शौकीनों के लिए राहत भरी खबर, सस्ती होगी शराब
- नई आबकारी नीति से औसतन छह रूपये सस्ती होगी शराब
- नई नीति के तहत कंपनियों को नहीं देना होगा हैंडलिंग चार्ज
- मंडी परिषद को प्रति पेटी 70 रुपये मिलता था हैंडलिंग चार्ज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
शराब के शौकीनों को यह खबर राहत देने वाली है। शासन की ओर से एफएल टू की जगह पुरानी आबकारी नीति लागू किए जाने और कारोबार मंडी परिषद से छीन लिए जाने के बाद राज्य में शराब औसतन छह रुपये प्रति बोतल सस्ती हो सकती है।
ऐसे में अब शराब के शौकीनों को प्रति बोतल औसतन छह रुपये कम देना होगा। उल्लेखनीय है कि एफएल टू आबकारी नीति के तहत शराब का कारोबार मंडी परिषद के हाथों में होने की वजह से प्रति पेटी 70 रुपये हैंडलिंग शुल्क वसूला जाता था।
नई आबकारी नीति में अब समाप्त कर दिया गया है। इस हैंडलिंग शुल्क का बोझ शराब के शौकीनों पर पड़ता था। आबकारी विभाग के ही आंकड़ों नजर डाले तो राज्य में कुल मिलाकर सालाना 40 लाख पेटी शराब का कारोबार होता है।
हैंडलिंग शुल्क समाप्त होने से सस्ती होगी शराब
हैंडलिंग शुल्क के मद में मंडी परिषद को सालाना औसतन 28 करोड़ का राजस्व मिलता था। जिसमें से आधा हिस्सा यानी 14 करोड़ मंडी परिषद और बाकी 25-25 फीसदी लाभ जीएमवीएन और केएमवीएन को जाता था। लेकिन अब जबकि नई नीति के शराब निर्माता कंपनियां सीधे कारोबारी तक शराब पहुंचाएगी तो हैंडलिंग शुल्क समाप्त होने से शराब सस्ती होगी।
अपर मुख्य सचिव डॉ. रणवीर सिंह का कहना है कि हैंडलिंग शुल्क समाप्त होने से शराब सस्ती होगी। हैंडलिंग शुल्क वसूले जाने से शराब की दरें औसतन छह रूपये मंहगी थी। जिसे शराब के शौकीनों से वसूला जाता था।
बकौल अपर मुख्य सचिव डॉ. रणवीर सिंह नई आबकारी नीति को लेकर शासनादेश जारी कर दिया गया है जिसे लागू कराया जा रहा है।