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जलस्तर घटा, पर हालात जस के तस
Kasganj
Updated Mon, 24 Jun 2013 05:30 AM IST
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कासगंज/सोरों/पटियाली/गंजडुडवारा। गंगा का जलस्तर जरूर घट गया है, लेकिन अभी राहत के आसार मिलते नहीं दिख रहे। गंगा के जलस्तर की कमी से प्रशासन, सिंचाई, विभाग एवं ग्रामीण सभी राहत में हैं, लेकिन अभी गंगा के कोप से उभरने में वक्त लगेगा, क्योंकि क्षेत्र के खेतों में पानी कई-कई फीट तक घिरा खड़ा है। कई इलाकों में मार्गों क ो बड़ी क्षति हुई है। मार्ग कटने के कारण आवागमन पर इसका असर पड़ा है।
गंगा का जलस्तर कम हुआ है, लेकिन नदी का प्रवाह अभी भी काफी तेज है। जिन ग्रामीण इलाकों में जलभराव के हालात पैदा हुए हैं। वहां से पानी उतरने लगा है। दो फीट तक जलस्तर में कमी आ गई है लेकिन खेत, खलिहानों व निचले इलाकों में पानी पसरा पड़ा है। खेतों से पानी न निकलने के कारण फसलों को क्षति हो रही है। लहरा, दतलाना, बघेला क्षेत्र के गांव की खेतीबाड़ी में पानी अभी भी दूर-दूर तक नजर आ रहा है। नवाबगंज नगरिया पर गंजडुडवारा-कादरगंज मार्ग क ो गंगा क ी तेज धार ने काट दिया है और पानी इस इलाके से होकर तेज प्रवाह से निकल रहा है। सड़क कट जाने के कारण आवागमन प्रभावित है। इस इलाके में लोग नावों के सहारे निकलने को मजबूर हैं।
पटियाली के नगला खंदारी, नैथरा, तरसी नगला, मिहोला, नवाबगंज, नगरिया सहित आसपास के गांवाें में फसलें डूबी हैं। ग्रामीण पानी की निकासी को लेकर बेहद चिंतित हैं। अभी वह गंगा में और पानी कम होने का इंतजार कर रहे हैं। सहावर के ग्राम वमनपुरा के सत्यदेव शर्मा ने बताया कि जलस्तर में करीब दो फीट की कमी आई है। आबादी क्षेत्र से पानी लौटा है लेकिन निचले इलाकों में भरा पड़ा है। उलाई के मोहम्मद हफीज ने बताया कि पानी खेतों में भरे होने के कारण काफी परेशानी हो रही है। बाजनगर के पूर्व प्रधान चेतराम ने कहा कि पानी कम होने से राहत मिली है लेकिन अभी समस्या से उबरने में समय लगेगा।
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गंगा की धार में बही एटा की युवती
कासगंज। रविवार को ज्येष्ठ पूर्णिमा पर कछला गंगा घाट पर स्नान करने आई युवती तेज धार में बह गई। इससे घाट पर हड़कंप मच गया। बताते हैं कि कछला गंगा घाट पर रविवार की सांय एटा के बागवाला थाना के गांव केकला के चंद्रपाल परिवारीजनों के साथ गंगा स्नान करने पहुंचे। स्नान करते समय उनकी 21 वर्षीय पुत्री सरस्वती तेज प्रवाह में बह गई। धार को देखते हुए गोताखोरों ने भी उसमें उतरने का साहस नहीं किया। खबर लिखे जाने तक उसका पता नहीं चल सका था।
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गंगा का जलस्तर कम हुआ है, लेकिन नदी का प्रवाह अभी भी काफी तेज है। जिन ग्रामीण इलाकों में जलभराव के हालात पैदा हुए हैं। वहां से पानी उतरने लगा है। दो फीट तक जलस्तर में कमी आ गई है लेकिन खेत, खलिहानों व निचले इलाकों में पानी पसरा पड़ा है। खेतों से पानी न निकलने के कारण फसलों को क्षति हो रही है। लहरा, दतलाना, बघेला क्षेत्र के गांव की खेतीबाड़ी में पानी अभी भी दूर-दूर तक नजर आ रहा है। नवाबगंज नगरिया पर गंजडुडवारा-कादरगंज मार्ग क ो गंगा क ी तेज धार ने काट दिया है और पानी इस इलाके से होकर तेज प्रवाह से निकल रहा है। सड़क कट जाने के कारण आवागमन प्रभावित है। इस इलाके में लोग नावों के सहारे निकलने को मजबूर हैं।
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पटियाली के नगला खंदारी, नैथरा, तरसी नगला, मिहोला, नवाबगंज, नगरिया सहित आसपास के गांवाें में फसलें डूबी हैं। ग्रामीण पानी की निकासी को लेकर बेहद चिंतित हैं। अभी वह गंगा में और पानी कम होने का इंतजार कर रहे हैं। सहावर के ग्राम वमनपुरा के सत्यदेव शर्मा ने बताया कि जलस्तर में करीब दो फीट की कमी आई है। आबादी क्षेत्र से पानी लौटा है लेकिन निचले इलाकों में भरा पड़ा है। उलाई के मोहम्मद हफीज ने बताया कि पानी खेतों में भरे होने के कारण काफी परेशानी हो रही है। बाजनगर के पूर्व प्रधान चेतराम ने कहा कि पानी कम होने से राहत मिली है लेकिन अभी समस्या से उबरने में समय लगेगा।
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गंगा की धार में बही एटा की युवती
कासगंज। रविवार को ज्येष्ठ पूर्णिमा पर कछला गंगा घाट पर स्नान करने आई युवती तेज धार में बह गई। इससे घाट पर हड़कंप मच गया। बताते हैं कि कछला गंगा घाट पर रविवार की सांय एटा के बागवाला थाना के गांव केकला के चंद्रपाल परिवारीजनों के साथ गंगा स्नान करने पहुंचे। स्नान करते समय उनकी 21 वर्षीय पुत्री सरस्वती तेज प्रवाह में बह गई। धार को देखते हुए गोताखोरों ने भी उसमें उतरने का साहस नहीं किया। खबर लिखे जाने तक उसका पता नहीं चल सका था।