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एनआईसी वेबसाइट अभी भी कांशीरामनगर के नाम से
Kasganj
Updated Fri, 21 Jun 2013 05:30 AM IST
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कासगंज। जनपद का नाम बदले हुए करीब एक वर्ष हो चुका है, लेकिन जनपद की एनआईसी की वेबसाइट का एड्रेस अभी भी नहीं बदला है। यह वेबसाइट अभी भी कांशीरामनगरएनआईसी डॉट(.) इन है। वहीं एनआईसी वेबसाइट पर प्रदर्शित जानकारियां काफी पुरानी हैं, उन्हें अपडेट नहीं किया गया है।
कासगंज जनपद कांशीरामनगर के नाम से सृजित हुआ तभी इसकी एनआईसी वेबसाइट कांशीरामनगरएनआईसी डॉट इन तैयार की गई। जनपद से संबंधित बहुत सी जानकारियां इस साइट पर अपलोड की गईं। लेकिन इसके बाद तमाम विभागों ने अपना डाटा अपडेट नहीं किया। ट्रेजरी, बाल विकास विभाग, सेवायोजन कार्यालय, जिला प्रोबेशन कार्यालय सहित अन्य विभागों पर क्लिक करने पर उनका पेज ही नहीं खुलता है। वहीं स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, जनसंख्या आदि की जानकारियां भी पुरानी ही हैं। अभी भी वेबसाइट पर 2001 की जनसंख्या का विवरण है।
यदि आपको किसी अधिकारी से दूरभाष पर कोई शिकायत करनी हो या सूचना देनी हो तो जरूरी नहीं कि वेबसाइट पर मौजूद टेलीफोन डायरेक्ट्री से लिया गया नंबर आपके काम आ जाए। दरअसल वेबसाइट पर टेलीफोन डायरेक्ट्री में पुराने अधिकारियों ही मोबाइल नंबर फीड हैं। केवल उन्हीं विभागों के नंबर सही हैं, जिनके सीयूजी (कॉल यूजर ग्रुप) नंबर हैं।
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टेलीफोन डायरेक्ट्री से अधिकारियों के नाम हटाए
कासगंज (ब्यूरो)। टेलीफोन डायरेक्ट्री से अधिकारियों के नाम एवं पदनाम सहित मोबाइल व कार्यालयों के नंबर फीड किए गए थे। लेकिन अब इसे अपडेट करने के स्थान पर अधिकारियों के नाम हटा दिए हैं और केवल पद नाम और मोबाइल नंबर ही शेष हैं। समाज कल्याण विभाग, बाल विकास विभाग सहित कई विभागों के अधिकारियों के तबादले होने के बाद नए आए अधिकारियों के नंबर फीड नहीं किए गए हैं।
वेबसाइट का एड्रेस बदलने के लिए एनआईसी दिल्ली से डोमेन नेम दिया जाता है। यह डोमेन नेम मिलते ही वेबसाइट का एड्रेस बदला जा सकेगा। जिन विभागों ने अपडेटेड डाटा दिया है, उनका डाटा अपडेट एनआईसी की साइट पर कर दिया गया है। वहीं समाज कल्याण विभाग, भूलेख, आपूति विभाग आदि को विभाग की मूल साइट से लिंक किया गया है, जिससे अपडेटेड जानकारियां साइट पर सर्फ करने वालों को मिल जाएं।
- चिराग भाटिया
राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र अधिकारी।
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कासगंज जनपद कांशीरामनगर के नाम से सृजित हुआ तभी इसकी एनआईसी वेबसाइट कांशीरामनगरएनआईसी डॉट इन तैयार की गई। जनपद से संबंधित बहुत सी जानकारियां इस साइट पर अपलोड की गईं। लेकिन इसके बाद तमाम विभागों ने अपना डाटा अपडेट नहीं किया। ट्रेजरी, बाल विकास विभाग, सेवायोजन कार्यालय, जिला प्रोबेशन कार्यालय सहित अन्य विभागों पर क्लिक करने पर उनका पेज ही नहीं खुलता है। वहीं स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, जनसंख्या आदि की जानकारियां भी पुरानी ही हैं। अभी भी वेबसाइट पर 2001 की जनसंख्या का विवरण है।
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यदि आपको किसी अधिकारी से दूरभाष पर कोई शिकायत करनी हो या सूचना देनी हो तो जरूरी नहीं कि वेबसाइट पर मौजूद टेलीफोन डायरेक्ट्री से लिया गया नंबर आपके काम आ जाए। दरअसल वेबसाइट पर टेलीफोन डायरेक्ट्री में पुराने अधिकारियों ही मोबाइल नंबर फीड हैं। केवल उन्हीं विभागों के नंबर सही हैं, जिनके सीयूजी (कॉल यूजर ग्रुप) नंबर हैं।
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टेलीफोन डायरेक्ट्री से अधिकारियों के नाम हटाए
कासगंज (ब्यूरो)। टेलीफोन डायरेक्ट्री से अधिकारियों के नाम एवं पदनाम सहित मोबाइल व कार्यालयों के नंबर फीड किए गए थे। लेकिन अब इसे अपडेट करने के स्थान पर अधिकारियों के नाम हटा दिए हैं और केवल पद नाम और मोबाइल नंबर ही शेष हैं। समाज कल्याण विभाग, बाल विकास विभाग सहित कई विभागों के अधिकारियों के तबादले होने के बाद नए आए अधिकारियों के नंबर फीड नहीं किए गए हैं।
वेबसाइट का एड्रेस बदलने के लिए एनआईसी दिल्ली से डोमेन नेम दिया जाता है। यह डोमेन नेम मिलते ही वेबसाइट का एड्रेस बदला जा सकेगा। जिन विभागों ने अपडेटेड डाटा दिया है, उनका डाटा अपडेट एनआईसी की साइट पर कर दिया गया है। वहीं समाज कल्याण विभाग, भूलेख, आपूति विभाग आदि को विभाग की मूल साइट से लिंक किया गया है, जिससे अपडेटेड जानकारियां साइट पर सर्फ करने वालों को मिल जाएं।
- चिराग भाटिया
राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र अधिकारी।