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अनुसूचित जाति के लोगों को अधिकारों की जानकारी दी
Updated Sun, 21 Jan 2018 09:56 PM IST
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अल्मोड़ा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा रेतीखान (फलसीमा) पंचायत घर में आयोजित विधिक जागरूकता-साक्षरता शिविर में अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगों को उनके अधिकारों की जानकारी दी गई।
शिविर की अध्यक्षता करते हुए प्राधिकरण के सचिव डा. शेष चंद्र ने अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अधिनियम 1989 के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम अनुसूचित जातियों और जनजातियों के लोगों पर अत्याचार और अपराध रोकने, ऐसे अपराधों से पीड़ित व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए बनाया गया है। अधिनियम के अंतर्गत अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के लोगों का उत्पीड़न करने वाले व्यक्ति को कम से कम छह महीने और अधिक से अधिक पांच साल की सजा औैर जुर्माने का प्राविधान है।
उन्होंने कहा कि नशे की प्रवृत्ति के कारण बाल विवाह और बच्चियों के शारीरिक शोषण की घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जांच एजेंसी को जागरूकता संगोष्ठी आयोजित कर लोगों को नशे से दूर रहने का आह्वान करना चाहिए। इसके अलावा मानसिक स्वास्थ्य, वन संरक्षण अधिनियम, शिक्षा का अधिकार, निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा आदि योजनाओं के बारे में भी बताया गया।
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इस मौके पर पैरालीगल वालियंटर्स विनीता आर्या, लक्षिता बिष्ट, भावना तिवारी, शुभम आर्या, कैलाश चंद्र, नीता नेगी, सुनीता रानी, भावना आर्या, नीमा बिनवाल, जानकी कांडपाल, अरुणेंद्र राज तिवारी, धीरेंद्र सिंह रावत आदि मौजूद थे। इस अवसर पर प्राधिकरण की ओर से कानूनी ज्ञानमाला पुस्तकों का वितरण भी किया गया।
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शिविर की अध्यक्षता करते हुए प्राधिकरण के सचिव डा. शेष चंद्र ने अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अधिनियम 1989 के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम अनुसूचित जातियों और जनजातियों के लोगों पर अत्याचार और अपराध रोकने, ऐसे अपराधों से पीड़ित व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए बनाया गया है। अधिनियम के अंतर्गत अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के लोगों का उत्पीड़न करने वाले व्यक्ति को कम से कम छह महीने और अधिक से अधिक पांच साल की सजा औैर जुर्माने का प्राविधान है।
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उन्होंने कहा कि नशे की प्रवृत्ति के कारण बाल विवाह और बच्चियों के शारीरिक शोषण की घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जांच एजेंसी को जागरूकता संगोष्ठी आयोजित कर लोगों को नशे से दूर रहने का आह्वान करना चाहिए। इसके अलावा मानसिक स्वास्थ्य, वन संरक्षण अधिनियम, शिक्षा का अधिकार, निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा आदि योजनाओं के बारे में भी बताया गया।
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इस मौके पर पैरालीगल वालियंटर्स विनीता आर्या, लक्षिता बिष्ट, भावना तिवारी, शुभम आर्या, कैलाश चंद्र, नीता नेगी, सुनीता रानी, भावना आर्या, नीमा बिनवाल, जानकी कांडपाल, अरुणेंद्र राज तिवारी, धीरेंद्र सिंह रावत आदि मौजूद थे। इस अवसर पर प्राधिकरण की ओर से कानूनी ज्ञानमाला पुस्तकों का वितरण भी किया गया।