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कल्याण कोष का लाभ मजदूरों और श्रमिकों को मिले
Updated Wed, 13 Jun 2018 12:05 AM IST
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अल्मोड़ा। बंधुवा मुक्ति मोर्चा की पहल पर हुई मजदूरों की बैठक में उनकी समस्याओं पर चर्चा की गई। साथ ही उन्हें अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। उन्होंने सरकार से मजदूर कल्याण परियोजना के तहत प्राप्त अधिभार में जमा धनराशि का लाभ मजदूरों को देने की मांग उठाई।
बैठक में मजदूरों ने मजदूर कल्याण परियोजना में पंजीकरण में आ रही परेशानियां बताईं। उन्होंने कहा कि तीन माह लगातार काम करने का प्रमाण पत्र मनरेगा मजदूरों को मिल रहा है, किंतु दैनिक मजदूर प्रतिदिनि अलग-अलग लोगों के घरों में मकान बनाने और अन्य कार्य करते हैं पर निजी लोगों द्वारा दिए गए प्रमाण पत्र को श्रम विभाग मान्यता नहीं देता है। प्रमाण पत्र पंजीकृत ठेकेदार अथवा ग्राम सभाओं में पंजीकृत मनरेगा मजदूरों को ही दिया जा रहा है। इस कारण अन्य मजदूर प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। मांग उठाई कि श्रम विभाग उनके शपथ पत्र अथवा निजी अपंजीकृत नियोक्ताओं के प्रमाण पत्र को मान्यता दे, ताकि मजदूर कल्याण परियोजना का उन्हें भी लाभ प्राप्त हो सके। मोर्चा के जिला संयोजक दयाकृष्ण कांडपाल ने कहा कि मजदूर कल्याण परियोजना के तहत जिले में हजारों मजदूर पंजीकृत हैं। सरकार के पास मजदूर कल्याण परियोजना में करोड़ रुपये जमा हैं। यह धनराशि मजदूरों के बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पेंशन के लिए व्यय होनी चाहिए पर श्रम विभाग में कार्मिकों के अभाव के कारण मजदूरों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। मोर्चा ने इसको लेकर जागरूकता अभियान चलाने की अपील जिला विधिक साक्षरता मिशन से की है। बैठक की अध्यक्षता पूरन चंद्र तिवारी ने की। बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों के अलावा मजदूर कालीचरण, शंकर राम, मीरा देवी, पार्वती देवी आदि ने भाग लिया।
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बैठक में मजदूरों ने मजदूर कल्याण परियोजना में पंजीकरण में आ रही परेशानियां बताईं। उन्होंने कहा कि तीन माह लगातार काम करने का प्रमाण पत्र मनरेगा मजदूरों को मिल रहा है, किंतु दैनिक मजदूर प्रतिदिनि अलग-अलग लोगों के घरों में मकान बनाने और अन्य कार्य करते हैं पर निजी लोगों द्वारा दिए गए प्रमाण पत्र को श्रम विभाग मान्यता नहीं देता है। प्रमाण पत्र पंजीकृत ठेकेदार अथवा ग्राम सभाओं में पंजीकृत मनरेगा मजदूरों को ही दिया जा रहा है। इस कारण अन्य मजदूर प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। मांग उठाई कि श्रम विभाग उनके शपथ पत्र अथवा निजी अपंजीकृत नियोक्ताओं के प्रमाण पत्र को मान्यता दे, ताकि मजदूर कल्याण परियोजना का उन्हें भी लाभ प्राप्त हो सके। मोर्चा के जिला संयोजक दयाकृष्ण कांडपाल ने कहा कि मजदूर कल्याण परियोजना के तहत जिले में हजारों मजदूर पंजीकृत हैं। सरकार के पास मजदूर कल्याण परियोजना में करोड़ रुपये जमा हैं। यह धनराशि मजदूरों के बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पेंशन के लिए व्यय होनी चाहिए पर श्रम विभाग में कार्मिकों के अभाव के कारण मजदूरों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। मोर्चा ने इसको लेकर जागरूकता अभियान चलाने की अपील जिला विधिक साक्षरता मिशन से की है। बैठक की अध्यक्षता पूरन चंद्र तिवारी ने की। बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों के अलावा मजदूर कालीचरण, शंकर राम, मीरा देवी, पार्वती देवी आदि ने भाग लिया।
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