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नैनी चौगर्खा में शिक्षकों के कई पद खाली, पढ़ाई पर असर
Updated Mon, 10 Jul 2017 10:51 PM IST
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अल्मोड़ा। धौलादेवी विकासखंड के जीआईसी नैनी चौगर्खा में शिक्षकों के कई पद खाली होने से पठन-पाठन पर असर पड़ रहा है। महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक नहीं होने के कारण उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अभिभावकों ने शिक्षकों के खाली पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने की मांग की है।
जीआईसी नैनी चौगर्खा में एलटी संवर्ग में विज्ञान, संस्कृत, कला शिक्षकों तथा हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, गणित, जीव विज्ञान प्रवक्ताओं के पद खाली हैं। इस विद्यालय में हरड़ा, तरुला, नायल, खडयारी, बजेला, तडख़ेत, चमुवां, कपकोली, पपगाड़, जामणी, करोजिया, टंगणुवां समेत कई दूरस्थ गांवों से छात्र-छात्राएं पढ़ने आते हैं। गणित, विज्ञान, अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक नहीं होने के कारण पढ़ाई पर असर पड़ रहा है।
खासकर विज्ञान वर्ग के छात्र-छात्राओं को अधिक दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि 2002 से विद्यालय में प्रधानाचार्य का पद भी खाली है। नैनी निवासी खुशाल सिंह खनी ने बताया कि शिक्षकों की कमी के संबंध में कई बार शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई, लेकिन शिक्षकों के खाली पद आज तक नहीं भरे गए हैं। उन्होंने शिक्षकों के खाली पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने की मांग की है।
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जीआईसी नैनी चौगर्खा में एलटी संवर्ग में विज्ञान, संस्कृत, कला शिक्षकों तथा हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, गणित, जीव विज्ञान प्रवक्ताओं के पद खाली हैं। इस विद्यालय में हरड़ा, तरुला, नायल, खडयारी, बजेला, तडख़ेत, चमुवां, कपकोली, पपगाड़, जामणी, करोजिया, टंगणुवां समेत कई दूरस्थ गांवों से छात्र-छात्राएं पढ़ने आते हैं। गणित, विज्ञान, अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक नहीं होने के कारण पढ़ाई पर असर पड़ रहा है।
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खासकर विज्ञान वर्ग के छात्र-छात्राओं को अधिक दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि 2002 से विद्यालय में प्रधानाचार्य का पद भी खाली है। नैनी निवासी खुशाल सिंह खनी ने बताया कि शिक्षकों की कमी के संबंध में कई बार शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई, लेकिन शिक्षकों के खाली पद आज तक नहीं भरे गए हैं। उन्होंने शिक्षकों के खाली पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने की मांग की है।
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