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115 साल की उम्र में दौड़े पांच किलोमीटर

Sat, 30 Mar 2013 07:06 PM IST
रामनगर/ब्यूरो
रामनगर/ब्यूरो Updated Sat, 30 Mar 2013 07:06 PM IST
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again 5 kilometer run away 115 years 'young'

उम्र के जिस पड़ाव पर लोग खटिया पकड़ लेते हैं, उस उम्र में मेरठ जिले के निवासी धर्मपाल गुर्जर बुलंद होंसले के साथ युवाओं के लिए एक मिसाल बन रहे हैं।

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115 साल के एथलीट धर्मपाल ने उत्तराखंड के रामनगर में 5 किलोमीटर की दौड़ में हिस्सा लिया है।
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उनका सपना ब्रिटेन के 105 वर्षीय फौजा सिंह का रिकॉर्ड तोड़ने का है।

फौजा सिंह का रिकॉर्ड तोड़ने का सपना
अब तक राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में दस से अधिक स्वर्ण पदक जीते चुके हैं। शनिवार को धर्मपाल रामनगर के सांवल्दे गांव में हुई पांच किमी की रेस में दौड़े।

fauja singhचार वर्गों में होने वाली सेव टाइगर सेव एन्वायरनमेंट की थीम पर आयोजित रेस में भाग लेने पहुंचे धर्मपाल का लक्ष्य फौजा सिंह का रिकॉर्ड तोड़ना है।

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105 वर्ष के प्रवासी भारतीय फौजा सिंह ने 1 घंटे 32 मिनट 38 सेकंड में दस किमी दूरी तय करने का विश्व रिकॉर्ड बनाया था।

धर्मपाल बताते हैं कि उनका जन्म 1897 में यूपी में हुआ था। वे एक प्रगतिशील किसान हैं। निरक्षर धर्मपाल के सात बच्चे हैं। दर्जनभर नाती हैं। लेकिन उनकी अपनी खेल की दुनिया अलग है।

पुराने खिलाड़ी
उन्होंने वर्ष 2011 में चंडीगढ़, 2012 में बंगलूरू और अजमेर में पदक जीते। इससे पहले हरिद्वार, मुरादाबाद, दिल्ली में भी 100, 200, 400 मीटर रेस में कई पदक जीत चुके हैं।

धर्मपाल अपने पुरस्कारों में से दसवां हिस्सा राजकोष में जमा कराते हैं। वे जीतने से अधिक महत्व सहभागिता को देते हैं।

कई प्रतियोगिताओं में साथ प्रतिभाग कर चुके कोतवाल विजय सिंह चौधरी के न्योते पर धर्मपाल यहां पहुंचे हैं। युवक कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष संजय नेगी के माध्यम से शनिवार को उनका पंजीकरण कराया गया।

धर्मपाल यूपी के मूल निवासी होने के बावजूद राजस्थानी साफा पहनना पसंद करते हैं। इसके बारे में उन्होंने बताया कि गुर्जर आरक्षण के लिए आंदोलित करोड़ीमल बैसला की मौजूदगी में कई राज्यों के गुर्जरों ने उन्हें यह पगड़ी पहनाई है।

खुद नहीं, नाम पहुंचा विदेश
मेरठ के बुजुर्ग धावक धर्मपाल गुर्जर खुद एक बार भी विदेश नहीं गए, लेकिन उनका नाम विदेशी मीडिया में कई बार छाया है।

इंटरनेट का प्रयोग वह भले ही न करते हों लेकिन इसके बारे में जानकारी पूरी रखते हैं। इंटरनेट पर भी उन्होंने खूब नाम कमाया है।

उनका योगदान, नाम और सचित्र विवरण कालीकट विश्वविद्यालय केरल के एक्स फुटबालर्स एसोसिएशन के वार्षिकांक स्पोर्टक्लोपीडिया रिकॉर्ड बुक में भी शामिल है।

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