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प्राइवेट स्कूलों के बच्चों को बांट दी सरकारी पुस्तकें
Kasganj
Updated Sun, 18 Nov 2012 12:00 PM IST
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कासगंज। एक शासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। विद्यालय द्वारा अपने विद्यालय में मिड डे मील का धन हड़पने को फर्जी छात्र संख्या अंकित की हुई थी। यही नहीं सरकारी पुस्तकों का भी विद्यालय में दुरुपयोग किया गया। जांच के बाद मामला सही पाए जाने पर विद्यालय के स्टाफ का वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है।
सुभाष पूर्व माध्यमिक विद्यालय फिरोजपुर में फर्जीवाड़ा होने क ी शिकायत ग्रामीणों के द्वारा परिवहन राज्य मंत्री मानपाल सिंह से की गई थी। परिवहन राज्य मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बेसिक शिक्षाधिकारी को मामले की जांच कराने के निर्देश जारी किए थे। बीएसए ने डिप्टी बीएसए विजय सिंह कुशवाह को मामले की जांच सौंपी। जांच के बाद विद्यालय में सरकारी किताबों को एक निजी विद्यालय के बच्चों को उपलब्ध करा देने एवं मिड डे मील का धन हड़पने को फर्जी छात्र संख्या दर्शाने का मामला सामने आया। विद्यालय के प्रधानाचार्य से जांच के दौरान अभिलेख मांगे गए, लेकिन अभिलेखों को उपलब्ध नहीं कराया गया। डिप्टी बीएसए ने अपनी जांच रिपोर्ट कार्रवाई की संस्तुति करते हुए बीएसए को सौंप दी। बीएसए दीवान सिंह ने डिप्टी बीएसए की रिपोर्ट के आधार पर विद्यालय के स्टाफ का वेतन रोकने की कार्रवाई की है। बेसिक शिक्षाधिकारी ने बताया कि यह मामला काफी गंभीर है। प्रधानाध्यापक से विद्यालय से संबधित सारे अभिलेख मांगे गए है।
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सुभाष पूर्व माध्यमिक विद्यालय फिरोजपुर में फर्जीवाड़ा होने क ी शिकायत ग्रामीणों के द्वारा परिवहन राज्य मंत्री मानपाल सिंह से की गई थी। परिवहन राज्य मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बेसिक शिक्षाधिकारी को मामले की जांच कराने के निर्देश जारी किए थे। बीएसए ने डिप्टी बीएसए विजय सिंह कुशवाह को मामले की जांच सौंपी। जांच के बाद विद्यालय में सरकारी किताबों को एक निजी विद्यालय के बच्चों को उपलब्ध करा देने एवं मिड डे मील का धन हड़पने को फर्जी छात्र संख्या दर्शाने का मामला सामने आया। विद्यालय के प्रधानाचार्य से जांच के दौरान अभिलेख मांगे गए, लेकिन अभिलेखों को उपलब्ध नहीं कराया गया। डिप्टी बीएसए ने अपनी जांच रिपोर्ट कार्रवाई की संस्तुति करते हुए बीएसए को सौंप दी। बीएसए दीवान सिंह ने डिप्टी बीएसए की रिपोर्ट के आधार पर विद्यालय के स्टाफ का वेतन रोकने की कार्रवाई की है। बेसिक शिक्षाधिकारी ने बताया कि यह मामला काफी गंभीर है। प्रधानाध्यापक से विद्यालय से संबधित सारे अभिलेख मांगे गए है।
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