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गैरसैंण राजधानी को लेकर पदयात्रा पर निकले प्रवीण सिंह का किया स्वागत
Updated Wed, 04 Jul 2018 11:16 PM IST
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चौखुटिया(अल्मोड़ा)। उत्तरकाशी के मोरी से 25 मई से गैरसैंण स्थायी राजधानी और नशा नहीं, रोजगार दो जैसे मुद्दों को लेकर पद यात्रा पर निकले प्रवीण सिंह का लोगों ने गैरसैंण, मेहलचौरी, खीड़ा और चौखुटिया आदि विभिन्न स्थानों पर स्वागत किया। प्रवीण सिंह इससे पहले गैरसैंण में भी नौ दिन का आमरण अनशन कर चुके हैं।
करीब अड़तीस दिनों से पद यात्रा कर रहे बनारस के मूल निवासी और दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र रहे प्रवीण सिंह प्रदेश में उस समय सुर्खियों में आए जब उन्होंने ऋषिकेश एम्स में महंगे उपचार के खिलाफ आंदोलन चलाया। प्रवीण सिंह का कहना है कि उन्हें उत्तराखंड मूल के अपने साथियों के माध्यम से उत्तराखंड में लोगों के गैरसैंण राजधानी को लेकर संघर्ष करने की जानकारी मिली तो वह आंदोलन को मजबूत करने के लिए इस अभियान में जुट गए हैं।
बताते हैं कि वे प्रतिदिन दस किलोमीटर पैदल यात्रा करने के साथ ही निकटवर्ती गांवों के बुजुर्गों, बच्चों, महिलाओं आदि से सीधा संवाद करते हैं। चौखुटिया पहुंचने पर उनका स्वास्थ्य भी बिगड़ गया।प्राथमिक उपचार के बाद उनके स्वास्थ्य में सुधार है।
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करीब अड़तीस दिनों से पद यात्रा कर रहे बनारस के मूल निवासी और दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र रहे प्रवीण सिंह प्रदेश में उस समय सुर्खियों में आए जब उन्होंने ऋषिकेश एम्स में महंगे उपचार के खिलाफ आंदोलन चलाया। प्रवीण सिंह का कहना है कि उन्हें उत्तराखंड मूल के अपने साथियों के माध्यम से उत्तराखंड में लोगों के गैरसैंण राजधानी को लेकर संघर्ष करने की जानकारी मिली तो वह आंदोलन को मजबूत करने के लिए इस अभियान में जुट गए हैं।
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बताते हैं कि वे प्रतिदिन दस किलोमीटर पैदल यात्रा करने के साथ ही निकटवर्ती गांवों के बुजुर्गों, बच्चों, महिलाओं आदि से सीधा संवाद करते हैं। चौखुटिया पहुंचने पर उनका स्वास्थ्य भी बिगड़ गया।प्राथमिक उपचार के बाद उनके स्वास्थ्य में सुधार है।
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