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1.84 करोड़ पर कुंडली मारे बैठे प्रधानाध्यापक
Kasganj
Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
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कासगंज। विद्यालयों में तमाम सुविधाओं के लिए शासन स्तर से दिए जा रहे धन का सदुपयोग नहीं हो रहा है। विद्यालयों के प्रधानाध्यापक इस दिशा में उदासीन बने हुए हैं।
शासन से विद्यालयों की रंगाई-पुताई, टीएलएम एवं स्कूल ग्रांट के लिए धन दिया जाता है। स्कूल ग्रांट से विद्यालयों में बच्चों की जरूरत के लिए टाट-पट्टी, कुर्सी मेज सहित अन्य सामान की खरीदारी की जा सकती है। वर्तमान सत्र में इन सभी मदों पर एक करोड़ 84 लाख 17 हजार 500 रुपये की धनराशि 1349 परिषदीय विद्यालयों को जारी की गई। शिक्षा सत्र में पांच माह का समय बीत चुका है लेकिन विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने मिले धन का अभी तक उपयोग करना जरूरी नहीं समझा है। जनपद के विद्यालय के भवन काफी बदहाल अवस्था में है। तमाम विद्यालय ऐसे है जिनमें बच्चों को बैठने के लिए टाट-पट्टी आदि तक नहीं है। बेसिक शिक्षाधिकारी दीवान सिंह ने बताया कि इस संबंध में सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देशित कर दिया गया है। यदि उनके द्वारा तीन दिन के अंदर कार्य नहीं कराया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
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शासन से विद्यालयों की रंगाई-पुताई, टीएलएम एवं स्कूल ग्रांट के लिए धन दिया जाता है। स्कूल ग्रांट से विद्यालयों में बच्चों की जरूरत के लिए टाट-पट्टी, कुर्सी मेज सहित अन्य सामान की खरीदारी की जा सकती है। वर्तमान सत्र में इन सभी मदों पर एक करोड़ 84 लाख 17 हजार 500 रुपये की धनराशि 1349 परिषदीय विद्यालयों को जारी की गई। शिक्षा सत्र में पांच माह का समय बीत चुका है लेकिन विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने मिले धन का अभी तक उपयोग करना जरूरी नहीं समझा है। जनपद के विद्यालय के भवन काफी बदहाल अवस्था में है। तमाम विद्यालय ऐसे है जिनमें बच्चों को बैठने के लिए टाट-पट्टी आदि तक नहीं है। बेसिक शिक्षाधिकारी दीवान सिंह ने बताया कि इस संबंध में सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देशित कर दिया गया है। यदि उनके द्वारा तीन दिन के अंदर कार्य नहीं कराया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
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