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हत्यारों को पहचानने से परिजनों का इनकार
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sat, 05 Mar 2016 11:55 PM IST
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धारूपुर में आटाचक्की संचालक की मां महरुननिशा की हत्या का रहस्य गहराता जा रहा है। वृद्धा की हत्या करने के बाद भाग रहे हत्यारों को परिजनों ने देखा, लेकिन पहचानने से इनकार कर रहे हैं। जबकि कोतवाली में दर्ज एफआईआर में पड़ोसियों पर हत्या की आशंका जाहिर की गई है।
लालगंज के धारूपुर बाजार में महरुननिशा की हत्या में नामजद आरोपियों के शामिल होने को लेकर पुलिस का संशय बढ़ता जा रहा है। वृद्धा की हत्या धीरे-धीरे पहेली बनती जा रही है। कोतवाली में अतीक की ओर से लिखाई गई रिपोर्ट में बताया गया है कि रात करीब 11 बजे अपाचे व पल्सर बाइक पर सवार चार बदमाश उसके घर पहुंचे। उनमें से एक ने चक्की पर रखा गेंहू पीसे जाने की बात पूछी। वृद्धा ने जैसे ही दरवाजा खोला कि चारों बदमाशों ने ताबड़तोड़ तीन गोलियां उसके शरीर में उतार दीं। यह देख वृद्धा के पास सो रहा उसका पौत्र अरमान शोर मचाने लगा। इस पर बदमाशों ने उसके भी सिर में गोली मार दी। फायरिंग की आवाज सुनकर अतीक अपने छोटे भाई जमील अंसारी के साथ बाहर आए।
दोनों ने देखा कि चार बदमाश फायरिंग करते बाइक पर बैठे और भाग निकले। इसके बाद अतीक को महरुननिशा ने बताया कि गोली मारने वाले आटा लेने आए थे। वादी अतीक समेत उसके भाई, मां और बेटे ने चारों युवकों को देखा, लेकिर कोई यह नहीं पहचान सका कि हत्यारे उनके पड़ोसी हैं या कोई और। मुकदमे की आखिरी दो लाइन में लिखा गया है उनकी पड़ोसी मोबीन से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। आशंका है कि इन्हीं लोगों ने हत्या की वारदात का अंजाम दिया होगा। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि अगर परिजनों ने चारों हमलावरों को भागते हुए देखा और वे पड़ोसी थे तो वे उन्हें पहचान क्यों नहीं सके। हत्याकांड से जुडे़ और भी कई बिंदु हैं जो पुलिस को उलझा रहे हैं।
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वृद्धा की हत्या के बाद जब आरोपी भाग निकले तो उनको घर से कैसे पकड़ लिया गया। आम तौर पर हत्या करने के बाद लोग भाग निकलते हैं। लेकिन धारूपुर के जिन लोगाें पर वृद्धा की हत्या करने का आरोप लगा है उनको वारदात के घंटे भर बाद घर में सोते समय हिरासत में लिया गया। आरोपियों के परिजनों के मुताबिक पुलिस पहुंची तो सभी घर के भीतर सो रह थे।घटना में नामजद चारों आरोपियों को परिजन ठीक से नहीं पहचान सके, लेकिन जिस बाइक से वे भाग रहे थे उसे जरूर देख लिया। घटनास्थल से सड़क पर जहां बाइक खड़ी थी वहां अंधेरा था। इसके बाद भी दोनों भाइयों ने देख लिया कि बदमाश अपाची व पल्सर बाइक से आए थे।
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लालगंज के धारूपुर बाजार में महरुननिशा की हत्या में नामजद आरोपियों के शामिल होने को लेकर पुलिस का संशय बढ़ता जा रहा है। वृद्धा की हत्या धीरे-धीरे पहेली बनती जा रही है। कोतवाली में अतीक की ओर से लिखाई गई रिपोर्ट में बताया गया है कि रात करीब 11 बजे अपाचे व पल्सर बाइक पर सवार चार बदमाश उसके घर पहुंचे। उनमें से एक ने चक्की पर रखा गेंहू पीसे जाने की बात पूछी। वृद्धा ने जैसे ही दरवाजा खोला कि चारों बदमाशों ने ताबड़तोड़ तीन गोलियां उसके शरीर में उतार दीं। यह देख वृद्धा के पास सो रहा उसका पौत्र अरमान शोर मचाने लगा। इस पर बदमाशों ने उसके भी सिर में गोली मार दी। फायरिंग की आवाज सुनकर अतीक अपने छोटे भाई जमील अंसारी के साथ बाहर आए।
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दोनों ने देखा कि चार बदमाश फायरिंग करते बाइक पर बैठे और भाग निकले। इसके बाद अतीक को महरुननिशा ने बताया कि गोली मारने वाले आटा लेने आए थे। वादी अतीक समेत उसके भाई, मां और बेटे ने चारों युवकों को देखा, लेकिर कोई यह नहीं पहचान सका कि हत्यारे उनके पड़ोसी हैं या कोई और। मुकदमे की आखिरी दो लाइन में लिखा गया है उनकी पड़ोसी मोबीन से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। आशंका है कि इन्हीं लोगों ने हत्या की वारदात का अंजाम दिया होगा। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि अगर परिजनों ने चारों हमलावरों को भागते हुए देखा और वे पड़ोसी थे तो वे उन्हें पहचान क्यों नहीं सके। हत्याकांड से जुडे़ और भी कई बिंदु हैं जो पुलिस को उलझा रहे हैं।
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वृद्धा की हत्या के बाद जब आरोपी भाग निकले तो उनको घर से कैसे पकड़ लिया गया। आम तौर पर हत्या करने के बाद लोग भाग निकलते हैं। लेकिन धारूपुर के जिन लोगाें पर वृद्धा की हत्या करने का आरोप लगा है उनको वारदात के घंटे भर बाद घर में सोते समय हिरासत में लिया गया। आरोपियों के परिजनों के मुताबिक पुलिस पहुंची तो सभी घर के भीतर सो रह थे।घटना में नामजद चारों आरोपियों को परिजन ठीक से नहीं पहचान सके, लेकिन जिस बाइक से वे भाग रहे थे उसे जरूर देख लिया। घटनास्थल से सड़क पर जहां बाइक खड़ी थी वहां अंधेरा था। इसके बाद भी दोनों भाइयों ने देख लिया कि बदमाश अपाची व पल्सर बाइक से आए थे।