{"_id":"5af480be4f1c1b6e098b90f6","slug":"131525973182-almora-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला योजना की संरचना का कार्य करें प्राथमिकता से","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला योजना की संरचना का कार्य करें प्राथमिकता से
Updated Thu, 10 May 2018 10:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। जिलाधिकारी ईवा आशीष श्रीवास्तव ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए जिला योजना के प्रस्तावों और जिला योजना की संरचना का कार्य प्राथमिकता के आधार कर करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों की बैठक में डीएम ने कहा कि विकास योजना तैयार करने से पूर्व ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत की विकास योजनाओं को शामिल कर योजना तैयार की जानी है।
डीएम ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रस्तावों को शीघ्र पास कराकर जिला योजना की प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में रखना सुनिश्चित करें। जिले के इस वर्ष का परिव्यय 41.12 करोड़ रुपये शासन ने आवंटित किया है। मनरेगा में भी योजनाओं को प्राथमिकता दें। निर्माणदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि प्राथमिकता के अनुरूप योजनाओं का नाम, स्थल निर्धारण सुनिश्चित करें। जल संस्थान, लघु सिंचाई, सिंचाई, जल निगम और कृषि विभाग को आपस में समन्वय स्थापित कर क्षतिग्रस्त योजनाओं के प्रस्ताव प्रेषित करने को कहा।
उन्होंने कहा कि जो योजनाएं विभिन्न चरणों में पूर्ण होती हैं, संबंधित विभाग ऐसी योजनाओं के आंगणन और भूमि की उपलब्धता के बाद ही योजनाएं प्रस्तावित करें। जिले की आवश्यकता को देखते हुए ऐसे प्रस्तावों को प्राथमिकता दें जिनमें धनराशि व्यय करने में अल्प अवधि में ही विकास की संभावनाओं को बल मिल सके।
विज्ञापन
डीएम ने 2017-18 की जिला, केंद्र पोषित योजना और बीस सूत्री कार्यक्रमों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिन विभागों ने पिछले वित्तीय वर्ष में कम धनराशि खर्च की है, वह इस वर्ष अभी से तैयारी कर लें। मुख्य विकास अधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी विभागों से अनुसूचित जाति जनजाति उप योजनाओं के प्रस्तावों को भी शामिल करने को कहा। बैठक में अर्थ संख्याधिकारी जीएस कालकोटी, मुख्य कृषि अधिकारी प्रियंका सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. विनीता साह, अपर संख्याधिकारी सुनीता मल्होत्रा आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन
डीएम ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रस्तावों को शीघ्र पास कराकर जिला योजना की प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में रखना सुनिश्चित करें। जिले के इस वर्ष का परिव्यय 41.12 करोड़ रुपये शासन ने आवंटित किया है। मनरेगा में भी योजनाओं को प्राथमिकता दें। निर्माणदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि प्राथमिकता के अनुरूप योजनाओं का नाम, स्थल निर्धारण सुनिश्चित करें। जल संस्थान, लघु सिंचाई, सिंचाई, जल निगम और कृषि विभाग को आपस में समन्वय स्थापित कर क्षतिग्रस्त योजनाओं के प्रस्ताव प्रेषित करने को कहा।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जो योजनाएं विभिन्न चरणों में पूर्ण होती हैं, संबंधित विभाग ऐसी योजनाओं के आंगणन और भूमि की उपलब्धता के बाद ही योजनाएं प्रस्तावित करें। जिले की आवश्यकता को देखते हुए ऐसे प्रस्तावों को प्राथमिकता दें जिनमें धनराशि व्यय करने में अल्प अवधि में ही विकास की संभावनाओं को बल मिल सके।
विज्ञापन
डीएम ने 2017-18 की जिला, केंद्र पोषित योजना और बीस सूत्री कार्यक्रमों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिन विभागों ने पिछले वित्तीय वर्ष में कम धनराशि खर्च की है, वह इस वर्ष अभी से तैयारी कर लें। मुख्य विकास अधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी विभागों से अनुसूचित जाति जनजाति उप योजनाओं के प्रस्तावों को भी शामिल करने को कहा। बैठक में अर्थ संख्याधिकारी जीएस कालकोटी, मुख्य कृषि अधिकारी प्रियंका सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. विनीता साह, अपर संख्याधिकारी सुनीता मल्होत्रा आदि उपस्थित थे।