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पौधरोपण अभियान की सफलता को दिए टिप्स
ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
Updated Thu, 10 Mar 2016 11:35 PM IST
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पाौधाराोपण
- फोटो : अमर उजाला
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वन विभाग के अधिकारियों ने पौधरोपण के लिए दी तकनीकी जानकारी
जिले में वृहद पौधरोपण अभियान को लेकर वन विभाग ने उपायुक्त मनरेगा पीके रॉय के संयोजन में एक कार्यशाला का आयोजन किया। डीएम किंजल सिंह के निर्देश पर विकास भवन सभागार में हुई इस कार्यशाला की अध्यक्षता डीएफओ नीरज कुमार ने की। कार्यशाला में वन विभाग के अधिकारियों ने पौधरोपण की तैयारियों से लेकर पौधरोपण के बाद पौधों की समुचित देखभाल का तकनीकी प्रशिक्षण दिया।
इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में डीएफओ नीरज कुमार ने बताया कि इस बार ग्राम विकास विभाग को 2.40 लाख पौधे रोपने का लक्ष्य दिया गया है। इसके तहत 1167 ग्राम पंचायतों में प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम से कम 207 पौधे रोपित किए जाने हैं। डीएफओ नीरज कुमार ने बैठक में मौजूद सहायक कार्यक्रम अधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों और तकनीकी सहायकों को बताया कि जुलाई से पौधरोपण अभियान शुरू होना है। इसके लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दें। ताकि पौधरोपण कार्यक्रम को सफल बनाया जा सके।
उत्तर खीरी वन प्रभाग के एसडीओ अशोक कुमार, रेंजर श्रीभगवान सिंह यादव और रेंजर एसएन यादव ने पौधरोपण के संबंध में तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि पौधरोपण अभियान शुरू होने के पहले गड्ढे खोद कर तैयारी कर लें। उन्होंने पौधरोपण के लिए स्थान चयन में सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पौधरोपण के बाद पौधों की सुरक्षा और उचित रखरखाव बेहद जरूरी है। उन्होंने इसके बारे में विस्तार से बताया। उन्होनें पौधरोपण के लिए विभागीय नर्सरियों और पौध की उपलब्धता की भी जानकारी दी।
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डीएफओ नीरज कुमार ने कहा कि यहां प्रशिक्षण ले रहे अधिकारी अपने क्षेत्र में जाकर रोजगार सेवकों, पंचायत मित्रों और ग्राम विकास अधिकारियों को भी इस तरह का प्रशिक्षण दें ताकि मुख्यमंत्री की एक ही दिन में पूरे प्रदेश में छह करोड़ पौधे रोपित करने की योजना सफल हो सके। उन्होंने जिले को हरा भरा बनाने में सबके सहयोग की अपेक्षा की।
कार्यशाला में उपायुक्त मनरेगा पीके रॉय, सभी खंड विकास अधिकारी, कार्यक्रम सहायक, तकनीकी सहायकों के अलावा वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
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जिले में वृहद पौधरोपण अभियान को लेकर वन विभाग ने उपायुक्त मनरेगा पीके रॉय के संयोजन में एक कार्यशाला का आयोजन किया। डीएम किंजल सिंह के निर्देश पर विकास भवन सभागार में हुई इस कार्यशाला की अध्यक्षता डीएफओ नीरज कुमार ने की। कार्यशाला में वन विभाग के अधिकारियों ने पौधरोपण की तैयारियों से लेकर पौधरोपण के बाद पौधों की समुचित देखभाल का तकनीकी प्रशिक्षण दिया।
इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में डीएफओ नीरज कुमार ने बताया कि इस बार ग्राम विकास विभाग को 2.40 लाख पौधे रोपने का लक्ष्य दिया गया है। इसके तहत 1167 ग्राम पंचायतों में प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम से कम 207 पौधे रोपित किए जाने हैं। डीएफओ नीरज कुमार ने बैठक में मौजूद सहायक कार्यक्रम अधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों और तकनीकी सहायकों को बताया कि जुलाई से पौधरोपण अभियान शुरू होना है। इसके लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दें। ताकि पौधरोपण कार्यक्रम को सफल बनाया जा सके।
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उत्तर खीरी वन प्रभाग के एसडीओ अशोक कुमार, रेंजर श्रीभगवान सिंह यादव और रेंजर एसएन यादव ने पौधरोपण के संबंध में तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि पौधरोपण अभियान शुरू होने के पहले गड्ढे खोद कर तैयारी कर लें। उन्होंने पौधरोपण के लिए स्थान चयन में सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पौधरोपण के बाद पौधों की सुरक्षा और उचित रखरखाव बेहद जरूरी है। उन्होंने इसके बारे में विस्तार से बताया। उन्होनें पौधरोपण के लिए विभागीय नर्सरियों और पौध की उपलब्धता की भी जानकारी दी।
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डीएफओ नीरज कुमार ने कहा कि यहां प्रशिक्षण ले रहे अधिकारी अपने क्षेत्र में जाकर रोजगार सेवकों, पंचायत मित्रों और ग्राम विकास अधिकारियों को भी इस तरह का प्रशिक्षण दें ताकि मुख्यमंत्री की एक ही दिन में पूरे प्रदेश में छह करोड़ पौधे रोपित करने की योजना सफल हो सके। उन्होंने जिले को हरा भरा बनाने में सबके सहयोग की अपेक्षा की।
कार्यशाला में उपायुक्त मनरेगा पीके रॉय, सभी खंड विकास अधिकारी, कार्यक्रम सहायक, तकनीकी सहायकों के अलावा वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।