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पर्वतीय क्षेत्र में बंद रोडवेज की सेवाएं चालू की जाएं
Updated Thu, 22 Jun 2017 04:07 PM IST
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पर्वतीय क्षेत्र में बंद रोडवेज की सेवाएं चालू की जाएं
अल्मोड़ा। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद शाखा की बैठक में वक्ताओं ने कहा कि रोडवेज की पर्वतीय क्षेत्रों में बंद पड़ी सेवाओं को पुन: चालू किया जाए। उन्होंने परिवहन निगम को राजकीय रोडवेज घोषित करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि पर्वतीय मार्गों में परिवहन निगम का किराया अधिक और केमू का किराया कम होने के कारण विभाग को आर्थिक नुकसान हो रहा है। परिवहन निगम का किराया प्राइवेट वाहनों के किराया के बराबर ही किया जाना चाहिए। डिपो में बुकिंग क्लर्क, चालक, परिचलाकों की कमी से विभाग के कार्यो पर विपरीत असर पड़ रहा है। उन्होंने संविदा, बाह्य स्रोत से रखे गए चालक, परिचालकों और कार्यशाला के तकनीकी कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की। जब तक इन कर्मचारियों को नियमित नहीं किया जाता है तब तक उनको 15 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाए। प्रतिकूल प्रविष्टि को एसीपी देने से अलग रखा जाए। जिस तरह से वर्ष में प्रतिकूल प्रविष्टि होने पर वेतन वृद्धि नहीं रोकी जाती है उसी तरह एसीपी के लाभ से भी वंचित नहीं किया जाए। डिपो को कम से कम 42 नई ईबीटीएम मशीनें दी जाए।
उन्होंने डिपो में पूर्णकालिक सहायक महाप्रबंधक की नियुक्ति करने, निगम में अनुबंधित बसों का संचालन बंद करने, ऑनलाइन बुकिंग प्राइवेट सेक्टर से बंद करवाकर निगम से करवाने, चालकों की डीजल रिकवरी और परिचालकों की कम इनकम पर मार्ग परिवर्तन को तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की मांग की। अध्यक्षता डिपो अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी ने और संचालन मंत्री राम दत्त पपनै ने किया। बैठक में सुरेश नेगी, प्रेम सिंह, चंदन सिंह राणा, रोहित कुमार, सुरेश जोशी, आनंदी शुक्ला, भगवती नेगी, हरि प्रसाद, दिवान सिंह, केडी सनवाल, महेंद्र लाल, संजय कुमार आदि मौजूद थे।
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अल्मोड़ा। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद शाखा की बैठक में वक्ताओं ने कहा कि रोडवेज की पर्वतीय क्षेत्रों में बंद पड़ी सेवाओं को पुन: चालू किया जाए। उन्होंने परिवहन निगम को राजकीय रोडवेज घोषित करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि पर्वतीय मार्गों में परिवहन निगम का किराया अधिक और केमू का किराया कम होने के कारण विभाग को आर्थिक नुकसान हो रहा है। परिवहन निगम का किराया प्राइवेट वाहनों के किराया के बराबर ही किया जाना चाहिए। डिपो में बुकिंग क्लर्क, चालक, परिचलाकों की कमी से विभाग के कार्यो पर विपरीत असर पड़ रहा है। उन्होंने संविदा, बाह्य स्रोत से रखे गए चालक, परिचालकों और कार्यशाला के तकनीकी कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की। जब तक इन कर्मचारियों को नियमित नहीं किया जाता है तब तक उनको 15 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाए। प्रतिकूल प्रविष्टि को एसीपी देने से अलग रखा जाए। जिस तरह से वर्ष में प्रतिकूल प्रविष्टि होने पर वेतन वृद्धि नहीं रोकी जाती है उसी तरह एसीपी के लाभ से भी वंचित नहीं किया जाए। डिपो को कम से कम 42 नई ईबीटीएम मशीनें दी जाए।
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उन्होंने डिपो में पूर्णकालिक सहायक महाप्रबंधक की नियुक्ति करने, निगम में अनुबंधित बसों का संचालन बंद करने, ऑनलाइन बुकिंग प्राइवेट सेक्टर से बंद करवाकर निगम से करवाने, चालकों की डीजल रिकवरी और परिचालकों की कम इनकम पर मार्ग परिवर्तन को तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की मांग की। अध्यक्षता डिपो अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी ने और संचालन मंत्री राम दत्त पपनै ने किया। बैठक में सुरेश नेगी, प्रेम सिंह, चंदन सिंह राणा, रोहित कुमार, सुरेश जोशी, आनंदी शुक्ला, भगवती नेगी, हरि प्रसाद, दिवान सिंह, केडी सनवाल, महेंद्र लाल, संजय कुमार आदि मौजूद थे।
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