{"_id":"56e5d8b84f1c1b674c8b457f","slug":"rail-ticket-scalpers-are-offering-employees","type":"story","status":"publish","title_hn":"कर्मचारी ही करा रहे रेल टिकटों की कालाबाजारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कर्मचारी ही करा रहे रेल टिकटों की कालाबाजारी
ब्यूरो/अमर उजाला वाराणसी
Updated Mon, 14 Mar 2016 02:46 AM IST
विज्ञापन
कैंट रेलवे स्टेश्ान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अगर आप बिना कतार में रेल का तत्काल टिकट और वह भी कन्फर्म चाहते हैं तो कैंट रेलवे स्टेशन पर तैनात कुछ रेल कर्मचारी इस काम में आपकी मदद कर सकते हैं। यह काम भले ही नियमों के खिलाफ है मगर रेलवे के कर्मचारी ही नियम कानून का माखौल उड़ा रहे हैं। रविवार को ऐसे ही एक रेलकर्मी के टिकट का खेल सामने आया जो कैंट रेलवे स्टेशन पर करंट काउंटर जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहा है।
यात्री से मिले मोबाइल नंबर के आधार पर एक दलाल से संपर्क किया गया। यात्री बनकर उससे फोन पर दिल्ली का टिकट कराने की बात कही गई। सबसे पहले उसने यात्री की पड़ताल की। संतुष्ट होने के बाद उसने एसी-3 का एक तत्काल टिकट कराने का 1700 रुपये मांगा। टिकट का 1400 और तीन सौ रुपये मेहनताना। रविवार को हुई बातचीत में सोमवार का एसी3 का दो टिकट बनवाना तय हुआ। उसे पैसा सोमवार की सुबह चाहिए था। गांव जाने की मजबूरी बताकर जब रविवार को ही पैसा लेने की बात कही गई तो उसने कैंट रेलवे स्टेशन के करंट काउंटर पर कार्यरत एक बाबू को दो टिकट का 3400 रुपये देने की बात कही। आधे घंटे बाद करंट काउंटर पर मौजूद रेल कर्मी से दलाल की बात कराई गई तो वह पैसा मांगने लगा। जब उससे यह आशंका व्यक्त की गई कि कहीं पैसा डूब न जाए तो उसने बाकायदा भरोसा दिलाया।
उन्होंने कहा कि वह दलाल है उनका काम ही यही है। रेल कर्मी ने इस बात की भी जमकर वकालत किया कि जब कोई लाइन में लगकर टोकन आदि लेकर टिकट लेगा तो निर्धारित मूल्य से ज्यादा पैसा लेगा ही। इसके बावजूद भी जब पैसे को लेकर असुरक्षा बताई गई तो उसने कहा कि कोई बात नही सबसे अच्छा यह है कि सुबह आप पैसे लेकर खुद आ जाइए। शिकार हाथ से निकल न जाए इस डर से रेल कर्मी ने रोककर कहा कि ऐसा करिए आप सुबह आठ बजे आ जाइए हम और वह(दोनो) लोग रहेंगे। पैसे में खींच तान करके कम करवा देंगे। यह अकेले नहीं बल्कि ऐसे कुछ और रेलकर्मी हैं जो न केवल रेल प्रशासन को बदनाम कर रहे हैं बल्कि यात्री सुविधाओं को भी जबरदस्त क्षति पहुंचा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
यात्री से मिले मोबाइल नंबर के आधार पर एक दलाल से संपर्क किया गया। यात्री बनकर उससे फोन पर दिल्ली का टिकट कराने की बात कही गई। सबसे पहले उसने यात्री की पड़ताल की। संतुष्ट होने के बाद उसने एसी-3 का एक तत्काल टिकट कराने का 1700 रुपये मांगा। टिकट का 1400 और तीन सौ रुपये मेहनताना। रविवार को हुई बातचीत में सोमवार का एसी3 का दो टिकट बनवाना तय हुआ। उसे पैसा सोमवार की सुबह चाहिए था। गांव जाने की मजबूरी बताकर जब रविवार को ही पैसा लेने की बात कही गई तो उसने कैंट रेलवे स्टेशन के करंट काउंटर पर कार्यरत एक बाबू को दो टिकट का 3400 रुपये देने की बात कही। आधे घंटे बाद करंट काउंटर पर मौजूद रेल कर्मी से दलाल की बात कराई गई तो वह पैसा मांगने लगा। जब उससे यह आशंका व्यक्त की गई कि कहीं पैसा डूब न जाए तो उसने बाकायदा भरोसा दिलाया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि वह दलाल है उनका काम ही यही है। रेल कर्मी ने इस बात की भी जमकर वकालत किया कि जब कोई लाइन में लगकर टोकन आदि लेकर टिकट लेगा तो निर्धारित मूल्य से ज्यादा पैसा लेगा ही। इसके बावजूद भी जब पैसे को लेकर असुरक्षा बताई गई तो उसने कहा कि कोई बात नही सबसे अच्छा यह है कि सुबह आप पैसे लेकर खुद आ जाइए। शिकार हाथ से निकल न जाए इस डर से रेल कर्मी ने रोककर कहा कि ऐसा करिए आप सुबह आठ बजे आ जाइए हम और वह(दोनो) लोग रहेंगे। पैसे में खींच तान करके कम करवा देंगे। यह अकेले नहीं बल्कि ऐसे कुछ और रेलकर्मी हैं जो न केवल रेल प्रशासन को बदनाम कर रहे हैं बल्कि यात्री सुविधाओं को भी जबरदस्त क्षति पहुंचा रहे हैं।
विज्ञापन