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क्षतिग्रस्त 31 पेयजल योजनाएं नहीं हो सकी दुरुस्त
Updated Sun, 19 Aug 2018 11:36 PM IST
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अल्मोड़ा। बजट के अभाव में जिले के ग्रामीण इलाकों में क्षतिग्रस्त 31 पेयजल योजनाएं अब तक दुरुस्त नहीं हो पाई हैं। इस कारण बरसात के मौसम में भी इन इलाकों में ग्रामीण पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। हालांकि विभाग ने किसी तरह 21 योजनाओं को काम चलाऊ बना रखा है, लेकिन पानी लीकेज और आए दिन पाइप लाइन टूटने से ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट गहरा जाता है। इस कारण ग्रामीण दूर दराज स्थित प्राकृतिक स्रोतों से पानी लाकर किसी तरह व्यवस्था करते हैं। मवेशियों के लिए पानी जुटाने में लोगों को काफी दिक्कतें होती हैं।
जिले में जल संस्थान के अल्मोड़ा, रानीखेत और सल्ट डिवीजन हैं। तीनों डिवीजनों में कुल 635 पेयजल योजनाएं हैं। पिछली बरसात में अल्मोड़ा और सल्ट डिवीजन में क्षतिग्रस्त छह-छह और रानीखेत डिवीजन की क्षतिग्रस्त नौ पेयजल योजनाएं अब तक दुरुस्त नहीं हो पाई हैं। हालांकि विभाग और ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त योजनाओं को किसी तरह कामचलाऊ बना रखा है। पर लीकेज की समस्या बनी रहती हैै। वहीं कई बार बारिश होने और मलबा आने से इनका कई दिनों तक क्षतिग्रस्त रहना आम बात है। अल्मोड़ा डिवीजन के अंतर्गत धौलादेवी ब्लाक में सड़कों के निर्माण कार्य के चलते 10 पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त चल रही हैं। इनसे जुड़े ग्रामीणों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। लोग प्राकृतिक जल स्रोत नौलों से पानी लाकर किसी तरह गुजारा कर रहे हैं।
जल्दी होगा नौलों का जीर्णोद्धार
अल्मोड़ा। नगर क्षेत्र में लंबे समय से नौले जीर्ण-शीर्ण बने हुए हैं और दूषित भी हैं। जल संस्थान द्वारा पिछले माह नौले के पानी का परीक्षण कराया गया था। जिसमें से 13 नौलों का पानी पीने योग्य नहीं पाया गया था। जल संस्थान अब प्रथम चरण में शहर के नौ नौलों का जीर्णोद्धार कराएगा। इसके लिए विभाग को 18.80 लाख रुपये मिल गए हैं।
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दर्जन भर हैंड पंप पड़े हैं खराब
अल्मोड़ा। सड़कों से लगे स्थानों में पेयजल संकट दूर करने के लिए 1258 हैंडपंप स्थापित किए गए हैं। परंतु वर्तमान में विभिन्न स्थानों पर दर्जन भर हैंडपंप खराब पडे़ हैं। जल संस्थान के एसई केएस खाती ने बताया कि हैंड पंपों को ठीक करने का काम शुरू कर दिया गया है। लोधिया में खराब पड़े हैंडपंप को दुरुस्त कर दिया गया है। जल्द ही अन्य खराब पड़े हैंडपंप ठीक कर दिए जाएंगे।
कोट
क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं को दुरुस्त करने के लिए आगणन बनाए गए हैं। जिला योजना से धनराशि अवमुक्त होने के बाद योजनाओं की मरम्मत का काम किया जाएगा।
केएस खाती, अधीक्षण अभियंता, जल संस्थान अल्मोड़ा।
जिले में जल संस्थान के अल्मोड़ा, रानीखेत और सल्ट डिवीजन हैं। तीनों डिवीजनों में कुल 635 पेयजल योजनाएं हैं। पिछली बरसात में अल्मोड़ा और सल्ट डिवीजन में क्षतिग्रस्त छह-छह और रानीखेत डिवीजन की क्षतिग्रस्त नौ पेयजल योजनाएं अब तक दुरुस्त नहीं हो पाई हैं। हालांकि विभाग और ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त योजनाओं को किसी तरह कामचलाऊ बना रखा है। पर लीकेज की समस्या बनी रहती हैै। वहीं कई बार बारिश होने और मलबा आने से इनका कई दिनों तक क्षतिग्रस्त रहना आम बात है। अल्मोड़ा डिवीजन के अंतर्गत धौलादेवी ब्लाक में सड़कों के निर्माण कार्य के चलते 10 पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त चल रही हैं। इनसे जुड़े ग्रामीणों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। लोग प्राकृतिक जल स्रोत नौलों से पानी लाकर किसी तरह गुजारा कर रहे हैं।
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जल्दी होगा नौलों का जीर्णोद्धार
अल्मोड़ा। नगर क्षेत्र में लंबे समय से नौले जीर्ण-शीर्ण बने हुए हैं और दूषित भी हैं। जल संस्थान द्वारा पिछले माह नौले के पानी का परीक्षण कराया गया था। जिसमें से 13 नौलों का पानी पीने योग्य नहीं पाया गया था। जल संस्थान अब प्रथम चरण में शहर के नौ नौलों का जीर्णोद्धार कराएगा। इसके लिए विभाग को 18.80 लाख रुपये मिल गए हैं।
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दर्जन भर हैंड पंप पड़े हैं खराब
अल्मोड़ा। सड़कों से लगे स्थानों में पेयजल संकट दूर करने के लिए 1258 हैंडपंप स्थापित किए गए हैं। परंतु वर्तमान में विभिन्न स्थानों पर दर्जन भर हैंडपंप खराब पडे़ हैं। जल संस्थान के एसई केएस खाती ने बताया कि हैंड पंपों को ठीक करने का काम शुरू कर दिया गया है। लोधिया में खराब पड़े हैंडपंप को दुरुस्त कर दिया गया है। जल्द ही अन्य खराब पड़े हैंडपंप ठीक कर दिए जाएंगे।
कोट
क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं को दुरुस्त करने के लिए आगणन बनाए गए हैं। जिला योजना से धनराशि अवमुक्त होने के बाद योजनाओं की मरम्मत का काम किया जाएगा।
केएस खाती, अधीक्षण अभियंता, जल संस्थान अल्मोड़ा।