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पार्सल बोगी की सील तोड़कर तांबा स्क्रैप और बर्तन चोरी
ब्यूरो/शाहजहांपुर
Updated Fri, 11 Mar 2016 12:07 AM IST
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पार्सल बोगी की सील तोड़कर तांबा स्क्रैप और बर्तन चोरी
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रेलवे से दिल्ली के लिए बुक कराए गए हजारों रुपये कीमत के तांबा स्क्रैप और स्टील के बर्तनों वाले पार्सल नग चोरों ने रास्ते में बोगी की सील तोड़कर चोरी कर लिए। माल बुक कराने वाले हरदोई जिले के पीड़ित परिवार ने चोरी गया माल बरामद कराने अथवा उसके समतुल्य धनराशि दिलाए जाने की मांग को लेकर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करके धरना दिया। उधर, पार्सल अनुभाग के अधिकारियों ने विभागीय नियमों का हवाला देते हुए चोरी हुए माल की बाजार दर पर भरपाई करने से इनकार कर दिया है।
हरदोई जिले के कसबा शाहाबाद में रहने वाले पुरुषोत्तम लाल वर्मा के बेटे कमलेश वर्मा और सतीश वर्मा मेटल स्क्रैप की खरीद-फरोख्त का काम करते हैं। कमलेश ने गत वर्ष 21 दिसंबर को तीन बोरा तांबा स्क्रैप स्थानीय रेलवे स्टेशन के पार्सल घर से दिल्ली के लिए बुक कराया था, लेकिन ट्रेन के दिल्ली पहुंचने पर तांबा स्क्रैप के तीनों पार्सल नग गायब हो चुके थे। कमलेश के अनुसार वहां के रेल अधिकारियों द्वारा छानबीन किए जाने से पता चला कि पार्सल बोगी की सील तोड़कर माल चुरा लिया गया।
कमलेश को काफी तलाश के बावजूद चोरी गया माल मिल भी नहीं पाया कि बीती 13 फरवरी को उनके भाई सतीश द्वारा दिल्ली के लिए बुक कराए गए स्टील बर्तनों के तीन पार्सल नगों में एक इसी तरह चोरी हो गया। कमलेश के अनुसार चोरी हुए तांबा स्क्रैप की कीमत 91 हजार 250 रुपये है जबकि नौ हजार रुपये के स्टील बर्तन चोरी हुए हैं। स्थानीय पार्सल ऑफिस में सभी नगों की दिल्ली रवानगी और गार्ड से उनकी पावती अभिलेखों में दर्ज है।
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इसके बावजूद नई दिल्ली के रेल अधिकारियों से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने कमलेश ने पत्नी शालिनी वर्मा, बेटी नैंसी वर्मा और बेटे रितिक के साथ कलक्ट्रेट पहुंचकर नारेबाजी की और धरना दिया। कमलेश ने माल ले जाने वाले ट्रेन गार्ड पर चोरों से मिलीभगत का संदेह जाहिर करते हुए उसके खिलाफ नारेबाजी कर कार्रवाई किए जाने की मांग की।
पहले भी चोरी हो चुके हैं तांबा स्क्रैप के पार्सल
ट्रेन से दिल्ली भेजे जाने वाले तांबा स्क्रैप वाले पार्सल नग मुरादाबाद से दिल्ली के बीच चोरी होना कोई नई बात नहीं है। विभागीय अधिकारी भी इस तथ्य को स्वीकार करते हैं। उनका कहना है कि तांबा स्क्रैप की मार्केट में काफी डिमांड होने से चोरों की उस पर निगाह लगी रहती है। रेलवे के एक अधिकारी के अनुसार कमलेश का माल मुरादाबाद तक सुरक्षित पहुंचा, लेकिन गाजियाबाद ट्रेन पहुंचने पर पार्सल वॉन की सील टूटी पाई गई। इससे यही जाहिर होता है कि चोरों का गिरोह मुरादाबाद से हापुड़ के बीच चोरियों को अंजाम दे रहा है।
माल की कीमत अदा करना इसलिए नहीं संभव
चोरी हुए पार्सल की वास्तविक कीमत देने के लिए माल बुक कराने वाले व्यक्ति को बिल्टी पर माल की कीमत दर्ज करना अनिवार्य है। ऐसी स्थिति में दर्शायी गई कीमत का एक प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लिया जाता है। यह तय है कि कमलेश और उनके भाई सतीश का माल मुरादाबाद से दिल्ली के बीच चोरी हुआ है। चूंकि दोनों भाइयों ने बिल्टी में माल की कीमत अंकित नहीं की, इसलिए उन्हें चोरी हुए पार्सल नगों की वास्तविक कीमत का भुगतान करने बजाय पार्सल वजन के आधार पर 50 रुपये प्रति किलो की दर से मुआवजा धनराशि देने की कार्यवाही की जा रही है।
-वीरू प्रकाश, पार्सल अधीक्षक, उत्तर रेलवे
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हरदोई जिले के कसबा शाहाबाद में रहने वाले पुरुषोत्तम लाल वर्मा के बेटे कमलेश वर्मा और सतीश वर्मा मेटल स्क्रैप की खरीद-फरोख्त का काम करते हैं। कमलेश ने गत वर्ष 21 दिसंबर को तीन बोरा तांबा स्क्रैप स्थानीय रेलवे स्टेशन के पार्सल घर से दिल्ली के लिए बुक कराया था, लेकिन ट्रेन के दिल्ली पहुंचने पर तांबा स्क्रैप के तीनों पार्सल नग गायब हो चुके थे। कमलेश के अनुसार वहां के रेल अधिकारियों द्वारा छानबीन किए जाने से पता चला कि पार्सल बोगी की सील तोड़कर माल चुरा लिया गया।
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कमलेश को काफी तलाश के बावजूद चोरी गया माल मिल भी नहीं पाया कि बीती 13 फरवरी को उनके भाई सतीश द्वारा दिल्ली के लिए बुक कराए गए स्टील बर्तनों के तीन पार्सल नगों में एक इसी तरह चोरी हो गया। कमलेश के अनुसार चोरी हुए तांबा स्क्रैप की कीमत 91 हजार 250 रुपये है जबकि नौ हजार रुपये के स्टील बर्तन चोरी हुए हैं। स्थानीय पार्सल ऑफिस में सभी नगों की दिल्ली रवानगी और गार्ड से उनकी पावती अभिलेखों में दर्ज है।
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इसके बावजूद नई दिल्ली के रेल अधिकारियों से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने कमलेश ने पत्नी शालिनी वर्मा, बेटी नैंसी वर्मा और बेटे रितिक के साथ कलक्ट्रेट पहुंचकर नारेबाजी की और धरना दिया। कमलेश ने माल ले जाने वाले ट्रेन गार्ड पर चोरों से मिलीभगत का संदेह जाहिर करते हुए उसके खिलाफ नारेबाजी कर कार्रवाई किए जाने की मांग की।
पहले भी चोरी हो चुके हैं तांबा स्क्रैप के पार्सल
ट्रेन से दिल्ली भेजे जाने वाले तांबा स्क्रैप वाले पार्सल नग मुरादाबाद से दिल्ली के बीच चोरी होना कोई नई बात नहीं है। विभागीय अधिकारी भी इस तथ्य को स्वीकार करते हैं। उनका कहना है कि तांबा स्क्रैप की मार्केट में काफी डिमांड होने से चोरों की उस पर निगाह लगी रहती है। रेलवे के एक अधिकारी के अनुसार कमलेश का माल मुरादाबाद तक सुरक्षित पहुंचा, लेकिन गाजियाबाद ट्रेन पहुंचने पर पार्सल वॉन की सील टूटी पाई गई। इससे यही जाहिर होता है कि चोरों का गिरोह मुरादाबाद से हापुड़ के बीच चोरियों को अंजाम दे रहा है।
माल की कीमत अदा करना इसलिए नहीं संभव
चोरी हुए पार्सल की वास्तविक कीमत देने के लिए माल बुक कराने वाले व्यक्ति को बिल्टी पर माल की कीमत दर्ज करना अनिवार्य है। ऐसी स्थिति में दर्शायी गई कीमत का एक प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लिया जाता है। यह तय है कि कमलेश और उनके भाई सतीश का माल मुरादाबाद से दिल्ली के बीच चोरी हुआ है। चूंकि दोनों भाइयों ने बिल्टी में माल की कीमत अंकित नहीं की, इसलिए उन्हें चोरी हुए पार्सल नगों की वास्तविक कीमत का भुगतान करने बजाय पार्सल वजन के आधार पर 50 रुपये प्रति किलो की दर से मुआवजा धनराशि देने की कार्यवाही की जा रही है।
-वीरू प्रकाश, पार्सल अधीक्षक, उत्तर रेलवे