{"_id":"5b4a38d84f1c1b43748b4a6e","slug":"181531590872-almora-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेस अस्पताल में नवजात शिशु की मौत पर हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेस अस्पताल में नवजात शिशु की मौत पर हंगामा
Updated Sat, 14 Jul 2018 11:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। शुक्रवार रात बेस अस्पताल में नवजात बच्चे की मौत से भड़के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए काफी देर तक हंगामा किया। परिजनों का आरोप था कि आक्सीजन उपलब्ध नहीं कराई गई और 108 एंबुलेंस में भी तेल नहीं था। दूसरी तरफ अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को गलत बताया है।
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार दोपहर दुगालखोला निवासी मंजू बिष्ट पत्नी अमित बिष्ट ने नगर के एक प्राइवेट अस्पताल में आठ माह के प्री मेच्योर बच्ची को जन्म दिया। जन्म के बाद प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर ने नवजात में सांस की दिक्कत बताते हुए उसे बेस अस्पताल ले जाने की सलाह दी। मंजू के पति अमित बिष्ट नवजात को लेकर दोपहर के समय बेस अस्पताल पहुंचे। जहां कुछ देर बच्चे को आक्सीजन में रखने के बाद डॉक्टरों ने नवजात की हालत देखते हुए उसे हल्द्वानी ले जाने की सलाह दी। अमित बिष्ट का आरोप है कि उन्होंने 108 को फोन किया, लेकिन बेस अस्पताल में खड़ी एंबुलेंस में तेल नहीं था। इसके बाद नवजात के पिता ने प्राइवेट वाहन से बच्चे को ले जाने की तैयारी की और अस्पताल प्रबंधन से आक्सीजन सिलिंडर मांगा।
उन्होंने बताया कि आक्सीजन के लिए उन्होंने चार हजार रुपये भी जमा किए। आरोप है कि वाहन में नवजात को रखने के बाद जब आक्सीजन सिलिंडर लगाने लगे तो सिलिंडर नहीं खुला। बाद में पता चला कि उन्हें पुराना सिलिंडर दे दिया गया। जिस पर अमित भड़क गए और नए सिलिंडर की मांग की, लेकिन इस बीच नवजात ने दम तोड़ दिया।
विज्ञापन
उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। दूसरी तरफ बेस अस्पताल के प्रभारी सीएमएस डॉ. पीडी पंगरिया ने बताया कि अस्पताल लाने के दौरान ही नवजात शिशु गंभीर हालत में था। उसके फेफड़े भी पूरी तरह विकसित नहीं थे। उन्होंने आक्सीजन उपलब्ध नहीं कराने के आरोप को भी गलत बताया। डॉ.पंगरिया ने कहा कि अस्पताल में आक्सीजन की कमी नहीं है। नवजात के लिए आक्सीजन सिलिंडर दिया गया था। 108 में तेल नहीं था, लेकिन उसके बाद चालक को तुरंत तेल डलवाने को भेजा गया। उन्होंने बताया कि नवजात को ले जाने के लिए उन्होंने अस्पताल की एंबुलेंस भी देने की बात कही थी।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार दोपहर दुगालखोला निवासी मंजू बिष्ट पत्नी अमित बिष्ट ने नगर के एक प्राइवेट अस्पताल में आठ माह के प्री मेच्योर बच्ची को जन्म दिया। जन्म के बाद प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर ने नवजात में सांस की दिक्कत बताते हुए उसे बेस अस्पताल ले जाने की सलाह दी। मंजू के पति अमित बिष्ट नवजात को लेकर दोपहर के समय बेस अस्पताल पहुंचे। जहां कुछ देर बच्चे को आक्सीजन में रखने के बाद डॉक्टरों ने नवजात की हालत देखते हुए उसे हल्द्वानी ले जाने की सलाह दी। अमित बिष्ट का आरोप है कि उन्होंने 108 को फोन किया, लेकिन बेस अस्पताल में खड़ी एंबुलेंस में तेल नहीं था। इसके बाद नवजात के पिता ने प्राइवेट वाहन से बच्चे को ले जाने की तैयारी की और अस्पताल प्रबंधन से आक्सीजन सिलिंडर मांगा।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि आक्सीजन के लिए उन्होंने चार हजार रुपये भी जमा किए। आरोप है कि वाहन में नवजात को रखने के बाद जब आक्सीजन सिलिंडर लगाने लगे तो सिलिंडर नहीं खुला। बाद में पता चला कि उन्हें पुराना सिलिंडर दे दिया गया। जिस पर अमित भड़क गए और नए सिलिंडर की मांग की, लेकिन इस बीच नवजात ने दम तोड़ दिया।
विज्ञापन
उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। दूसरी तरफ बेस अस्पताल के प्रभारी सीएमएस डॉ. पीडी पंगरिया ने बताया कि अस्पताल लाने के दौरान ही नवजात शिशु गंभीर हालत में था। उसके फेफड़े भी पूरी तरह विकसित नहीं थे। उन्होंने आक्सीजन उपलब्ध नहीं कराने के आरोप को भी गलत बताया। डॉ.पंगरिया ने कहा कि अस्पताल में आक्सीजन की कमी नहीं है। नवजात के लिए आक्सीजन सिलिंडर दिया गया था। 108 में तेल नहीं था, लेकिन उसके बाद चालक को तुरंत तेल डलवाने को भेजा गया। उन्होंने बताया कि नवजात को ले जाने के लिए उन्होंने अस्पताल की एंबुलेंस भी देने की बात कही थी।