योजना के तहत यहां अनुलोम, विलोम योग आदि क्रियाओं के अलावा शौचालय, चेंजिंग रूम और बैठने के लिए स्थान आदि बनाए जाने थे। शासन द्वारा इस योजना के बजट में कटौती करते हुए पर्यटन विभाग को 50 लाख से कम का बजट बनाकर आगणन फिर से भेजने के निर्देश दिए हैं।
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इधर शीतलाखेत को भी पर्यटन सर्किट बनाने का ख्वाब पूरा नहीं हो पाया है। 13.50 लाख की इस योजना के अंतर्गत यहां मार्गों का सौंदर्यीकरण करने के अलावा बैंच बनाने, मार्गों में डस्टबिन रखने समेत अन्य कार्य किए जाने प्रस्तावित हैं। लेकिन मामला शासन स्तर पर लंबित चल है। इस बीच शासन की ओर से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिला प्रशासन को उच्च स्तरीय नए पर्यटन स्थल विकसित करने और पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कसारदेवी और डीनापानी को भी विकसित करने के निर्देश दिए गए। जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे ने बताया कि शीतलाखेत में पर्यटन सर्किट और काकड़ीघाट में मेडिटेशन सेंटर बनाने के लिए नया आगणन बनाकर शासन को भेज दिया गया है। शासन स्तर से मामला लंबित है।
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