{"_id":"5cd31cd8bdec22071a3881bd","slug":"151557339352-almora-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पालीहाउस में करें मौसमी और बेमौसमी सब्जी उत्पादन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पालीहाउस में करें मौसमी और बेमौसमी सब्जी उत्पादन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। जीबी पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण एवं सतत विकास संस्थान कोसी कटारमल के ग्रामीण तकनीकी परिसर में कृषकों को संरक्षित खेती से आजीविका संवर्धन की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया।
विशेषज्ञों ने काश्तकारों से कहा कि पॉलीहाउस में मौसमी और बेमौसमी सब्जी उत्पादन कर आय में बढ़ोतरी करें।
वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आरसी सुंदरियाल ने कहा कि वर्तमान में जलवायु परिवर्तन की वजह से समय पर बारिश नहीं होना और अन्य समस्याओं की वजह से धीरे-धीरे परंपरागत तरीके से होने वाली सब्जियों का उत्पादन कम हो रहा है। इसका अच्छा विकल्प पॉलीहाउस हो सकता है।
वीपीकेएस के वैज्ञानिक डॉ. गणेश चौधरी ने सब्जियों में लगने वाले विभिन्न रोगों और उनके उपचार के उपाय बताए। द्वितीय सत्र में प्रतिभागी ग्यारह गांवों के चयनित 29 किसानों को तिलारो गांव में प्रगतिशील किसान भुवन गिरि के प्रक्षेत्र का भ्रमण कराया गया।
विज्ञापन
कृषि विज्ञान केंद्र मटेला के डॉ. शिव दयाल ने पॉलीहाउस में जैविक पद्धति से सब्जी उगाने और कीट प्रबंधन की तकनीकी बताई। नोडल अधिकारी डॉ. हर्षित पंत ने संस्थान के ग्रामीण तकनीक परिसर में किए जा रहे कार्यों के बारे में बतया।
विज्ञापन
विशेषज्ञों ने काश्तकारों से कहा कि पॉलीहाउस में मौसमी और बेमौसमी सब्जी उत्पादन कर आय में बढ़ोतरी करें।
वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आरसी सुंदरियाल ने कहा कि वर्तमान में जलवायु परिवर्तन की वजह से समय पर बारिश नहीं होना और अन्य समस्याओं की वजह से धीरे-धीरे परंपरागत तरीके से होने वाली सब्जियों का उत्पादन कम हो रहा है। इसका अच्छा विकल्प पॉलीहाउस हो सकता है।
विज्ञापन
वीपीकेएस के वैज्ञानिक डॉ. गणेश चौधरी ने सब्जियों में लगने वाले विभिन्न रोगों और उनके उपचार के उपाय बताए। द्वितीय सत्र में प्रतिभागी ग्यारह गांवों के चयनित 29 किसानों को तिलारो गांव में प्रगतिशील किसान भुवन गिरि के प्रक्षेत्र का भ्रमण कराया गया।
विज्ञापन
कृषि विज्ञान केंद्र मटेला के डॉ. शिव दयाल ने पॉलीहाउस में जैविक पद्धति से सब्जी उगाने और कीट प्रबंधन की तकनीकी बताई। नोडल अधिकारी डॉ. हर्षित पंत ने संस्थान के ग्रामीण तकनीक परिसर में किए जा रहे कार्यों के बारे में बतया।