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दो टीमें जांच में जुटी फिर भी नतीजा सिफर
Updated Mon, 20 Nov 2017 09:54 PM IST
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अल्मोड़ा। काफलीखान के पास करीब कुछ दिन पहले संदिग्धावस्था में मृत मिले तेंदुए के संबंध में वन विभाग को अभी तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। जागेश्वर वन रेंज के अधिकारियों और कर्मचारियों के अलावा डीएफओ द्वारा तीन सदस्यीय जांच टीम भी इस कार्य में लगी हुई है।
पिछले दिनों काफलीखान में तीन वर्षीय तेंदुए को मार दिया गया था। तेंदुए को मारकर तस्कर उसकी खाल, सिर और नाखून भी साथ ले गए थे। जिसके बाद वन विभाग के अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए थे। तब से लेकर अब तक दो सप्ताह हो गए, लेकिन न तो तस्कर पकड़े गए और न तेंदुए के अंग बरामद हो सके। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तेंदुए की मौत का कारण प्राकृतिक बताया गया। तो भी तेंदुए की खाल, नाखून और सिर गायब है और वन विभाग की टीम को संदेह है कि यह आसपास के गांव के किसी की करतूत है। रेंज के वन क्षेत्राधिकारी मनोज सनवाल ने बताया कि वन विभाग की टीम अपने स्तर से गोपनीय जांच में जुटी है और जल्द ही मामले का पर्दाफाश कर दिया जाएगा। इधर डीएफओ आरसी शर्मा द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच टीम भी अपने स्तर से तेंदुए की खाल, नाखून और सिर के गायब होने और संदिग्ध व्यक्ति की पहचान में जुट गई है। डीएफओ ने एक माह के भीतर रिपोर्ट देने को कहा है।
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पिछले दिनों काफलीखान में तीन वर्षीय तेंदुए को मार दिया गया था। तेंदुए को मारकर तस्कर उसकी खाल, सिर और नाखून भी साथ ले गए थे। जिसके बाद वन विभाग के अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए थे। तब से लेकर अब तक दो सप्ताह हो गए, लेकिन न तो तस्कर पकड़े गए और न तेंदुए के अंग बरामद हो सके। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तेंदुए की मौत का कारण प्राकृतिक बताया गया। तो भी तेंदुए की खाल, नाखून और सिर गायब है और वन विभाग की टीम को संदेह है कि यह आसपास के गांव के किसी की करतूत है। रेंज के वन क्षेत्राधिकारी मनोज सनवाल ने बताया कि वन विभाग की टीम अपने स्तर से गोपनीय जांच में जुटी है और जल्द ही मामले का पर्दाफाश कर दिया जाएगा। इधर डीएफओ आरसी शर्मा द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच टीम भी अपने स्तर से तेंदुए की खाल, नाखून और सिर के गायब होने और संदिग्ध व्यक्ति की पहचान में जुट गई है। डीएफओ ने एक माह के भीतर रिपोर्ट देने को कहा है।
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