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सानंद के निधन की परिस्थितियों की न्यायिक जांच की मांग
Updated Sun, 14 Oct 2018 12:14 AM IST
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अल्मोड़ा। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद के निधन की परिस्थितियों की न्यायिक जांच की मांग की है। उपपा नेता पीसी तिवारी ने कहा कि स्वामी सानंद मामले में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र पवार, ऋषिकेश एम्स के निदेशक और केंद्र सरकार की ओर से दिए जा रहे विरोधाभाषी बयान सानंद की मृत्यु को लेकर उन्हें कटघरे में खड़ा करते हैं।
उन्होंने कहा कि मातृसदन पिछले कई सालों से सत्ता से मिलकर गंगा का दोहन कर रहे माफियाओं के खिलाफ दृढ़ता से संघर्ष चला रहे हैं। लेकिन सरकार चाहे कांग्रेस की हो या भाजपा की किसी ने भी उनकी नहीं सुनी। उन्होंने कहा कि गंगा की रक्षा के लिए 112 दिन की कठोर तपस्या के बाद जीवन गंवाने वाले संत के पार्थिव शरीर को उनके परिजनों, मित्रों और भक्तों के अंतिम दर्शन के लिए भी न रखना सरकारी जुल्म की पराकाष्ठा है। ब्यूरो
उन्होंने कहा कि मातृसदन पिछले कई सालों से सत्ता से मिलकर गंगा का दोहन कर रहे माफियाओं के खिलाफ दृढ़ता से संघर्ष चला रहे हैं। लेकिन सरकार चाहे कांग्रेस की हो या भाजपा की किसी ने भी उनकी नहीं सुनी। उन्होंने कहा कि गंगा की रक्षा के लिए 112 दिन की कठोर तपस्या के बाद जीवन गंवाने वाले संत के पार्थिव शरीर को उनके परिजनों, मित्रों और भक्तों के अंतिम दर्शन के लिए भी न रखना सरकारी जुल्म की पराकाष्ठा है। ब्यूरो
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