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महिला थाने से चोरी की आरोपी दो महिलाएं फरार
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sun, 06 Mar 2016 11:56 PM IST
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बस में यात्री के बैग से जेवरात चुराकर भागी दो महिलाओं को ग्रामीणों ने दबोचने के बाद आसपुर देवसरा पुलिस के हवाले कर दिया था। उन्हें शनिवार की देर रात महिला थाने भेजा गया। रात में दोनों लॉकअप से भाग निकलीं। पुलिसकर्मियों को इसकी भनक तक नहीं लग सकी। घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने जांच बैठा दी है। रिपोर्ट मिलते ही दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होगी।
जौनपुर जनपद के राजा बाजार निवासी लक्ष्मण गुप्ता शनिवार की शाम अपनी पत्नी माला के साथ वाराणसी से घर लौट रहे थे। ढखवा बाजार के करीब माला के बगल बैठीं दो महिलाओं ने उसके बैग से जेवरात चुरा लिया। हालांकि थोड़ा आगे जाने पर माला को शक हो गया और वह पति के साथ बस से उतरकर तेलियानी के पास पहुंची। जहां दोनों महिलाएं मौजूद मिलीं। माला को देखते ही वे भागने लगीं। शोरशराबा सुनकर ग्रामीणों ने दोनों महिलाओं को धर दबोचा। तलाशी के दौरान उनके पास से चोरी गया जेवरात मिल गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पूछताछ के बाद दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। एसओ के मुताबिक दोनों आजमगढ़ की रहने वाली कंचन व मनीषा थी। उन्हें महिला पुलिस के साथ देर रात महिला थाने भेजा गया। उन्हें लॉकअप में डाल दिया गया।
मौका पाकर रात में ही दोनों महिलाएं लॉकअप खोलकर फरार हो गईं। इस बात की जानकारी रविवार सुबह पुलिसकर्मियों को हुई तो वे सन्न रह गईं। महिला थाने से चोरी की आरोपी महिलाओं के भागने से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा रहा। घटना की जानकारी मिलने पर एसओ मीरा कुशवाहा थाने पर आईं और पूछताछ के बाद अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक माधव प्रसाद वर्मा ने बताया कि थाने से महिलाओं के भागने को गंभीरता से लिया गया है। मामले की जांच सीओ लाइन से कराई जा रही है। दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। देर रात तक नगर कोतवाली व महिला थाने में मुकदमा दर्ज करने की कवायद होती रही।
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महिला थाने में दर्ज नहीं है आरोपी महिलाओं का रिकॉर्ड
आसपुर देवसरा पुलिस ने चोरी के आरोप में दो महिलाओं को शनिवार की रात पुलिस जीप से महिला सिपाही के साथ महिला थाने भेजा। यहां से रविवार को दोनों का चालान भेजा जाना था। सूत्रों की मानें तो रविवार को दोनों महिलाओं के भागने की खबर मिलने के बाद उनकी तलाश की जाने लगी। छानबीन के दौरान पता चला कि महिला थाने की पुलिस ने दोनों का अपने थाने की जीडी में तस्दीक तक नहीं दर्ज किया है। जिसके चलते एसओ को आसपुर देवसरा की पुलिस से चोरी के आरोप में पकड़ी गईं महिलाओं की बाबत जानकारी ली जाती रही। हर दिन की तरह शनिवार रात भी महिला थाने पर तैनात पुलिसकर्मी मनमानी करती रहीं।
पुलिस लाइन में रविवार को इस बात की जोर शोर से चर्चा रही कि चोरी के आरोप में फरार होने वाली दोनों महिलाएं थाने पर तैनात मुंशी की लापरवाही से भागने में कामयाब हुईं। यदि दोनों को लॉकअप के भीतर अच्छे से बंद किया गया होता तो शायद वह भागने में कामयाब न हो पातीं। उनके प्रति पुलिसकर्मियों ने हमदर्दी बरती। जिसके चलते वे मौका पाकर भागने में कामयाब रहीं। खास बात यह है कि अब थाने पर तैनात पुलिसकर्मी अपनी गर्दन फंसती देख ड्यूटी पर मौजूद महिला होमगार्डों को दोषी ठहराने में जुटी हैं।
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जौनपुर जनपद के राजा बाजार निवासी लक्ष्मण गुप्ता शनिवार की शाम अपनी पत्नी माला के साथ वाराणसी से घर लौट रहे थे। ढखवा बाजार के करीब माला के बगल बैठीं दो महिलाओं ने उसके बैग से जेवरात चुरा लिया। हालांकि थोड़ा आगे जाने पर माला को शक हो गया और वह पति के साथ बस से उतरकर तेलियानी के पास पहुंची। जहां दोनों महिलाएं मौजूद मिलीं। माला को देखते ही वे भागने लगीं। शोरशराबा सुनकर ग्रामीणों ने दोनों महिलाओं को धर दबोचा। तलाशी के दौरान उनके पास से चोरी गया जेवरात मिल गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पूछताछ के बाद दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। एसओ के मुताबिक दोनों आजमगढ़ की रहने वाली कंचन व मनीषा थी। उन्हें महिला पुलिस के साथ देर रात महिला थाने भेजा गया। उन्हें लॉकअप में डाल दिया गया।
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मौका पाकर रात में ही दोनों महिलाएं लॉकअप खोलकर फरार हो गईं। इस बात की जानकारी रविवार सुबह पुलिसकर्मियों को हुई तो वे सन्न रह गईं। महिला थाने से चोरी की आरोपी महिलाओं के भागने से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा रहा। घटना की जानकारी मिलने पर एसओ मीरा कुशवाहा थाने पर आईं और पूछताछ के बाद अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक माधव प्रसाद वर्मा ने बताया कि थाने से महिलाओं के भागने को गंभीरता से लिया गया है। मामले की जांच सीओ लाइन से कराई जा रही है। दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। देर रात तक नगर कोतवाली व महिला थाने में मुकदमा दर्ज करने की कवायद होती रही।
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महिला थाने में दर्ज नहीं है आरोपी महिलाओं का रिकॉर्ड
आसपुर देवसरा पुलिस ने चोरी के आरोप में दो महिलाओं को शनिवार की रात पुलिस जीप से महिला सिपाही के साथ महिला थाने भेजा। यहां से रविवार को दोनों का चालान भेजा जाना था। सूत्रों की मानें तो रविवार को दोनों महिलाओं के भागने की खबर मिलने के बाद उनकी तलाश की जाने लगी। छानबीन के दौरान पता चला कि महिला थाने की पुलिस ने दोनों का अपने थाने की जीडी में तस्दीक तक नहीं दर्ज किया है। जिसके चलते एसओ को आसपुर देवसरा की पुलिस से चोरी के आरोप में पकड़ी गईं महिलाओं की बाबत जानकारी ली जाती रही। हर दिन की तरह शनिवार रात भी महिला थाने पर तैनात पुलिसकर्मी मनमानी करती रहीं।
पुलिस लाइन में रविवार को इस बात की जोर शोर से चर्चा रही कि चोरी के आरोप में फरार होने वाली दोनों महिलाएं थाने पर तैनात मुंशी की लापरवाही से भागने में कामयाब हुईं। यदि दोनों को लॉकअप के भीतर अच्छे से बंद किया गया होता तो शायद वह भागने में कामयाब न हो पातीं। उनके प्रति पुलिसकर्मियों ने हमदर्दी बरती। जिसके चलते वे मौका पाकर भागने में कामयाब रहीं। खास बात यह है कि अब थाने पर तैनात पुलिसकर्मी अपनी गर्दन फंसती देख ड्यूटी पर मौजूद महिला होमगार्डों को दोषी ठहराने में जुटी हैं।