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गोपाल बाबू गोस्वामी की जयंती धूमधाम से मनाई
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चौखुटिया (अल्मोड़ा)। प्रसिद्ध लोक गायक स्व.गोपाल बाबू गोस्वामी की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर उनके पैतृक गांव चांदीखेत के निकट बैराठेश्वर में आयोजित सांस्कृतिक समारोह में गोपाल बाबू के गाए गीतों की धूम रही।
इस मौके पर उनके पुत्र रमेश गोस्वामी सहित बाहर से आए कई कलाकारों ने प्रस्तुति दी।
जयंती का शुभारंभ उनके बेटे रमेश गोस्वामी द्वारा प्रस्तुत वंदना देवी बाराही मेरी सेवा लिया हो से हुआ। रमेश ने इसके अलावा अपने पिता के प्रसिद्ध गीत सुनाकर पिता की यादों को ताजा कर दिया।
इसी क्रम में हिमालय लोक कला समिति अल्मोड़ा के कलाकारों ने उत्तराखंड देव भूमि तेरी जय-जय कारा, छपेली अल्मोड़ा बाजारा हुड़की बाजी रै, छूमैलो नृत्य आई गैना ऋतु बौड़ी सहित कई प्रस्तुतियां दीं।
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लोक गायक गोपाल मठपाल ने त्यर कतू भल रूप बनाई छू, गायक सतीश मैसी ने पिजाओ-पिजाओ म्यर पहाड़क ठंडो पाणी सुनाया। गायिका संगीता जोशी ने आमै की डाई मां घुघति नी बासा, रमेश कन्याली ने रंगीली चंगीली पुतई जैसी गीत सुनाया।
दीपक मंमगाई, गायिका ललिता बिष्ट ने भी गीत सुनाकर खूब तालियां बटोरी। इनके अलावा कृपाल बिष्ट, ललिता जोशी, गायत्री बिष्ट, जीवन राज व तनु बिष्ट आदि कलाकारों ने भी दर्शकों का मनोरंजन किया। संचालन रमेश गोस्वामी ने किया।
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इस मौके पर उनके पुत्र रमेश गोस्वामी सहित बाहर से आए कई कलाकारों ने प्रस्तुति दी।
जयंती का शुभारंभ उनके बेटे रमेश गोस्वामी द्वारा प्रस्तुत वंदना देवी बाराही मेरी सेवा लिया हो से हुआ। रमेश ने इसके अलावा अपने पिता के प्रसिद्ध गीत सुनाकर पिता की यादों को ताजा कर दिया।
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इसी क्रम में हिमालय लोक कला समिति अल्मोड़ा के कलाकारों ने उत्तराखंड देव भूमि तेरी जय-जय कारा, छपेली अल्मोड़ा बाजारा हुड़की बाजी रै, छूमैलो नृत्य आई गैना ऋतु बौड़ी सहित कई प्रस्तुतियां दीं।
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लोक गायक गोपाल मठपाल ने त्यर कतू भल रूप बनाई छू, गायक सतीश मैसी ने पिजाओ-पिजाओ म्यर पहाड़क ठंडो पाणी सुनाया। गायिका संगीता जोशी ने आमै की डाई मां घुघति नी बासा, रमेश कन्याली ने रंगीली चंगीली पुतई जैसी गीत सुनाया।
दीपक मंमगाई, गायिका ललिता बिष्ट ने भी गीत सुनाकर खूब तालियां बटोरी। इनके अलावा कृपाल बिष्ट, ललिता जोशी, गायत्री बिष्ट, जीवन राज व तनु बिष्ट आदि कलाकारों ने भी दर्शकों का मनोरंजन किया। संचालन रमेश गोस्वामी ने किया।