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35 सालों से वन श्रमिकों को नियमित नहीं करने पर नाराजगी
Updated Sun, 27 May 2018 11:17 PM IST
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अल्मोड़ा। कुमाऊं वन श्रमिक संघ ने 35 सालों से दैनिक श्रमिक के रूप में काम कर रहे वन श्रमिकों को नियमित करने की मांग की है। संघ ने मांगों को लेकर प्रमुख वन संरक्षक को ज्ञापन भेजा है।
संघ ने कहा कि वन श्रमिक पिछले 35 सालों से दैनिक श्रमिक के रूप में काम कर रहे है। कुछ श्रमिकों ने 2008-09 में वन आरक्षी विभागीय भर्ती में सभी औपचारिकताएं पूर्ण की, लेकिन अधीनस्थ वनाधिकारियों ने श्रमिकों को प्रतीक्षारत सूची में रख दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि तीन चार वर्षों से संविदा और आउटसोर्स श्रमिकों जिनका विभागीय कैश बुक और श्रमिक सूची में नाम तक दर्ज नहीं है, को नियमित कर दिया गया।
इस मामले मे श्रमिकों ने न्यायालय की शरण ली थी। न्यायालय ने नियमितीकरण के आदेश दिए थे, लेकिन अधिकारियों द्वारा न्यायालय के आदेश की अवहेलना की जा रही है। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष वसंत बल्लभ, उपाध्यक्ष कैलाश चंद्र, महामंत्री त्रिलोचन भट्ट, कोषाध्यक्ष नवीन बेवाड़ी, संगठन मंत्री बहादुर सिंह, प्रचार मंत्री बालम सिंह आदि शामिल थे।
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संघ ने कहा कि वन श्रमिक पिछले 35 सालों से दैनिक श्रमिक के रूप में काम कर रहे है। कुछ श्रमिकों ने 2008-09 में वन आरक्षी विभागीय भर्ती में सभी औपचारिकताएं पूर्ण की, लेकिन अधीनस्थ वनाधिकारियों ने श्रमिकों को प्रतीक्षारत सूची में रख दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि तीन चार वर्षों से संविदा और आउटसोर्स श्रमिकों जिनका विभागीय कैश बुक और श्रमिक सूची में नाम तक दर्ज नहीं है, को नियमित कर दिया गया।
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इस मामले मे श्रमिकों ने न्यायालय की शरण ली थी। न्यायालय ने नियमितीकरण के आदेश दिए थे, लेकिन अधिकारियों द्वारा न्यायालय के आदेश की अवहेलना की जा रही है। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष वसंत बल्लभ, उपाध्यक्ष कैलाश चंद्र, महामंत्री त्रिलोचन भट्ट, कोषाध्यक्ष नवीन बेवाड़ी, संगठन मंत्री बहादुर सिंह, प्रचार मंत्री बालम सिंह आदि शामिल थे।
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