{"_id":"5b0850b64f1c1bda6e8b499f","slug":"11527271606-almora-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुमाऊंनी और गढ़वाली शैली में बने घरों को होम स्टे बनाने में मिलेगी प्राथमिकता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुमाऊंनी और गढ़वाली शैली में बने घरों को होम स्टे बनाने में मिलेगी प्राथमिकता
Updated Fri, 25 May 2018 11:48 PM IST
विज्ञापन
अल्मोड़ा। पंडित दीनदयाल उपाध्याय गृह आवास विकास योजना के तहत अब सरकार द्वारा होम स्टे के लिए ऋण भी दिलाया जा रहा है। स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए जिले को इस बार 200 होम स्टे बनाने का लक्ष्य दिया गया है। जिले में 69 होम स्टे बन चुके हैं। कुमाऊं, गढ़वाली शैली में बने घरों को होम स्टे बनाने के लिए प्राथमिकता मिल रही है।
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद देहरादून द्वारा इस बार होम स्टे योजना में 30 लाख रुपये तक का ऋण भी दिया जा रहा है। इसमें आवेदक को 33 प्रतिशत तक सब्सिडी भी मिलेगी। पूर्व से चल रही इस योजना में जिले में सबसे ज्यादा होम स्टे कसारदेवी क्षेत्र में हैं। विदेशी सैलानियों के आने के कारण कसारदेवी में अधिकांश लोगों ने इस योजना का लाभ उठाया है। हालांकि पूर्व में इस योजना में ऋण की व्यवस्था नहीं थी। नया होम स्टे बनाने के लिए आवेदक एक से छह कमरे तक निर्माण कर सकता है। होम स्टे को तीन कैटेगरी में रखा गया है। इनमें गोल्ड, सिल्वर, ब्रांज शामिल हैं। आवेदक जिस श्रेणी में होम स्टे का निर्माण करेगा, उसे मानकों के अनुसार उसी श्रेणी में प्राथमिकता दी जाएगी। गोल्ड श्रेणी में हवादार, साफ आधुनिक कमरों समेत इंटरनेट सुविधायुक्त, आधुनिक शौचालय वाले घर शामिल हैं। जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे ने बताया कि होम स्टे योजना से जुड़कर स्थानीय लोग आमदनी बढ़ा सकते हैं। इस बार सरकार की ओर से ऋण की भी व्यवस्था शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि आवेदक पर्यटन कार्यालय में आकर होम स्टे के बारे में जानकारी ले सकता है।
विज्ञापन
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद देहरादून द्वारा इस बार होम स्टे योजना में 30 लाख रुपये तक का ऋण भी दिया जा रहा है। इसमें आवेदक को 33 प्रतिशत तक सब्सिडी भी मिलेगी। पूर्व से चल रही इस योजना में जिले में सबसे ज्यादा होम स्टे कसारदेवी क्षेत्र में हैं। विदेशी सैलानियों के आने के कारण कसारदेवी में अधिकांश लोगों ने इस योजना का लाभ उठाया है। हालांकि पूर्व में इस योजना में ऋण की व्यवस्था नहीं थी। नया होम स्टे बनाने के लिए आवेदक एक से छह कमरे तक निर्माण कर सकता है। होम स्टे को तीन कैटेगरी में रखा गया है। इनमें गोल्ड, सिल्वर, ब्रांज शामिल हैं। आवेदक जिस श्रेणी में होम स्टे का निर्माण करेगा, उसे मानकों के अनुसार उसी श्रेणी में प्राथमिकता दी जाएगी। गोल्ड श्रेणी में हवादार, साफ आधुनिक कमरों समेत इंटरनेट सुविधायुक्त, आधुनिक शौचालय वाले घर शामिल हैं। जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे ने बताया कि होम स्टे योजना से जुड़कर स्थानीय लोग आमदनी बढ़ा सकते हैं। इस बार सरकार की ओर से ऋण की भी व्यवस्था शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि आवेदक पर्यटन कार्यालय में आकर होम स्टे के बारे में जानकारी ले सकता है।
विज्ञापन