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दबंगों के खिलाफ पब्लिक गुस्साई
ब्यूरो/अमर उजाला/निघासन/ढखेरवा (लखीमपुर खीरी)।
Updated Sat, 05 Mar 2016 12:09 AM IST
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पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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पुलिस के सामने पीट दिया था दो व्यक्तियों को
गुस्साई भीड़ ने पढुआ चौकी घेरकर जलाने की धमकी दी
सिपाहियों ने चौकी से भागकर बचाई जान
ढखेरवा चौकी इंचार्ज ने पहुंचकर किया काबू
प्रधानी चुनाव की रंजिश के चलते गांव पढुआ चौराहे पर सिपाहियों की मौजूदगी में पठाननपुरवा गांव के कई दबंगों ने लाठी डंडों और धारदार हथियार से पढुआ गांव के दो लोगों पर हमला कर दिया, जिसमें दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद दबंग हथियार लहराते हुए फरार हो गए। घटना की खबर लगते ही अनेक ग्रामीण लामबंद हो गए। ग्रामीण सिपाहियों का पीछा करते हुए चौकी पहुंचे। यहां पहुंचकर गुस्साए ग्रामीणों ने चौकी का घेराव कर उसे फूंकने की धमकी दी।
मौके पर पहुंचे ढखेरवा चौकी इंचार्ज ने किसी तरह से ग्रामीणों को शांत कराया। दोनों घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां एक की हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने उसे जिला अस्पताल रेफर किया है। दूसरे पक्ष ने भी दुकानों में तोड़फोड़ और लूटपाट का आरोप लगाया है। चौकी के सामने हुई घटना से बाजार बंद हो गया। एसओ ने तहरीर मिलने के बाद रिपोर्ट दर्ज करने की बात कही है।
पढुआ गांव निवासी विजय गुप्ता और उनके भाई जसवंत सिंह मौजूदा प्रधान रामसिंह के समर्थक हैं। विजय गुप्ता नेे बताया कि शुुक्रवार दोपहर चौकी के दो सिपाही निसार अहमद और अनूप वाजपेयी ने छोटे भाई जसवंत गुप्ता को पढुआ चौराहे पर स्थित बलराम के होटल पर बुलाया था। जसवंत अपने साथी सोबरन के साथ होटल पहुंचा। आरोप है कि वेे लोग सिपाहियों से बातचीत कर ही रहे थे।
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इसी बीच उनसे रंजिश मानने वाले पठाननपुरवा निवासी पूर्व प्रधान हनीफ का बेटा कई साथियों के साथ होटल पर आ धमका और जसवंत की पिटाई करने लगा। विरोध करने पर उन लोगों ने सोबरन की भी जमकर पिटाई की। दोनों को मरणासन्न स्थिति में छोड़कर हमलावर तमंचा लहराते हुए चले गए। आरोप है कि सिपाहियों ने भी उन लोगों को बचाने की कोशिश नहीं की। मामले की जानकारी होने पर गांव वाले लामबंद हो गए।
उन्होंने घायलों को सीएचसी भेजवाया। इसके बाद ग्रामीण नारेबाजी करते हुए चौकी पहुंचे। लोगों के आक्रोश को देखकर दोनों सिपाही चौकी में दुबक गए। ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए चौकी को फूंकने की धमकी दी। ढखेरवा चौकी इंचार्ज तुलसीराम चौरसिया ने किसी तरह से नाराज लोगों को शांत कराया।
मौके पर पहुंचे एसओ अमर सिंह ने दूसरे पक्ष के लोगों को भी समझाने का प्रयास किया। पठाननपुरवा निवासी शमशाद आदि ने होटल में तोड़फोड़ और लूटपाट का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। उधर, सिपाही निसार और अनूप ने जसवंत को बुलाने की बात स्वीकार करते हुए कहा है कि हमसे मिलने के बाद वे लोग वापस चले गए थे। हमारे सामने मारपीट की घटना नहीं हुई है।
लंबे समय से भड़क रही है बदले की चिंगारी
पठाननपुरवा और पढुआ के लोगों के बीच झगड़े का यह पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी कई बार मारपीट और तोड़फोड़ की घटनाएं हो चुकी है। करीब छह साल पहले पठाननपुरवा निवासी हनीफ और पढुआ निवासी रामसिंह के बीच प्रधानी के चुनाव से टकराव बढ़ा था। पहले हनीफ चुनाव जीत गए थे। इस बार रामसिंह ने हनीफ को हरा दिया था। चुनाव के बाद से बदले की चिंगारी दो गांवों के बीच पनप रही थी।
पढुआ में पसरा सन्नाटा
पुलिस के सामने हुई घटना के बाद से लोगों में दहशत बनी हुई है। तमाम दुकानदार अपनी दुकानें बंद करके भाग गए। वहीं, नई चौकी को बने हुए कई साल हो गए हैं, लेकिन उस चौकी में न रहकर गजियापुर मार्ग पर स्थित छप्पर वाली चौकी में पूरा स्टाफ रहता है। उसका ताला कभी कभार ही खुलता है।
पूर्व प्रधान और मौजूदा प्रधान के बीच चुनावी रंजिश का मामला सामने आया है, जिसमें पूर्व प्रधान पक्ष के लोगों द्वारा मौजूदा प्रधान के समर्थकों की पिटाई करने की जानकारी मिली है। नाराज ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए रोड जाम करने की कोशिश की थी। दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। -अखिलेश चौरसिया, एसपी
घायल जसवंत को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। सिपाहियों के सामने पिटाई का मामला संदिग्ध हैं, जिसकी जांच कराई जाएगी। तहरीर न मिलने के कारण अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है।
- अमर सिंह, एसओ
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गुस्साई भीड़ ने पढुआ चौकी घेरकर जलाने की धमकी दी
सिपाहियों ने चौकी से भागकर बचाई जान
ढखेरवा चौकी इंचार्ज ने पहुंचकर किया काबू
प्रधानी चुनाव की रंजिश के चलते गांव पढुआ चौराहे पर सिपाहियों की मौजूदगी में पठाननपुरवा गांव के कई दबंगों ने लाठी डंडों और धारदार हथियार से पढुआ गांव के दो लोगों पर हमला कर दिया, जिसमें दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद दबंग हथियार लहराते हुए फरार हो गए। घटना की खबर लगते ही अनेक ग्रामीण लामबंद हो गए। ग्रामीण सिपाहियों का पीछा करते हुए चौकी पहुंचे। यहां पहुंचकर गुस्साए ग्रामीणों ने चौकी का घेराव कर उसे फूंकने की धमकी दी।
मौके पर पहुंचे ढखेरवा चौकी इंचार्ज ने किसी तरह से ग्रामीणों को शांत कराया। दोनों घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां एक की हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने उसे जिला अस्पताल रेफर किया है। दूसरे पक्ष ने भी दुकानों में तोड़फोड़ और लूटपाट का आरोप लगाया है। चौकी के सामने हुई घटना से बाजार बंद हो गया। एसओ ने तहरीर मिलने के बाद रिपोर्ट दर्ज करने की बात कही है।
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पढुआ गांव निवासी विजय गुप्ता और उनके भाई जसवंत सिंह मौजूदा प्रधान रामसिंह के समर्थक हैं। विजय गुप्ता नेे बताया कि शुुक्रवार दोपहर चौकी के दो सिपाही निसार अहमद और अनूप वाजपेयी ने छोटे भाई जसवंत गुप्ता को पढुआ चौराहे पर स्थित बलराम के होटल पर बुलाया था। जसवंत अपने साथी सोबरन के साथ होटल पहुंचा। आरोप है कि वेे लोग सिपाहियों से बातचीत कर ही रहे थे।
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इसी बीच उनसे रंजिश मानने वाले पठाननपुरवा निवासी पूर्व प्रधान हनीफ का बेटा कई साथियों के साथ होटल पर आ धमका और जसवंत की पिटाई करने लगा। विरोध करने पर उन लोगों ने सोबरन की भी जमकर पिटाई की। दोनों को मरणासन्न स्थिति में छोड़कर हमलावर तमंचा लहराते हुए चले गए। आरोप है कि सिपाहियों ने भी उन लोगों को बचाने की कोशिश नहीं की। मामले की जानकारी होने पर गांव वाले लामबंद हो गए।
उन्होंने घायलों को सीएचसी भेजवाया। इसके बाद ग्रामीण नारेबाजी करते हुए चौकी पहुंचे। लोगों के आक्रोश को देखकर दोनों सिपाही चौकी में दुबक गए। ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए चौकी को फूंकने की धमकी दी। ढखेरवा चौकी इंचार्ज तुलसीराम चौरसिया ने किसी तरह से नाराज लोगों को शांत कराया।
मौके पर पहुंचे एसओ अमर सिंह ने दूसरे पक्ष के लोगों को भी समझाने का प्रयास किया। पठाननपुरवा निवासी शमशाद आदि ने होटल में तोड़फोड़ और लूटपाट का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। उधर, सिपाही निसार और अनूप ने जसवंत को बुलाने की बात स्वीकार करते हुए कहा है कि हमसे मिलने के बाद वे लोग वापस चले गए थे। हमारे सामने मारपीट की घटना नहीं हुई है।
लंबे समय से भड़क रही है बदले की चिंगारी
पठाननपुरवा और पढुआ के लोगों के बीच झगड़े का यह पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी कई बार मारपीट और तोड़फोड़ की घटनाएं हो चुकी है। करीब छह साल पहले पठाननपुरवा निवासी हनीफ और पढुआ निवासी रामसिंह के बीच प्रधानी के चुनाव से टकराव बढ़ा था। पहले हनीफ चुनाव जीत गए थे। इस बार रामसिंह ने हनीफ को हरा दिया था। चुनाव के बाद से बदले की चिंगारी दो गांवों के बीच पनप रही थी।
पढुआ में पसरा सन्नाटा
पुलिस के सामने हुई घटना के बाद से लोगों में दहशत बनी हुई है। तमाम दुकानदार अपनी दुकानें बंद करके भाग गए। वहीं, नई चौकी को बने हुए कई साल हो गए हैं, लेकिन उस चौकी में न रहकर गजियापुर मार्ग पर स्थित छप्पर वाली चौकी में पूरा स्टाफ रहता है। उसका ताला कभी कभार ही खुलता है।
पूर्व प्रधान और मौजूदा प्रधान के बीच चुनावी रंजिश का मामला सामने आया है, जिसमें पूर्व प्रधान पक्ष के लोगों द्वारा मौजूदा प्रधान के समर्थकों की पिटाई करने की जानकारी मिली है। नाराज ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए रोड जाम करने की कोशिश की थी। दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। -अखिलेश चौरसिया, एसपी
घायल जसवंत को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। सिपाहियों के सामने पिटाई का मामला संदिग्ध हैं, जिसकी जांच कराई जाएगी। तहरीर न मिलने के कारण अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है।
- अमर सिंह, एसओ