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सेमेस्टर प्रणाली से हो रहा छात्रों को नुकसान
Updated Wed, 21 Jun 2017 10:07 PM IST
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सेमेस्टर प्रणाली से हो रहा छात्रों को नुकसान
अल्मोड़ा। उत्तराखंड स्टूडेंट फेडरेशन (यूएसएफ) का कहना है कि कुमाऊं विवि और महाविद्यालयों में सेमेस्टर प्रणाली ठीक से लागू नहीं होने के कारण पठन-पाठन कार्य प्रभावित हो रहा है। मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में संगठन ने कहा कि पिछले सेमेस्टर में एक माह भी पढ़ाई नहीं हो पाई है। अधिकांश वक्त परीक्षा कराने में ही निकल जाता है। इसलिए सेमेस्टर प्रणाली समाप्त कर दी जाए अथवा परीक्षाओं और पढ़ाई के लिए अलग भवनों की व्यवस्था की जाए।
ज्ञापन में कहा गया है कि कुमाऊं विवि के अल्मोड़ा कैंपस में अधिकांश कक्षों में बिजली की व्यवस्था नहीं है। बरसात के मौसम में पठन-पाठन प्रभावित होता है। परीक्षा के दौरान कई बार कक्ष में अंधेरा छाया रहता है। शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए निजी और सरकारी कालेजों में समान पाठ्यक्रम, समान भाषा लागू की जाए ताकि शिक्षा में असमानता खत्म हो सके। संगठन ने मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। ज्ञापन भेजने वालों में जिलाध्यक्ष कमलेश जोशी, चंद्रशेखर जोशी, रोहित चम्याल, विशाल चंदेल, सागर प्रसाद, पीयूष जोशी, मनोज कुमार, उदय मेहरा आदि शामिल थे।
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अल्मोड़ा। उत्तराखंड स्टूडेंट फेडरेशन (यूएसएफ) का कहना है कि कुमाऊं विवि और महाविद्यालयों में सेमेस्टर प्रणाली ठीक से लागू नहीं होने के कारण पठन-पाठन कार्य प्रभावित हो रहा है। मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में संगठन ने कहा कि पिछले सेमेस्टर में एक माह भी पढ़ाई नहीं हो पाई है। अधिकांश वक्त परीक्षा कराने में ही निकल जाता है। इसलिए सेमेस्टर प्रणाली समाप्त कर दी जाए अथवा परीक्षाओं और पढ़ाई के लिए अलग भवनों की व्यवस्था की जाए।
ज्ञापन में कहा गया है कि कुमाऊं विवि के अल्मोड़ा कैंपस में अधिकांश कक्षों में बिजली की व्यवस्था नहीं है। बरसात के मौसम में पठन-पाठन प्रभावित होता है। परीक्षा के दौरान कई बार कक्ष में अंधेरा छाया रहता है। शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए निजी और सरकारी कालेजों में समान पाठ्यक्रम, समान भाषा लागू की जाए ताकि शिक्षा में असमानता खत्म हो सके। संगठन ने मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। ज्ञापन भेजने वालों में जिलाध्यक्ष कमलेश जोशी, चंद्रशेखर जोशी, रोहित चम्याल, विशाल चंदेल, सागर प्रसाद, पीयूष जोशी, मनोज कुमार, उदय मेहरा आदि शामिल थे।
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