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डीडीए लागू होने से पालिका को प्रतिवर्ष हो रहा 30 से 40 लाख का नुकसान
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अल्मोड़ा। पालिका बोर्ड की हुई बैठक में सरकार से जिला विकास प्राधिकरण समाप्त करने की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि प्राधिकरण के लागू होने से पालिका को प्रतिवर्ष 30 से 40 लाख का नुकसान हो रहा है। तेरह वार्डों में रास्तों के निर्माण के लिए बोर्ड ने 40 लाख के आंगणन भी पास किए गए।
अध्यक्षता करते हुए पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने जिला विकास प्राधिकरण को जन विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण के लागू होने से पालिका को प्रतिवर्ष 30 से 40 लाख का नुकसान हो रहा है, लेकिन उसकी कहीं से प्रतिपूर्ति नहीं की जा रही है। बैठक में बिजली उपकरण खरीदने का प्रस्ताव पारित किया गया। तय हुआ कि जन पोर्टल के माध्यम से बिजली उपकरण खरीद की जाएगी। बताया गया कि पालिका का कूड़ा उठाने वाला एक ट्रक 18 साल पुराना हो गया है। उसके स्थान पर नया ट्रक खरीदने का प्रस्ताव पारित हुआ।
सदस्यों ने नौलों का संरक्षण करने का भी मुद्दा उठाया। सदस्यों का कहना था कि जल संस्थान द्वारा नालियों और रास्तों में पेयजल लाइनें बिछाई गई हैं। इससे सफाई व्यवस्था प्रभावित होने के साथ ही आम जनता को भी दिक्कतें हो रही हैं। वहीं लीकेज होने और रात्रि में पाला पड़ने पर लोग फिसल रहे हैं। पालिकाध्यक्ष जोशी ने कहा कि गोपालधारा मार्ग पर जल संस्थान द्वारा पाइप लाइन डालने से रास्ता उबड़-खाबड़ हो गया है।
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उन्होंने कहा कि जल संस्थान के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को लिखा गया है। बैठक में बंदरों और लावारिस पशुओं को भी शहर से हटाने का मुद्दा सदन में उठा। नगर पालिका क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों की मजदूरी तय करने के लिए बोर्ड ने अधिशासी अधिकारी को श्रम विभाग, जिला प्रशासन और व्यापारियों से समन्वय कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में पालिका के अधिशासी अधिकारी श्याम सुंदर, सभासद राजेंद्र तिवारी, जगमोहन बिष्ट, हेम चंद्र तिवारी, अमित साह, मनोज जोशी, सौरभ वर्मा, दीप्ति सोनकर, रेखा अल्मियां, आशा रावत, दीपा साह, सचिन आर्या, तरन्नुम बी आदि ने भाग लिया।
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अध्यक्षता करते हुए पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने जिला विकास प्राधिकरण को जन विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण के लागू होने से पालिका को प्रतिवर्ष 30 से 40 लाख का नुकसान हो रहा है, लेकिन उसकी कहीं से प्रतिपूर्ति नहीं की जा रही है। बैठक में बिजली उपकरण खरीदने का प्रस्ताव पारित किया गया। तय हुआ कि जन पोर्टल के माध्यम से बिजली उपकरण खरीद की जाएगी। बताया गया कि पालिका का कूड़ा उठाने वाला एक ट्रक 18 साल पुराना हो गया है। उसके स्थान पर नया ट्रक खरीदने का प्रस्ताव पारित हुआ।
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सदस्यों ने नौलों का संरक्षण करने का भी मुद्दा उठाया। सदस्यों का कहना था कि जल संस्थान द्वारा नालियों और रास्तों में पेयजल लाइनें बिछाई गई हैं। इससे सफाई व्यवस्था प्रभावित होने के साथ ही आम जनता को भी दिक्कतें हो रही हैं। वहीं लीकेज होने और रात्रि में पाला पड़ने पर लोग फिसल रहे हैं। पालिकाध्यक्ष जोशी ने कहा कि गोपालधारा मार्ग पर जल संस्थान द्वारा पाइप लाइन डालने से रास्ता उबड़-खाबड़ हो गया है।
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उन्होंने कहा कि जल संस्थान के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को लिखा गया है। बैठक में बंदरों और लावारिस पशुओं को भी शहर से हटाने का मुद्दा सदन में उठा। नगर पालिका क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों की मजदूरी तय करने के लिए बोर्ड ने अधिशासी अधिकारी को श्रम विभाग, जिला प्रशासन और व्यापारियों से समन्वय कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में पालिका के अधिशासी अधिकारी श्याम सुंदर, सभासद राजेंद्र तिवारी, जगमोहन बिष्ट, हेम चंद्र तिवारी, अमित साह, मनोज जोशी, सौरभ वर्मा, दीप्ति सोनकर, रेखा अल्मियां, आशा रावत, दीपा साह, सचिन आर्या, तरन्नुम बी आदि ने भाग लिया।